राजस्थान में धात्विक और अधात्विक खनिजों का वितरण और उत्पादन
प्रश्न 1: राजस्थान को ‘खनिजों का संग्रहालय’ क्यों कहा जाता है, और यह देश के खनिज उत्पादन में किस प्रकार योगदान देता है?
उत्तर: राजस्थान को उच्च खनिज विविधता के कारण ‘खनिजों का संग्रहालय’ कहा जाता है। राज्य में लगभग 81 प्रकार के खनिज उपलब्ध हैं, जिनमें से वर्तमान में 58 खनिजों का खनन किया जा रहा है (17 धात्विक और 39 गैर-धात्विक)। राजस्थान भारत में खनिजों के कुल उत्पादन में लगभग 22% का योगदान करता है, और यह गैर-धात्विक खनिजों के उत्पादन में देश में प्रथम स्थान पर है।
उत्पादन में विशिष्टता: राजस्थान सीसा और जस्ता अयस्क और सांद्रण, सेलेनाइट और वोलास्टोनाइट का एकमात्र उत्पादक राज्य है। इसके अलावा, देश में चांदी, कैल्साइट और प्राकृतिक जिप्सम का लगभग पूरा उत्पादन राजस्थान से होता है। यह तांबा अयस्क (54%), जिप्सम (82%), और टंगस्टन (27%) के संसाधनों का भी एक बड़ा हिस्सा रखता है।
प्रश्न 2: राजस्थान में सीसा, जस्ता और चांदी के वितरण और उत्पादन की स्थिति का उल्लेख करें।
उत्तर: सीसा और जस्ता को जुड़वा खनिज कहा जाता है, क्योंकि ये सामान्यतः एक साथ पाए जाते हैं।
- संसाधन और उत्पादन: राजस्थान सीसा-जस्ता अयस्क का सबसे बड़ा भंडार (629.92 मिलियन टन) रखता है, और उत्पादन तथा भंडारण दोनों में देश में प्रथम स्थान पर है। जस्ता के मामले में, देश का 92% भंडार राजस्थान में है।
- वितरण: प्रमुख जमाव क्षेत्र निम्नलिखित हैं:
- उदयपुर: जावर माइंस (देश की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण खान)।
- भीलवाड़ा: रामपुरा-आगुचा (एशिया का श्रेष्ठ भंडार) और पुर-बनेरा।
- राजसमंद: राजपुरा-दरीबा-बेथुमी और सिंदेसर खुर्द/कलं।
- चांदी: चांदी मुख्य रूप से सीसा-जस्ता अयस्कों में एक उप-उत्पाद के रूप में प्राप्त होती है (जैसे जावर और राजपुरा-दरीबा)।
प्रश्न 3: तांबा (Copper) और लौह अयस्क (Iron Ore) के वितरण के प्रमुख क्षेत्रों को स्पष्ट कीजिए।
उत्तर:
- तांबा (Copper):
- संसाधन और उत्पादन: राजस्थान में देश के कुल तांबा संसाधनों का 54% हिस्सा (809.09 मिलियन टन) है। यह तांबा सांद्रण का देश में दूसरा प्रमुख उत्पादक है, जो राष्ट्र के उत्पादन का 41% योगदान देता है।
- वितरण: तांबे के महत्वपूर्ण भंडार झुंझुनू (जैसे खेतड़ी कॉपर बेल्ट, कोलिहान, मदन कुदान, बनवासा), अलवर (खो-दरीबा), सीकर, और उदयपुर (अंजनी, चानी) जिलों में स्थित हैं।
- लौह अयस्क (Iron Ore):
- संसाधन: राज्य में अनुमानित 2621 मिलियन टन लौह-अयस्क (हेमेटाइट और मैग्नेटाइट दोनों) के संसाधन हैं।
- वितरण: महत्वपूर्ण क्षेत्रों में जयपुर (मोरीजा-नीमला), दौसा (लालसोट), उदयपुर (नाथरा-की-पाल, थुर), और भीलवाड़ा (पुर-बनेरा) शामिल हैं।
प्रश्न 4: राजस्थान में पाए जाने वाले किन्हीं दो महत्वपूर्ण अधात्विक खनिजों के वितरण और उपयोगों का वर्णन करें।
उत्तर:
- जिप्सम (Gypsum):
- उत्पादन: राजस्थान भारत में जिप्सम का 99% उत्पादन करता है।
- वितरण: प्रमुख भंडार नागौर (भदवासी, ढकोरिया, खरट, मंडावा), बीकानेर (जामसर – राज्य में सबसे बड़ा भंडार), जैसलमेर, बाड़मेर और गंगानगर जिलों में हैं।
- उपयोग: यह पोर्टलैंड सीमेंट, प्लास्टर ऑफ पेरिस, पेंट और उर्वरक (खाद) के उत्पादन में उपयोग किया जाता है।
- इमारत के पत्थर (Building Stones):
- संगमरमर: मकराना (नागौर) अपने सफेद संगमरमर के लिए विश्व प्रसिद्ध केंद्र है। राजसमंद और उदयपुर में भी महत्वपूर्ण भंडार हैं।
- ग्रेनाइट: जालौर, नागौर और उदयपुर प्रमुख ग्रेनाइट उत्पादक क्षेत्र हैं। राजस्थान का ग्रेनाइट अपनी गुणवत्ता के कारण वैश्विक प्राकृतिक पत्थर उद्योग में ब्राजील को चुनौती दे रहा है।