राष्ट्रीय आय की मूल अवधारणाएं

अर्थशास्त्र, CLASS 12, RBSE

अध्याय 14 राष्ट्रीय आय की मूल अवधारणाएं

प्रश्न 1राष्ट्रीय आय किसे कहते हैं ?
उत्तर बोलचाल की भाषा में एक देश की आय को राष्ट्रीय आय कहते हैं।
प्रश्न 2 राष्ट्रीय आय क्या दर्शाती हैं ?
उत्तर राष्ट्रीय आय एक देश की अर्थव्यवस्था के प्रभाव दर्शाती है ।
प्रश्न 3 स्टॉक किसे कहते हैं ?
उत्तर जब किसी आर्थिक चर का अध्ययन एक निश्चित समय बिंदु पर किया जाता है, तो उसे स्टॉक कहा जाता है ।
प्रश्न 4 प्रवाह किसे कहते हैं ?
उत्तर जब किसी आर्थिक चर का अध्ययन एक समयावधि में किया जाता है, तो उसे प्रवाह कहा जाता है।
प्रश्न 5 शेपीरो के अनुसार स्टॉक एवं प्रवाह क्या है?
उत्तर शेपीरो के अनुसार- “एक स्टॉक समय की एक निर्दिष्ट बिंदु में माप मात्रा है, और प्रवाह वह मात्रा है जो कि केवल समय के एक निर्दिष्ट काल में मापी जा सकती हैं”।



प्रश्न 6 राष्ट्रीय आय स्टॉक है अथवा प्रवाह ?
उत्तर राष्ट्रीय आय एक प्रकार का प्रवाह होता है। यह प्रवाह 1 वर्ष की अवधि से संबंध रखता है।
प्रश्न 7 भारत में एक वित्तीय वर्ष कब से कब तक होता है ?
उत्तर भारत में किसी वर्ष के 1 अप्रैल से अगले वर्ष के 31 मार्च के दो समय बिंदुओं के बीच एक वित्तीय वर्ष होता है।
प्रश्न 8 आय के चक्राकार प्रवाह के विचारों की अवधारणा सर्वप्रथम किसने दी ?
उत्तर आय के चक्राकार प्रवाह के विचारों की अवधारणा पहली बार फ्रांस के प्रकृतिवादी कृषि अर्थशास्त्री फ्रेंकायज क्वीजने ने सन् 1758 में दी।
प्रश्न 9 फ्रेंकायज क्वीजने द्वारा दी गई आर्थिक तालिका को दुबारा प्रकाशित करने वाले अर्थशास्त्री का नाम बताइए।
उत्तर कार्ल मार्क्स ने फ्रेंकायज क्वीजने द्वारा दी गई आर्थिक तालिका को दुबारा प्रकाशित कराया।
प्रश्न 10 आयलर प्रमेय क्या है ?
उत्तर आयलर प्रमेय के अनुसार समस्त उत्पादन का पूरा-पूरा बंटवारा उत्पादन के साधनों को जाता है, साधनों को उत्पादन का वितरण होने पर उन्हें साधन आय प्राप्त होती है।


