अध्याय 24 अंतरराष्ट्रीय व्यापार

ARTS, अर्थशास्त्र, CLASS 12, COMMERCE

अध्याय 24 अंतरराष्ट्रीय व्यापार

प्रश्न 1 किसी देश में किस प्रकार की अर्थव्यवस्था की कल्पना भी बेईमानी होगी ?
उत्तर बंद अर्थव्यवस्था।
प्रश्न 2 आज का युग कैसी अर्थव्यवस्था का युग है ?
उत्तर खुली अर्थव्यवस्था ।
प्रश्न 3 बंद अर्थव्यवस्था किसे कहते हैं ?
उत्तर ऐसी अर्थव्यवस्था जो दूसरे देश से कोई आर्थिक लेन-देन अथवा व्यापार नहीं करती, बंद अर्थव्यवस्था कहलाती है। इस प्रकार की अर्थव्यवस्था में केवल देश में उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं का ही उपयोग किया जाता है।
प्रश्न 4 खुली अर्थव्यवस्था किसे कहते हैं ?
उत्तर खुली अर्थव्यवस्था एक ऐसी अर्थव्यवस्था है जिसमें अन्य देशों के साथ वस्तुओं और सेवाओं का परस्पर लेनदेन तथा वित्तीय परिसंपत्तियों का भी व्यापार किया जाता है।
प्रश्न 5 अंतर्राष्ट्रीय व्यापार का अर्थ बताइए।
उत्तर दो अथवा दो से अधिक देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का विनिमय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार कहलाता है, दूसरे शब्दों में किसी देश की भौगोलिक सीमाओं के बाहर होने वाला व्यापार अंतर्राष्ट्रीय व्यापार कहलाता है।



प्रश्न 6 आंतरिक या घरेलू व्यापार किसे कहते हैं ?
उत्तर किसी देश की भौगोलिक सीमाओं के भीतर होने वाला व्यापार, आंतरिक व्यापार या घरेलू व्यापार कहलाता है।
प्रश्न 7 अंतर्राष्ट्रीय व्यापार की आवश्यकता क्यों होती हैं ?
उत्तर अंतरराष्ट्रीय व्यापार की आवश्यकता निम्नलिखित कारणों से होती हैं –
1 आवश्यकता की वस्तुओं के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहना पड़ता है।
2 उत्पादन के विशिष्टीकरण के कारण, उत्पादन लागत कम करने के प्रयास में अंतरराष्ट्रीय व्यापार की आवश्यकता होती हैं।
3 आधुनिक टेक्नोलॉजी प्राप्त करने के लिए अंतरराष्ट्रीय व्यापार की आवश्यकता होती है।
4 विक्रय मात्रा बढ़ाने और अधिक लाभ कमाने के लिए अंतरराष्ट्रीय व्यापार की आवश्यकता होती हैं।
5 विकासशील देशों के विकास में अंतरराष्ट्रीय व्यापार एक महत्वपूर्ण कारक है इसलिए इसकी आवश्यकता होती हैं।
प्रश्न 8 अंतर्राष्ट्रीय महत्व को बताने वाली परिभाषाएं बताइए ।
उत्तर जेकब वाइनर के अनुसार “विदेशी व्यापार कुछ अंश तक विशिष्टीकरण को जन्म देता है।”
वालटर क्रूसे के अनुसार “अंतरराष्ट्रीय व्यापार अधिक मनुष्यों को जीने की अनुमति देता है, विभिन्न रुचियों को प्रदान करके जनता को उच्च जीवन स्तर का आनंद लेता है जो शायद उसकी अनुपस्थिति में संभव नहीं होता।”
प्रश्न 9 अंतरराष्ट्रीय व्यापार के महत्व वाले बिंदु बताइए।
उत्तर अंतरराष्ट्रीय व्यापार के महत्व को निम्न बिंदुओं से समझाया जा सकता है-
1 उपभोक्ता, उत्पादक और विनियोगकर्ता को अधिक वस्तुओं के चयन का अवसर प्रदान करता है।
2 प्राकृतिक संसाधन का पूर्ण उपयोग होने में सहायक होता है।
3 प्रत्येक देश को विकास करने का समान अवसर प्रदान करता है।4 प्राकृतिक आपदाओं में आवश्यक वस्तुओं को उपलब्ध करवाने में सहायक होता है।
4 विकासशील देशों को वित्तीय सुविधा एवं आधुनिक टेक्नोलॉजी प्राप्त होने से तीव्र औद्योगिकीकरण की संभावनाएं बढ़ती हैं।
5 अंतर्राष्ट्रीय व्यापार से देशों में परस्पर सद्भावना बढ़ती हैं।
प्रश्न 10 व्यापार संतुलन किसे कहते हैं ?
उत्तर एक देश द्वारा किए गए आयात और निर्यात की मात्रा द्वारा व्यापार संतुलन स्थापित होता है। यदि आयतों की तुलना में निर्यात अधिक होते हैं तो व्यापार संतुलन अनुकूल होता है, जबकि निर्यात की तुलना में आयात अधिक होने पर व्यापार संतुलन प्रतिकूल होता है। इसके अंतर्गत केवल दृश्य मदों को ही शामिल किया जाता है।
प्रश्न 11 भुगतान संतुलन किसे कहते हैं ?
उत्तर भुगतान संतुलन एक व्यापक अवधारणा है, इसमें दृश्य एवं अदृश्य दोनों ही प्रकार की मदों को शामिल किया जाता है, इसके अतिरिक्त पूंजी खाते को भी शामिल किया जाता है।



