अध्याय 16 राष्ट्रीय आय का मापन

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अध्याय 16 राष्ट्रीय आय का मापन

प्रश्न 1 राष्ट्रीय आय की सही गणना के लिए कौन सी जानकारी होना चाहिए ?
उत्तर राष्ट्रीय आय की गणना के लिए पूर्ण सैद्धांतिक जानकारी होनी चाहिए।

प्रश्न 2 आर्थिक विश्लेषण भावी अनुमान सदा नीति निर्माण किस पर निर्भर करता है ?
उत्तर आर्थिक विश्लेषण बाली हनुमान युद्ध नीति निर्माण राष्ट्रीय आय की गणना पर निर्भर करते हैं।

प्रश्न 3 राष्ट्रीय आय का प्रभाव कैसा होता है ?
उत्तर एक देश में राष्ट्रीय आय का चक्राकार प्रवाह होता है।

प्रश्न 4 राष्ट्रीय आय की गणना की मुख्य विधियां कौन-कौन सी हैं ?
उत्तर राष्ट्रीय आय की गणना की मुख्य तीन विधियां निम्नलिखित हैं उत्पादन विधि हाय विधि वह विधि।

प्रश्न 5 राष्ट्रीय आय की गणना उत्पादन विधि आयुर्वेदीय विधि से करने पर राष्ट्रीय आय के प्रवाह की मात्रा समान क्यों बनी रहती है ?
उत्तर देश का कुल उत्पादन देश की कुल आई हो जाती है एक देश के लोगों के पास जितने आए होती है उस सीमा तक वह खर्च कर सकते हैं अतः देश की कुल आय देश के कुल में के रूप में बदल जाती हैं इस कारण कुल राष्ट्रीय उत्पादन को राष्ट्रीय आय और कुल राष्ट्रीय में तीनों समान रहते हैं।

प्रश्न 6 राष्ट्रीय आय गणना की सबसे सरल विधि कौन सी होती हैं ?
उत्तर राष्ट्रीय आय की गणना की सबसे सरल विधि उत्पादन विधि है।

प्रश्न 7 उत्पादन विधि द्वारा राष्ट्रीय आय की गणना कैसे की जाती है ?
उत्तर राष्ट्रीय आय की गणना हेतु उत्पादित अंतिम उपभोग की वस्तुओं या सेवाओं की मात्रा व कीमत को गुणा करते हुए उत्पादन का मूल्य ज्ञात करते हैं अंत में सभी उत्पादित अंतिम उपभोग वस्तुओं और सेवाओं के मूल्यों को जोड़ते हैं इस प्रकार सकल राष्ट्रीय उत्पाद की अदालत राष्ट्रीय आय की गणना है।

प्रश्न 8 उत्पादन विधि द्वारा राष्ट्रीय आय की गणना में अंतरिम मध्यवर्ती वस्तुओं और सेवाओं को सम्मिलित क्यों नहीं किया जाता है ?
उत्तर उत्पादन विधि द्वारा राष्ट्रीय आय की गणना में अंतिम एवं मध्यवर्ती वस्तुओं को सम्मिलित नहीं किया जाता क्योंकि इनको सम्मिलित करने पर राष्ट्रीय आय की दोहरी गणना या भ्रामक गणना हो जाती हैं।

प्रश्न 9 उत्पादन विधि से राष्ट्रीय आय की गणना करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए ?
उत्तर उत्पादन विधि से राष्ट्रीय आय की गणना करते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए – (1) केवल अंतिम उपभोग की वस्तुओं सेवाओं का मूल्य को ही योग करना चाहिए (2) मध्यवर्ती वस्तुओं का मूल्य शामिल नहीं करना चाहिए (3) उत्पादन के मूल्यों में से उत्पादन के साधनों पर किए गए खर्च को घटाते हैं।

प्रश्न 10 राष्ट्रीय आय की गणना में दोहरी गणना का ध्यान नहीं रखा जाए तो क्या होता है ?
उत्तर राष्ट्रीय आय की गणना करते समय इस बात का ध्यान नहीं रखा जाता है तो राष्ट्रीय आय की गणना गलत मूल्य बताएगी जो भ्रामक होगी।

प्रश्न 11 मूल्यहास किसे कहते हैं ?
उत्तर उत्पादन करते समय उत्पादन के साधनों में टूट-फूट घिसावट होती है, इसी प्रकार के अन्य और हानियां होती हैं जिन्हें मूल्यहास कहा जाता है। राष्ट्रीय आय की गणना करते समय मूल्यहास को सकल राष्ट्रीय आय में से घटाया जाता है।

