अध्याय 13 बाजार संतुलन

ARTS, अर्थशास्त्र, CLASS 12, COMMERCE

अध्याय 13 बाजार संतुलन

प्रश्न 1 साम्य शब्द का क्या आशय हैं ?
उत्तर साम्य का तात्पर्य जड़ता नहीं, बल्कि गति में अपरिवर्तनशीलता से हैं।
प्रश्न 2 साम्य शब्द किस भाषा से लिया गया है ?
उत्तर लेटिन भाषा ।
प्रश्न 3 साम्य शब्द का क्या अर्थ है ?
उत्तर समान तुलन ।
प्रश्न 4 प्रोफेसर स्टिगलर के अनुसार साम्य की परिभाषा बताइए ।
उत्तर प्रोफेसर स्टिगलर के अनुसार “संतुलन वह स्थिति है जिसमें गति की शुद्ध प्रवृत्ति इस तथ्य पर बल देती है कि वह स्थिति आवश्यक रूप से आकस्मिक जड़ता की नहीं होती किंतु इसके स्थान पर बलशाली शक्तियों को निष्प्रभाव करने की होती है।”
प्रश्न 5 प्रो. जे. के. मेहता के अनुसार साम्य की परिभाषा बताइए।
उत्तर प्रो. जे. के. मेहता के अनुसार संतुलन का अर्थ है विश्राम की ऐसी स्थिति जिसकी विशेषता है परिवर्तन का अभाव।
प्रश्न 6 प्रोफेसर बोल्डिंग के अनुसार साम्य की परिभाषा बताइए ।
उत्तर प्रोफेसर बोल्डिंग के अनुसार “एक गेंद जो समान गति से लटकती जा रही हो या इससे भी अच्छा उदाहरण एक वन का है जिसमें पेड़ उगते हैं, बढ़ते हैं या नष्ट होते हैं परंतु समूचे वन की संरचना में कोई परिवर्तन नहीं आता । यह संतुलन का यांत्रिक उदाहरण है।


प्रश्न 7 बाजार संतुलन का क्या तात्पर्य है ?
उत्तर बाजार संतुलन का तात्पर्य बाजार की उस स्थिति से है जहां पर बाजार में वस्तु की बाजार मांग पर बाजार पूर्ति बराबर होती है। स्पष्ट है कि जब किसी वस्तु की मांग व पूर्ति में समानता स्थापित हो जाती है अर्थात अधिमांग एवं अधिपूर्ति शून्य हो तो वह अवस्था बाजार संतुलन कहलाती हैं।
प्रश्न 8 बाजार संतुलन को और किन नामों से जाना जाता है ?
उत्तर बाजार संतुलन को मूल्य निर्धारण का सामान्य सिद्धांत या मूल्य निर्धारण का मांग व पूर्ति सिद्धांत भी कहा जाता है।
प्रश्न 9 मार्शल के अनुसार वस्तु का मूल्य किसके द्वारा निर्धारित होता है ? उत्तर मार्शल के अनुसार वस्तु का मूल्य वस्तु की मांग व पूर्ति दोनों की शक्तियों के द्वारा निर्धारित होता है।
प्रश्न 10 बाजार संतुलन की व्याख्या किन घटकों से समझी जा सकती है ?
प्रश्न 11 उपभोक्ता किसी वस्तु की मांग क्यों करता है ?
उत्तर उपभोक्ता द्वारा किसी वस्तु की मांग उसकी उपयोगिता के कारण की जाती है क्योंकि वस्तु में उपभोक्ता की आवश्यकता को संतुष्ट करने का गुण होता है।
प्रश्न 12 उपभोक्ता किसी वस्तु का मूल्य देने हेतु क्यों तत्पर होता है ?
उत्तर उपभोक्ता आवश्यकता के संतुष्ट करने हेतु वस्तु को प्राप्त करना चाहता है जिसके बदले वह मुद्रा के रूप में उसका मूल्य देने को तत्पर होता है।
प्रश्न 13 उपभोक्ता वस्तु का अधिकतम कितना मूल्य दे सकता है ?