प्रश्न 12 व्यापार संतुलन एवं भुगतान संतुलन में अंतर बताइए।
उत्तर व्यापार संतुलन के अंतर्गत केवल दृश्य मदों को सम्मिलित किया जाता है जबकी भुगतान संतुलन के अंतर्गत दृश्य एवं अदृश्य मदों दोनों को शामिल किया जाता है।
प्रश्न 13 बोसोडस्र्टन के अनुसार भुगतान संतुलन क्या है ?
उत्तर बोसोडस्र्टन के अनुसार “भुगतान संतुलन किसी देश के लिए अंतरराष्ट्रीय लेन-देन में प्राप्तियों और भुगतान को दर्ज करने का तरीका मात्र है।”
प्रश्न 14 भुगतान संतुलन सदैव संतुलित रहता है। क्यों?
उत्तर भुगतान संतुलन में दृश्य एवं अदृश्य दोनों प्रकार की वस्तुएं शामिल होती हैं, इसलिए यह सदैव संतुलित रहता है।
प्रश्न 15 सेयर्स के अनुसार विदेशी विनिमय दर का अर्थ बताइए ।
उत्तर सेयर्स के अनुसार चलन मुद्राओं के परस्पर मूल्यों को ही विदेशी विनिमय दर कहा जाता है।
प्रश्न 16 हेन्स के अनुसार विदेशी विनिमय दर का अर्थ बताइए।
उत्तर हेन्स के अनुसार “विनिमय दर एक मुद्रा की दूसरी मुद्रा के रूप में व्यक्त की गई कीमत है।”
प्रश्न 17 विदेशी विनिमय बाजार किसे कहते हैं ?
उत्तर एक ऐसा बाजार जहां दो या अधिक देशों के मध्य उनकी मुद्राओं का विनिमय होता है, विदेशी मुद्रा के लेन-देन का यह बाजार विदेशी विनिमय बाजार कहलाता है।
प्रश्न 18 विदेशी विनिमय बाजार के एजेंट कौन हो सकते हैं ?
उत्तर विदेशी विनिमय बाजार के प्रमुख एजेंट व्यवसायिक बैंक, अधिकृत डीलर और मुद्रा प्राधिकारी हो सकते हैं।



