अध्याय 22 अधिमांग एवं न्यून मांग अवधारणा

ARTS, अर्थशास्त्र, CLASS 12, COMMERCE

अध्याय 22 अधिमांग एवं न्यून मांग अवधारणा

प्रश्न 1 प्रतिष्ठित अर्थशास्त्रियों के विचारों की कटु आलोचना किसने की ?
उत्तर किन्स ने।
प्रश्न 2 प्रतिष्ठित अर्थशास्त्रियों के अनुसार आय का उत्पादन निर्धारण किनसे प्रभावित होता है ?
उत्तर प्रतिष्ठित अर्थशास्त्रियों के अनुसार आय का उत्पादन निर्धारण वास्तविक घटनाओं जैसे पूंजी स्टॉक, श्रम की पूर्ति द्वारा प्रभावित होता है। सामान्य कीमत स्तर का उस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता।
प्रश्न 3 प्रतिष्ठित अर्थशास्त्रियों के अनुसार कीमत किसके द्वारा निर्धारित होती थी ?
उत्तर प्रतिष्ठित अर्थशास्त्रियों के अनुसार कीमत मुद्रा की पूर्ति द्वारा निर्धारित होती थी।
प्रश्न 4 किन्स के विचारों का प्रादुर्भाव कब हुआ ?
उत्तर किन्स के विचारों का प्रादुर्भाव सन 1930 की व्यापक आर्थिक मंदी के समय हुआ।
प्रश्न 5 किन्स के अनुसार आय और उत्पादन के निर्धारण का सिद्धांत किसे स्थिर मानकर चलता है ?
उत्तर किन्स के अनुसार आय और उत्पादन के निर्धारण का सिद्धांत कीमत स्तर को स्थिर मानकर चलता है।
प्रश्न 6 किन्स के अनुसार आय का निर्धारण कहां होता है ?
उत्तर किन्स के अनुसार आय का निर्धारण उस बिंदु पर होता है, जहां समग्र मांग, समग्र पूर्ति के बराबर होती हैं।

प्रश्न 7 किन्स के अनुसार मंदी में फैली व्यापक बेरोजगारी और अतिरिक्त उत्पादन क्षमता का प्रमुख कारण क्या था ?
उत्तर किन्स के अनुसार इसका प्रमुख कारण प्रभावपूर्ण मांग में कमी था।
प्रश्न 8 समग्र मांग-समग्र पूर्ति मॉडल द्वारा किसका पता चलता है ?
उत्तर समग्र मांग-समग्र पूर्ति मॉडल द्वारा सामान्य कीमत स्तर का निर्धारण तथा उत्पादन में होने वाले उतार-चढ़ाव का पता चलता है।
प्रश्न 9 समग्र मांग किसे कहते हैं ?
उत्तर समग्र मांग में उपभोग व्यय, निजी विनियोग, सरकार द्वारा वस्तु और सेवाओं का क्रय और शुद्ध निर्यात शामिल होते हैं। दूसरे शब्दों में अन्य बातों के समान रहने पर विभिन्न कीमत स्तर पर जो उपभोक्ताओं, विनियोगकर्ताओं, सरकार और विदेशियों द्वारा वस्तु और सेवा खरीदी जाती है उसे समग्र मांग कहते हैं। समग्र मांग को निम्नलिखित रुप से समीकरण के रूप में व्यक्त किया जा सकता है-
Y=C+I+G+Xn
प्रश्न 10 समग्र मांग वक्र क्या दर्शाता है ?
उत्तर समग्र मांग वक्र समग्र वस्तु और सेवाओं की मांग और सामान्य कीमत स्तर में संबंध को बताता है।
प्रश्न 11 कीमतों के बढ़ने से क्या प्रभाव पड़ते हैं ?
उत्तर कीमतों के बढ़ने से निम्नलिखित तीन प्रभाव पड़ते हैं – (1) कीमत बढ़ने पर उपभोग व्यय घट जाता है। (2) कीमत बढ़ने पर लोगों को लेन देन के उद्देश्य से अधिक मुद्रा की आवश्यकता होती हैं, जिससे ब्याज दर बढ़ती है, परिणाम स्वरुप विनियोग की मांग घट जाती है। (3) कीमत बढ़ने पर आयात अधिक व निर्यात कम होते हैं, जिससे शुद्ध निर्यात की मात्रा कम हो जाती है।
प्रश्न 12 कीमत घटने पर समग्र उत्पादन की मांग पर क्या प्रभाव पड़ता है ?
उत्तर कीमत घटने पर समग्र उत्पादन की मांग बढ़ जाती हैं।