उत्तर किसी वस्तु की सीमांत उपयोगिता से उसका मूल्य अधिक नहीं हो सकता सीमांत उपयोगिता ही मूल्य की अधिकतम सीमा होती है अतः उपभोक्ता एक वस्तु के लिए उसकी सीमांत उपयोगिता जितना मूल्य दे सकता है।
प्रश्न 14 किसी वस्तु की सीमांत उपयोगिता एवं उसकी कीमत में क्या संबंध है ?
उत्तर वस्तु की सीमांत उपयोगिता ही कीमत की अधिकतम सीमा होती हैं।
प्रश्न 15 “मांग मूल्य” किसे कहा जाता है ?
उत्तर एक क्रेता जिस मूल्य पर वस्तु की एक निश्चित मात्रा क्रय करने हेतु तैयार हो उसे “मांग मूल्य” कहा जाता है।
प्रश्न 16 बाजार मांग अनुसूची कैसे प्राप्त होती है ?
उत्तर बाजार के सभी क्रेताओं की मांग अनुसूचियों का योग करने पर बाजार मांग अनुसूची प्राप्त हो जाती है।
प्रश्न 17 वस्तु की कीमत बढ़ने पर बाजार मांग पर क्या प्रभाव पड़ता है ?
उत्तर वस्तु की कीमत बढ़ने पर बाजार मांग घट जाती है।
प्रश्न 18 उपभोक्ता के मांग वक्र का ढाल कैसा होता है ?
उत्तर उपभोक्ता के मांग वक्र का ढाल ऋणात्मक होता है।
प्रश्न 19 बाजार मांग को कैसे व्यक्त व्यक्त किया जाता है ?
उत्तर सभी उपभोक्ताओं की मांग का योग बाजार मांग वक्र द्वारा व्यक्त किया जाता है।


प्रश्न 20 किसी वस्तु का मूल्य कितना होगा ?
उत्तर किसी वस्तु का मूल्य उसकी सीमांत लागत जितना होता है।
प्रश्न 21 किसी वस्तु की पूर्ति क्यों की जाती हैं?
उत्तर किसी वस्तु की पूर्ति लाभ अर्जन के उद्देश्य से की जाती है।
प्रश्न 22 वस्तु की पूर्ति के लिए कितना मूल्य लिया जाता है?
उत्तर वस्तु की पूर्ति के लिए वस्तु की सीमांत लागत जितना मूल्य लिया जाता है।
प्रश्न 23 वस्तु की सीमांत लागत किसे व्यक्त करती है ?
उत्तर वस्तु की सीमांत लागत उसके मूल्य की निम्नतम सीमा को व्यक्त करती हैं।
प्रश्न 24 व्यक्तिगत पूर्ति अनुसूची किसे कहते हैं ?
उत्तर एक उत्पादक निश्चित समय पर विभिन्न कीमतों पर वस्तु की अलग-अलग मात्राएं बेचने को तत्पर होता है जो उसकी व्यक्तिगत पूर्ति अनुसूची कहलाती है।
प्रश्न 25 बाजार पूर्ति अनुसूची किसे कहते हैं ?
उत्तर बाजार के समस्त व्यक्तिगत उत्पादकों की पूर्ति अनुसूचियों का योग करने पर प्राप्त अनुसूची बाजार की पूर्ति अनुसूची कहलाती हैं।


प्रश्न 26 कीमतें बढ़ने पर पूर्ति पर क्या प्रभाव पड़ता है ?
उत्तर वस्तु की कीमत बढ़ने पर विभिन्न उत्पादकों द्वारा वस्तु की पूर्ति बढ़ाई जाती हैं।
प्रश्न 27 कीमत एवं बाजार पूर्ति में कैसा संबंध होता है ?
उत्तर कीमत एवं बाजार पूर्ति में धनात्मक सीधा व प्रत्यक्ष संबंध होता है।
प्रश्न 28 पूर्ति का ढाल कैसा होता है ?
उत्तर पूर्ति वक्र का ढाल धनात्मक होता है।
प्रश्न 29 वस्तु की सीमांत उपयोगिता किसे व्यक्त करती है ?
उत्तर वस्तु की सीमांत उपयोगिता उसके मूल्य की निम्नतम सीमा को व्यक्त करती हैं।
प्रश्न 30 वस्तु का वास्तविक मूल्य कहां निर्धारित होता है ?
उत्तर वस्तु का वास्तविक मूल्य उस बिंदु पर निर्धारित होता है, जहां पर उस वस्तु की मांग व पूर्ति बराबर हो जाए।
प्रश्न 31 “साम्य कीमत” या “संतुलन मूल्य” किसे कहा जाता है ?
उत्तर साम्य बिंदु पर निर्धारित कीमत को ही साम्य कीमत या संतुलन मूल्य कहा जाता है।