प्रश्न 12 राष्ट्रीय आय गणना की आय विधि से किसकी जानकारी मिलते हैं ?
उत्तर राष्ट्रीय आय गणना की आय विधि से एक देश में आय के वितरण की जानकारी मिलती है।

प्रश्न 13 उत्पादन के साधनों को उत्पादन का पूर्ण का वितरण किस प्रकार होता है ?
उत्तर उत्पादन के साधनों को उत्पादन का पूर्ण विवरण निम्न प्रकार से होता है-
श्रम की कीमत – मजदूरी
पूंजी के उपयोग की कीमत – ब्याज
भूमि के उपयोग की कीमत – लगान ।
उद्यमशीलता के उपयोग की कीमत – लाभ इत्यादि।

प्रश्न 14 राष्ट्रीय आय की गणना के लिए उत्पादन के साधनों को वितरित आय के घटक कौन से होते हैं ?
उत्तर साधनों को वितरित आय के घटक निम्नलिखित होते हैं -मजदूरी, ब्याज, लगान, लाभ, मिश्रित आय।

प्रश्न 15 साधन आय किसे कहते हैं ?
उत्तर उत्पादन के पूर्णतः वितरण से प्राप्त प्रतिफल उत्पादन के साधनों के मालिकों की साधन आय होती हैं।

प्रश्न 16a आय विधि द्वारा राष्ट्रीय आय की गणना कैसे की जाती हैं ?
उत्तर आय विधि से राष्ट्रीय आय की गणना के लिए साधनों की आय को जोड़ते हैं।

प्रश्न 16b आय विधि द्वारा राष्ट्रीय आय की गणना का सूत्र लिखिए ?
उत्तर सकल राष्ट्रीय आय = मजदूरी + ब्याज + लगान + लाभ + घिसावट।

प्रश्न 17 व्यय विधि द्वारा राष्ट्रीय आय की गणना कैसे की जाती है?
उत्तर राष्ट्रीय आय की गणना के लिए जब व्यय विधि का उपयोग करते हैं, तो सकल राष्ट्रीय आय की राशि ज्ञात करने के लिए एक वर्ष में होने वाले व्ययो तथा घिसावट का योग करते हैं।

प्रश्न 18 राष्ट्रीय आय की गणना के लिए एक देश में होने वाले व्यय के प्रमुख घटक कौन से होते हैं ?
उत्तर राष्ट्रीय आय की गणना के लिए एक देश में होने वाले व्यय के प्रमुख निम्न घटक होते हैं (1) निजी – उपभोग (2) विनियोग / निवेश (3) सरकारी व्यय (4) शुद्ध निर्यात।

प्रश्न 19 निजी -उपभोग व्यय किसे कहा जाता है?
उत्तर व्यक्तियों व परिवारों द्वारा होने वाले उपभोग व्यय को निजी- उपभोग व्यय कहा जाता है।

प्रश्न 20 निजी उपभोग व्यय किन वस्तुओं पर किया जाता है ?
उत्तर निजी उपभोग व्यय के अंतर्गत जिन वस्तुओं में सेवाओं पर वह किया जाता है, वह निम्न प्रकार की होती है – (1) अस्थायी उपभोक्ता वस्तुएं (2) टिकाऊ – उपभोक्ता वस्तुएं (3) उपभोक्ता सेवाएं।

प्रश्न 21 विनियोग अथवा निवेश व्यय किसे कहते हैं ?
उत्तर निवेश एक प्रकार का उत्पादन के लिए किया जाने वाला व्यय होता है।

प्रश्न 22 “पूंजी के उपभोग का प्रावधान” किसे कहते हैं ?
उत्तर घिसावट एक प्रकार की हानि होती हैं, गिरावट के लिए एक प्रकार का प्रावधान किया जाता है यह प्रावधान “पूंजी के उपभोग का प्रावधान” कहलाता है।

प्रश्न 23 निवेश कितने प्रकार के होते हैं ?
उत्तर निवेश चार प्रकार के होते हैं – (1) व्यवसायिक स्थिर- निवेश (2) माल के भंडारों में निवेश (3) गृह -निर्माण में निवेश (4) सरकारी निवेश।