प्रश्न 13 कीमत में वृद्धि होने पर समग्र उत्पादन की मांग पर क्या प्रभाव पड़ता है ?
उत्तर कीमत में वृद्धि होने पर समग्र उत्पादन की मांग कम हो जाती हैं ।
प्रश्न 14 सामान्य कीमत स्तर और समग्र उत्पादन की मांग में किस प्रकार का संबंध पाया जाता है
उत्तर सामान्य कीमत स्तर और समग्र उत्पादन की मांग में विपरीत संबंध पाया जाता है।
प्रश्न 15 समग्र पूर्ति किसे कहते हैं
उत्तर अन्य बातें समान रहने पर विभिन्न संभव कीमतों पर फर्में जो वस्तुओं और सेवाओं का उत्पादन करना चाहती है, समग्र पूर्ति कहलाती हैं।
प्रश्न 16 प्रतिष्ठित अर्थशास्त्र के सिद्धांत किस मान्यता पर आधारित है ?
उत्तर प्रतिष्ठित अर्थशास्त्र के सिद्धांत पूर्ण रोजगार की मान्यता पर आधारित है।
प्रश्न 17 पूर्ण रोजगार की स्थिति में समग्र पूर्ति वक्र कैसा होता है
उत्तर पूर्ण रोजगार की स्थिति में समग्र पूर्ति वक्र एक लंबवत रेखा होती है।
प्रश्न 18 किन्स के अनुसार समग्र पूर्ति वक्र किस प्रकार का होता है ?
उत्तर किन्स के अनुसार समग्र पूर्ति वक्र मंदी के समय प्रारंभ में क्षैतिज होता है फिर पूर्ण रोजगार बिंदु पर लंबवत होता है।

प्रश्न 19 केन्जीयन रेंज किसे कहते हैं ?
उत्तर केन्जीयन समग्र पूर्ति वक्र के क्षैतिज भाग को केन्जीयन रेंज कहते हैं। जो X अक्ष के समांतर होता है।
प्रश्न 20 किन्स के अनुसार समग्र पूर्ति वक्र को कितने रेंजो में बांटा जाता है ?
उत्तर किन्स के अनुसार समग्र पूर्ति वक्र को तीन रेंजो में बांटा जाता है – (1) क्षैतिज रेंज (2) मध्यवर्ती रेंज (3) लंबवत रेंज ।
प्रश्न 21 केन्जीयन वक्र की तीनों रेंजो को समझाइए।
उत्तर (1) क्षैतिज रेंज – अप्रयुक्त साधनों के उपयोग से प्रति इकाई उत्पादन लागत में वृद्धि नहीं होने पर कीमतों में भी वृद्धि नहीं होती हैं। इस रेंज में केवल उत्पादन में वृद्धि होती हैं।
(2) मध्यवर्ती रेंज- इस रेंज में समग्र मांग में वृद्धि कीमतों में भी वृद्धि करती हैं। पूर्ण रोजगार पूर्व उत्पादन बढ़ाने पर प्रति इकाई लागत भी बढ़ती है, जिससे कीमतों में भी वृद्धि होती है।
(3) लंबवत रेंज – इस रेंज में पूर्ति वक्र पूर्णतया बेलोचदार होता है, जो कि उत्पादन के पूर्ण रोजगार स्तर को दर्शाता है। यहां कीमतों में परिवर्तन होता है एवं उत्पादन मात्रा अपरिवर्तित रहती हैं।
प्रश्न 22 कौनसा संतुलन अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थिति को बताता है ?
उत्तर अल्पकालीन संतुलन अर्थव्यवस्था की वास्तविक स्थिति को बताता है।
प्रश्न 23 वास्तविक GDP किसके इर्द गिर्द रहती है ?
उत्तर वास्तविक GDP, सामर्थ्य GDP के इर्द-गिर्द रहती है।
प्रश्न 24 न्यून मांग किसे कहते हैं ?
उत्तर जब समग्र पूर्ति समग्र मांग से अपेक्षाकृत अधिक होती है, इसे न्यून मांग कहते हैं।