प्रश्न 32 “साम्य मात्रा” एवं “संतुलन मात्रा” किसे कहा जाता है ?
उत्तर साम्य कीमत पर निर्धारित वस्तु की मात्रा को साम्य मात्रा या संतुलन मात्रा कहा जाता है।
प्रश्न 33 पूर्ति का आधिक्य किसे कहते हैं ?
उत्तर वस्तु की पूर्ति उसकी मांग की अपेक्षा अधिक होती है इसे पूर्ति का आधिक्य कहा जाता है।
प्रश्न 34 मांग का आधिक्य किसे कहते हैं ?
उत्तर मांग का आधिक्य उस स्थिति को कहा जाता है जब वस्तु की पूर्ति की अपेक्षा उसकी मांग अधिक होती है।
प्रश्न 35 मांग व पूर्ति में कितने प्रकार से परिवर्तन हो सकता है ?
उत्तर मांग व पूर्ति में निम्नलिखित प्रकार से परिवर्तन हो सकते है – 1 मांग में वृद्धि
2 मांग में कमी
3 पूर्ति में कमी
4 पूर्ति में वृद्धि
5 मांग एवं पूर्ति दोनों में एक साथ परिवर्तन।
प्रश्न 36 मांग में कितने प्रकार से परिवर्तन संभव है ?
उत्तर मांग में निम्नलिखित प्रकार से परिवर्तन हो सकते है – 1 मांग में वृद्धि 2 मांग में कमी
प्रश्न 37 मांग में वृद्धि का प्रभाव बताइए ।
उत्तर मांग में वृद्धि के कारण कीमत में वृद्धि होती हैं।
प्रश्न 38 मांग में कमी का प्रभाव बताइए ।
उत्तर मांग में कमी के कारण कीमत में कमी होती है।
प्रश्न 39 पूर्ति में कितने प्रकार से परिवर्तन संभव है ?
उत्तर पूर्ति में निम्नलिखित प्रकार से परिवर्तन हो सकते है – 1 पूर्ति में वृद्धि 2 पूर्ति में कमी
प्रश्न 40 पूर्ति में वृद्धि का प्रभाव बताइए ।
उत्तर पूर्ति में वृद्धि के कारण कीमत में कमी होती है।
प्रश्न 41 पूर्ति में कमी का प्रभाव बताइए ।


उत्तर पूर्ति में कमी के कारण कीमत में वृद्धि होती है।
प्रश्न 42 मांग व पूर्ति दोनों में एक साथ परिवर्तन का साम्य कीमत एवं साम्य मात्रा पर क्या प्रभाव पड़ता है ?
उत्तर मांग व पूर्ति दोनों में एक साथ परिवर्तन के कारण सामने कीमत में वृद्धि या कमी हो सकती है अथवा अपरिवर्तित भी रह सकती हैं।
प्रश्न 43 किस स्थिति में साम्य कीमत पर मांग पक्ष का प्रभाव अधिक होता है ?
उत्तर यदि मांग में परिवर्तन पूर्ति के परिवर्तन की अपेक्षा अधिक हो तो साम्य कीमत पर मांग पक्ष का प्रभाव अधिक होता है।
प्रश्न 44 किस स्थिति में साम्य कीमत पर पूर्ति पक्ष का प्रभाव अधिक होता है ?
उत्तर यदि पूर्ति में परिवर्तन मांग में परिवर्तन की अपेक्षा अधिक हो तो साम्य कीमत पर पूर्ति पक्ष का प्रभाव अधिक होता है।
प्रश्न 46 कीमत एवं मात्रा का नया साम्य कब स्थापित होता है ?
उत्तर मांग एवं पूर्ति के द्वारा साम्य बिंदु स्थापित होता है, दोनों पक्षों में से एक पक्ष में भी परिवर्तन हो जाए तो नया साम्य स्थापित होता है।