प्रश्न 11 राष्ट्रीय आय का चक्राकार प्रवाह किसे कहते हैं ?
उत्तर एक देश के परिवारों एवं व्यवसायिक फर्मों के मध्य उत्पादक आर्थिक क्रियाओं के द्वारा कमाई गई आमदनी घूमती रहती है, जिसे ही आय का चक्राकार प्रवाह कहते हैं।
प्रश्न 12 आय का चक्राकार प्रवाह का मॉडल किन बातों को आवश्यक मानता है?
उत्तर आय का चक्राकार प्रवाह का मॉडल निम्न बातों को आवश्यक मानता है-
1 एक देश में संपूर्ण उत्पादन केवल व्यवसायिक फर्मे ही करती हैं।
2 व्यवसायिक फर्मे अपना संपूर्ण उत्पादन बेच देती हैं, बिना बेचा उत्पादन, कच्चा माल शेष नहीं बचता है।
3 एक देश में सरकार तो होती है किंतु वह कर इत्यादि नहीं लेती तथा लोगों को सहायता, अनुदान नहीं देती है ।
4 एक देश की अर्थव्यवस्था बंद है अर्थात विदेशों से आयात व निर्यात नहीं होता है ।
प्रश्न 13 खुली अर्थव्यवस्था वाले देश की आय के चक्राकार प्रवाह के क्षेत्र कौन-कौन से हैं ?
उत्तर जब एक देश की अर्थव्यवस्था खुली होती है तब आय के चक्राकार प्रवाह के क्षेत्रों की संख्या 5 होती हैं।परिवार, व्यवसायिक फर्मे, पूंजी बाजार , सरकार एवं शेष विश्व ।
प्रश्न 14 आय के चक्राकार मॉडल में कौन-कौन से क्षेत्र होते हैं ? नाम बताइए ।
उत्तर आय के चक्राकार प्रवाह मॉडल में दो क्षेत्र होते हैं -1 प्रथम क्षेत्र 2 वित्तीय क्षेत्र
प्रथम क्षेत्र – परिवार क्षेत्र तथा द्वितीय क्षेत्र – व्यवसाय क्षेत्र।
प्रश्न 15 परिवार क्षेत्र से क्या तात्पर्य है?
उत्तर परिवार क्षेत्र से आशय वह क्षेत्र है जो उत्पादन के साधनों का स्वामी है। परिवार में केवल व्यवसायिक फर्मों के द्वारा किए गए उत्पादन का उपयोग होता है।



प्रश्न 16 व्यवसाय क्षेत्र से क्या तात्पर्य है?
उत्तर व्यवसाय क्षेत्र का अर्थ वह क्षेत्र है जो परिवार से उत्पादन के साधनों की सहायता से उत्पादन करता है, तथा उपभोग हेतु उसी उत्पादन को परिवार को बेच देता है।
प्रश्न 17 परिवार की आय का निर्माण किससे होता है? उत्तर परिवार की आय का निर्माण व्यवसायिक फर्मों के व्यय से होता है।
प्रश्न 18 व्यवसायिक फर्मों की आय का निर्माण किससे होता है?
उत्तर व्यवसायिक फर्मों की आय का निर्माण परिवार के व्यय के द्वारा होता है।
प्रश्न 19 आय का वास्तविक प्रवाह किसे कहते हैं ?
उत्तर उत्पादन के साधनों का परिवार से व्यवसायिक फर्मों की ओर तथा व्यवसायिक फर्मों से उपभोग हेतु वस्तुओं और सेवाओं का परिवार की ओर प्रवाह वास्तविक प्रवाह कहलाता है।
प्रश्न 20 आय का मौद्रिक प्रवाह किसे कहते हैं?
उत्तर व्यवसायिक फर्मों से साधन भुगतान का परिवार की ओर तथा परिवार से उपभोग व्यय के रुप में व्यवसायिक फर्मों की ओर प्रवाह मौद्रिक प्रवाह कहलाता है।


प्रश्न 21 आय के चक्राकार प्रवाह मॉडल से क्या निष्कर्ष निकलते हैं ?
उत्तर आय के चक्राकार प्रवाह मॉडल से निम्नलिखित निष्कर्ष निकलते हैं –
वस्तुओं व सेवाओं के लेन-देन की राशियां बराबर होती हैं ।
वस्तुओं व सेवाओं का प्रवाह जिस दिशा में होता है उसके विपरीत दिशा में मुद्रा का प्रभाव होता है।
प्रश्न 22 उपभोग वस्तुएं किसे कहते हैं
उत्तर वे वस्तुए जो समाज में लोग अपनी आवश्यकताओं को संतुष्ट करने के प्रयोग में लेते हैं, उपभोग वस्तुएं कहलाती हैं। उपभोग वस्तुएं अन्य वस्तुओं के उत्पादन में काम नहीं ली जाती हैं।उपभोग वस्तुएं ही अंतिम वस्तुएं होती हैं।
प्रश्न 23 पूंजीगत वस्तुएं किसे कहते हैं ?
उत्तर उत्पादन में सहायता करने वाले वे साधन जो टिकाऊ होते हैं, पूंजीगत वस्तुएं कहलाती हैं। पूंजीगत वस्तुओं द्वारा कई वर्ष तक उत्पादन किया जा सकता है। पूंजीगत वस्तुओं पर देश का विकास निर्भर करता है।
प्रश्न 24 अंतिम वस्तुएं क्या होती हैं ?
उत्तर वे सभी वस्तुएं या सेवाएं जिनका उपभोग या उत्पादन में उपयोग किया जा सकता है, जिन्हें और किसी उत्पादन प्रक्रिया से नहीं गुजरना होता, इस प्रकार की वस्तुओं एवं सेवाओं को अंतिम वस्तुएं कहते हैं।
प्रश्न 25 मध्यवर्ती वस्तु किसे कहते हैं ?
उत्तर वे सभी वस्तुएं जिनको अंतिम वस्तु बनने के लिए उत्पादन प्रक्रिया के एक या अधिक चरणों से होकर गुजरना होता है, मध्यवर्ती वस्तुएं कहलाती है।