प्रश्न 19 विदेशी विनिमय दर कहां तय होती है ?
उत्तर विदेशी विनिमय दर विनिमय बाजार में तय होती है।
प्रश्न 20 विनिमय दर कितने प्रकार की होती हैं ?
उत्तर विनिमय दर अग्रिम, तत्काल, अनुकूल, प्रतिकूल, स्थिर और अस्थिर आदि कई प्रकार की होती हैं।
प्रश्न 21 विनिमय दर के निर्धारण के सिद्धांत कौन-कौन से हैं ?
उत्तर विनिमय दर के निर्धारण के लिए मांग पूर्ति सिद्धांत, क्रय शक्ति समता सिद्धांत, भुगतान शेष सिद्धांत और टकसाल दर समता सिद्धांत आदि प्रचलित है।
प्रश्न 22 विनिमय दर निर्धारण का मांग पूर्ति सिद्धांत क्या है ?
उत्तर विदेशी विनिमय बाजार में विनिमय दर का निर्धारण विदेशी विनिमय की मांग और पूर्ति द्वारा निर्धारित होता है, इसे विनिमय दर निर्धारण का मांग पूर्ति सिद्धांत कहा जाता है।
प्रश्न 23 डॉलर की विनिमय दर बढ़ने का भारत में डॉलर की मांग पर क्या प्रभाव पड़ता है ?
उत्तर डॉलर के विनिमय दर बढ़ने पर भारत में डॉलर की मांग में कमी होती है।
प्रश्न 24 भुगतान संतुलन संतुलन की स्थिति में बना रहता है। क्यों ?
उत्तर विदेशी मुद्रा की मांग रोजगार विनिमय दरों के कारण संतुलन में बनी रहती हैं, इसलिए भुगतान संतुलन संतुलन की स्थिति में बना रहता है।



प्रश्न 25 विनिमय दर किन-किन आर्थिक कारणों से प्रभावित होती हैं ?
उत्तर विनिमय दर विदेशी विनिमय की मांग या पूर्ति के अलावा अन्य कई आर्थिक कारणों से प्रभावित होती हैं जैसे आयात और निर्यात की मात्रा, देश की पूंजी का प्रवाह, बैंक दर और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अनिश्चितता तथा देश का राजनीतिक वातावरण।
प्रश्न 26 पाल एन्जिंग के अनुसार अवमूल्यन क्या है ?
उत्तर पाल एन्जिंग के अनुसार अवमूल्यन से तात्पर्य मुद्राओं के अधिकृत समताओं में कमी करने से हैं।
प्रश्न 27 अवमूल्यन व अधिमूल्यन का अर्थशास्त्र में क्या महत्व है ?
उत्तर अवमूल्यन व अधिमूल्यन के द्वारा किसी देश के भुगतान संतुलन को समायोजित किया जा सकता है।
प्रश्न 28 अवमूल्यन किसे कहते हैं ?
उत्तर किसी देश कि सरकार द्वारा अपनी मुद्रा को विदेशी मुद्रा के सापेक्ष में मूल्य हास करने की प्रक्रिया है जिसे अवमूल्यन कहा जाता है।

प्रश्न 29 सरकार अवमूल्यन क्यों करती हैं ?
उत्तर सरकार अपने व्यापार घाटे को कम करने के लिए अवमूल्यन करती हैं, इसके कारण देश के आयात महंगे और निर्यात सस्ते हो जाते हैं।
प्रश्न 30 अधिमूल्यन किसे कहते हैं ?
उत्तर सरकार द्वारा देश की मुद्रा का मूल्य विदेशी मुद्रा के सापेक्ष में बढ़ा दिया जाता है इसे अधिमूल्यन कहां जाता है।
प्रश्न 31 सरकार अधिमूल्यन क्यों करती हैं ?
उत्तर सरकार द्वारा भुगतान संतुलन को समायोजित करने के लिए अधिमूल्यन किया जाता है, इसके कारण निर्यात महंगे हो जाते हैं और आयात सस्ते हो जाते हैं।



प्रश्न 32 अवमूल्यन एवं अधिमूल्यन किसके अंतर्गत किए जाते हैं ?
उत्तर अवमूल्यन एवं अधिमूल्यन दोनों ही मौद्रिक स्थिर विनिमय दर प्रणाली के अंतर्गत किए जाते हैं।
प्रश्न 32 मुद्रा मूल्य वृद्धि किसे कहते हैं ?
उत्तर अधिमूल्यन यदि अस्थाई विनिमय दर प्रणाली के अंतर्गत होता है, तो उसे मुद्रा मूल्य वृद्धि कहते हैं।