गुणक प्रक्रिया की समग्र मांग समग्र पूर्ति वक्र विधि

गुणक प्रक्रिया की समग्र मांग समग्र पूर्ति वक्र विधि

अर्थशास्त्र

गुणक प्रक्रिया की समग्र मांग समग्र पूर्ति वक्र विधि

गुणक प्रक्रिया की समग्र मांग समग्र पूर्ति वक्र विधिगुणक प्रक्रिया की समग्र मांग समग्र पूर्ति वक्र विधि उपरोक्त चित्र में x अक्ष एवं y अक्ष पर क्रमशः आय, उपभोग एवं निवेश को दर्शाया गया है। तथा AS 45 डिग्री की एक सरल रेखा खींची गई हैं। जिसे समग्र मांग AD=C+Ia साम्य स्तर पर प्रतिच्छेद करती हैं। और आय Y1 निर्धारित होती हैं।

तत्पश्चात स्वायत्त निवेश में परिवर्तन के परिणामस्वरूप AD वक्र समानांतर ऊपर की ओर खिसक कर AD1= C+Ia+∆Ia में परिवर्तित हो जाता है। यह AD1 वक्र AS वक्र को E2 बिंदु पर प्रतिच्छेद करता है और आय का नया स्तर निर्धारित होता है। चित्रानुसार यह स्पष्ट होता है कि निवेश में परिवर्तन से आय में भी परिवर्तन होता है और यह निवेश गुणक के कारण होता है। निवेश गुणक को हम सूत्र रूप में निम्न प्रकार लिख सकते हैं:-

निवेश गुणक = ∆Y/∆I = Y1Y2/I1I1



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