प्रश्न 26 निवेश किसे कहते हैं ?
उत्तर उत्पादन के लिए किए जाने वाला व्यय निवेश कहलाता है ।
प्रश्न 27 मौद्रिक निवेश किसे कहते हैं ?
उत्तर जब एक उत्पादक नगद धन व्यय करता है तब वह मौद्रिक निवेश कहलाता है ।
प्रश्न 28 वास्तविक निवेश किसे कहते हैं ?
उत्तर उत्पादक द्वारा किए गए मौद्रिक निवेश को जब भौतिक वस्तुओं पर व्यय कर दिया जाता है, तो उसे वास्तविक निवेश कहते हैं।वास्तविक निवेश से ही उत्पादन तथा उत्पादन क्षमता में सुधार होता है।
प्रश्न 29 निवेश कितने प्रकार का होता है ?
उत्तर निवेश दो प्रकार का होता है -सकल निवेश एवं शुद्ध निवेश।
प्रश्न 30 सकल निवेश किसे कहते हैं ?
उत्तर एक निश्चित अवधि में उत्पादक पूंजीगत वस्तुओं पर जो व्यय करता है, उसे सकल निवेश कहते हैं ।



प्रश्न 31 शुद्ध निवेश किसे कहते हैं ?
उत्तर सकल निवेश में से भौतिक पूंजीगत वस्तुओं की घिसावट अर्थात मूल्यहास को घटाने पर बचे शेष को शुद्ध निवेश कहा जाता है।
प्रश्न 32 मूल्यह्रास किसे कहते हैं ?
उत्तर पूंजीगत वस्तुओं में घिसावट को मूल्यह्रास कहा जाता है । मूल्यह्रास एक प्रकार की हानि होती है। मूल्यह्रास की गणना सकल निवेश में से शुद्ध निवेश घटाकर करते हैं।
प्रश्न 33 घरेलू सीमा की अवधारणा क्या है?
उत्तर घरेलू सीमा की अवधारणा का अर्थ एक देश की भौगोलिक सीमा के भीतर की जाने वाली आर्थिक क्रियाओं से होता है, जिसमें देश की भौगोलिक सीमा के बाहर की आर्थिक क्रियाएं सम्मिलित नहीं की जाती हैं।
प्रश्न 34 सामान्य निवासियों की अवधारणा क्या है?
उत्तर सामान्य निवासियों की अवधारणा के अंतर्गत राष्ट्रीय आय की गणना में एक देश के सामान्य निवासियों की क्रियाओं से अर्जित आय ही सम्मिलित की जाती है। यहा सामान्य निवासियों का अर्थ उस देश की नागरिकता प्राप्त व्यक्तियों से हैं।
प्रश्न 35 विदेशों से प्राप्त विशुद्ध साधन आय कैसे ज्ञात की जाती है?
उत्तर विदेशियों से प्राप्त विशुद्ध साधन आय आयात व निर्यातो को घटाकर उनके अंतर द्वारा ज्ञात की जाती है।



प्रश्न 36 एक देश में होने वाले उत्पादन का मूल्यांकन किस आधार पर किया जाता है?
उत्तर एक देश में होने वाले उत्पादन का मूल्यांकन बाजार कीमत पर किया जाता है इसके लिए साधन लागत व अप्रत्यक्ष कर को जोड़ दिया जाता है तथा सरकार द्वारा दिए गए अनुदान को घटाया जाता है।
प्रश्न 37 विशुद्ध परोक्ष कर किसे कहते हैं ?
उत्तर सकल अप्रत्यक्ष कर एवं अनुदान के अंतर को विशुद्ध परोक्ष कर कहा जाता है।