प्रश्न 25 आधिक्य मांग किसे कहते हैं ?
उत्तर जब समग्र मांग समग्र पूर्ति की अपेक्षाकृत अधिक होती है, इसे आधिक्य मांग कहा जाता है।
प्रश्न 26 अल्पकाल में साम्य कब होता है ?
उत्तर समग्र मांग अल्पकालीन पूर्ति वक्र के बराबर होने पर अल्पकाल में साम्य होता है।
प्रश्न 27 मंदी किसे कहते हैं ?
उत्तर मंदी वह स्थिति होती है, जब आर्थिक क्रिया है जैसे वस्तुओं और सेवाओं के उत्पादन रोजगार की मांग तथा कीमतों में पर्याप्त कमी होती है।
प्रश्न 28 समृद्धि किसे कहते हैं ?
उत्तर समृद्धि वह स्थिति होती है, जब कीमतों में स्फीतिकारी वृद्धि होती है। उत्पादन रोजगार और आय ऊंचे स्तर पर होते हैं, वस्तु और सेवाओं की मांग अधिक होती है, समृद्धि कहलाती है।
प्रश्न 29 मंदी का समग्र मांग पर क्या प्रभाव पड़ता है ?
उत्तर मंदी में न्यून मांग की समस्या उत्पन्न हो जाती है अर्थात समग्र मांग समग्र पूर्ति से कम होती है।
प्रश्न 30 मंदी की स्थिति में सरकार कौन सी नीति अपनाती हैं ?
उत्तर मंदी की स्थिति में सरकार उचित राजकोषीय नीति एवं मौद्रिक नीति अपनाती है।
प्रश्न 31 सरकार समग्र मांग में वृद्धि करने के प्रयास में क्या करती हैं ?
उत्तर सरकार समग्र मांग में वृद्धि करने के लिए सार्वजनिक व्यय में वृद्धि करती है। तथा मुद्रा की पूर्ति में वृद्धि की जाती है।

प्रश्न 32 न्यून मांग में सरकार कौन सी नीति अपनाती है?
उत्तर न्यून मांग में सरकार विस्तारक मौद्रिक एवं राजकोषीय नीति अपनाती है।
प्रश्न 33 सरकार की राजकोषीय नीति द्वारा क्या प्रयास किया जाता है ?
उत्तर सरकार इस नीति द्वारा कर और व्यय में परिवर्तन द्वारा पूर्ण रोजगार और कीमत स्तर में स्थिरता लाने का प्रयास करती है।
प्रश्न 34 केंद्रीय बैंक मौद्रिक नीति का प्रयोग क्यों करता है ?
उत्तर केंद्रीय बैंक द्वारा मुद्रा की पूर्ति को नियंत्रित करने और आर्थिक नीति के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए मौद्रिक नीति अपनाई जाती है।
प्रश्न 35 मांग आधिक्य की स्थिति में सरकार द्वारा कौन सी नीति अपनाई जानी चाहिए ?
उत्तर मांग आधिक्य की स्थिति में सरकार द्वारा संकुचित मौद्रिक और राजकोषीय नीति अपनाई जानी चाहिए।
प्रश्न 36 करो की दरों में बहुत अधिक वृद्धि क्यों नहीं होनी चाहिए ?
उत्तर करो की दरों में बहुत अधिक वृद्धि नहीं होनी चाहिए अन्यथा निवेश और उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
प्रश्न 37 विमुद्रीकरण किसे कहते हैं ?
उत्तर जब देश की सरकार पुरानी मुद्रा को कानूनी तौर पर बंद कर देती है तो इसे विमुद्रीकरण कहा जाता है।

प्रश्न 38 8 नवंबर 2016 को भारत सरकार द्वारा किन नोटों का विमुद्रीकरण किया गया ?
उत्तर 8 नवंबर 2016 को भारत सरकार द्वारा 500 और 1000 के नोटों का विमुद्रीकरण किया गया।