प्रश्न 24 सरकारी व्यय किसे कहते हैं?
उत्तर सरकार द्वारा विभिन्न प्रकार की वस्तुओं सेवाएं प्रदान की जाती हैं, जिन पर होने वाले व्यय को सरकारी व्यय कहते हैं। सरकारी व्यय में शिक्षा, चिकित्सा, प्रतिरक्षा, कानून, व्यवस्था इत्यादि सम्मिलित होते हैं।

प्रश्न 25 शुद्ध निर्यात व्यय कैसे ज्ञात करते हैं ?
उत्तर एक निश्चित अवधि में होने वाले आयात व निर्यात के अंतर के आधार पर शुद्ध निर्यात व्यय ज्ञात किया जाता है।

प्रश्न 26 सकल राष्ट्रीय व्यय की गणना किस प्रकार की जाती हैं ?
उत्तर सकल राष्ट्रीय व्यय की गणना निम्न प्रकार से की जाती हैं –
सकल राष्ट्रीय व्यय = परिवारों का उपभोग व्यय + निजी निवेश व्यय + सरकारी व्यय + शुद्ध विदेशी व्यय।

प्रश्न 27 व्यय विधि द्वारा राष्ट्रीय आय की गणना में कौन सी समस्याएं आती हैं ?
उत्तर व्यय विधि द्वारा राष्ट्रीय आय की गणना में निम्नलिखित समस्याएं आती हैं – (1) कम विकसित देशों में ज्यादातर उत्पादन का वस्तु विनिमय होता है। (2) कम विकसित देशों में लोग अनपढ़ होते हैं । (3) बहुत सारे लेनदेन बाजार के बाहर होने के कारण सरकार को जानकारी ही नहीं होती हैं । (4) पिछड़े देशों में श्रम विभाजन एवं विशिष्टीकरण नहीं होता है। (5) राष्ट्रीय आय की सूचना आसानी से नहीं मिलती हैं। (6) राष्ट्रीय आय के आंकड़े भी कम विश्वसनीय होते हैं।

प्रश्न 28 कल्याण शब्द से क्या अभिप्राय है ?
उत्तर कल्याण से अभिप्राय व्यक्ति अथवा समाज की उस स्थिति से होता है जब दोनों प्रसन्न और संतुष्ट होते हैं।

प्रश्न 29 अर्थशास्त्र के अनुसार आर्थिक कल्याण किसे कहते हैं ?
उत्तर अर्थशास्त्रियों के अनुसार आर्थिक कल्याण से आशय उस कल्याण से होता है जिसे प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष रूप से मुद्रा द्वारा मापा जा सकता है।

प्रश्न 30 राष्ट्रीय आय व आर्थिक कल्याण में कैसा संबंध होता है ?
उत्तर राष्ट्रीय आय व आर्थिक कल्याण में गहरा संबंध देखने को मिलता है। राष्ट्रीय आय के बढ़ने के साथ-साथ एक देश के लोगों का आर्थिक कल्याण भी बढ़ता है।

प्रश्न 31 आर्थिक कल्याण और राष्ट्रीय आय के वितरण में क्या संबंध है ?
उत्तर राष्ट्रीय आय का वितरण जितना समतापूर्ण होगा आर्थिक कल्याण उतना ही अधिक मात्रा में होगा।

प्रश्न 32 हरित लेखांकन किसे कहते हैं ?
उत्तर हरित लेखांकन एक नई शब्दावली है हरित लेखांकन में पर्यावरण की हानि का अध्ययन किया जाता है और सकल राष्ट्रीय उत्पाद में से घटाया जाता है।

प्रश्न 33 “पर्यावरण संशोधित राष्ट्रीय आय” किसे कहते हैं ?
उत्तर पर्यावरण की हानि की मात्रा को राष्ट्रीय आय में से घटाकर पर्यावरण संशोधित राष्ट्रीय आय ज्ञात की जाती है।

प्रश्न 34 टिकाऊ विकास किस दशा में किया जा सकता है ?
उत्तर समतापूर्ण वितरण व पर्यावरण की उत्तम दशा से एक देश में टिकाऊ विकास किया जा सकता है।

प्रश्न 35 सतत विकास किसे कहते हैं ?
उत्तर टिकाऊ विकास भविष्य की आवश्यकताओं को प्रभावित किए बिना वर्तमान की आवश्यकताओ की पूर्ति करने वाला विकास होता है, यह सतत विकास कहलाता है।