संग्रहालय और संग्रहालय-विज्ञान Museum and Museology ये नोट्स संग्रहालय (Museum) और संग्रहालय-विज्ञान (Museology) के मुख्य पहलुओं, उनकी परिभाषाओं, कार्यों और अवधारणाओं का सारांश प्रस्तुत करते हैं:
I. संग्रहालय की उत्पत्ति, अर्थ और अवधारणाएँ
- उत्पत्ति (Origin): ‘संग्रहालय’ शब्द की उत्पत्ति प्राचीन यूनानी शब्द ‘Mouseion’ (Μουσεῖον) से हुई है, जिसका अर्थ ‘मूसा (Muse) का आसन’ या ‘देवियों का मंदिर’ है,,। यूनानी पौराणिक कथाओं में मूसा (Muses) कला और विज्ञान की संरक्षक देवियाँ थीं,,।
- प्रारंभिक स्वरूप: प्राचीन काल में, एक Mouseion मुख्य रूप से एक दार्शनिक संस्था, चिंतन का स्थान,, या उन्नत अध्ययन के लिए एक केंद्र था, जैसा कि मिस्र में सिकंदरिया का महान संग्रहालय (Mouseion at Alexandria, 3 शताब्दी ईसा पूर्व में स्थापित) में था, जो एक विश्वविद्यालय जैसा था,,।
- संग्रहण का आरंभ: विश्व में ज्ञात सबसे पुराने संग्रहों में से एक एन्निगाल्डी-नानना का संग्रहालय था, जो लगभग 530 ईसा पूर्व में (आधुनिक इराक के) उर में स्थापित किया गया था, जहाँ कलाकृतियों को शैक्षिक उद्देश्यों के लिए लेबल किया गया था।
- भारत में प्राचीन संदर्भ: भारत में संग्रहालय की अवधारणा अति प्राचीन काल से देखी जा सकती है, जिसमें चित्र-शाला (चित्र-दीर्घा) और चित्र-वीथी का उल्लेख मिलता है,।
- आधुनिक युग: 15वीं शताब्दी में फ्लोरेंस में मेडिसी परिवार के संग्रह के लिए ‘Museum’ शब्द का उपयोग किया गया था,। 17वीं शताब्दी में निजी संग्रहों को ‘जिज्ञासा कक्ष’ (cabinets of curiosities) कहा जाता था, जो केवल कुलीन वर्ग के लिए सुलभ थे,। 18वीं शताब्दी के प्रबोधन काल (Age of Enlightenment) में संग्रहालय सार्वजनिक संस्थान बनने लगे,।
II. संग्रहालय की परिभाषा (ICOM के अनुसार)
संग्रहालयों की अंतर्राष्ट्रीय परिषद (ICOM) समय-समय पर संग्रहालय की परिभाषा को अद्यतन करती रही है, जो उसकी बदलती भूमिकाओं को दर्शाती है।
| परिभाषा (Definition) | मुख्य बिंदु (Key Highlights) | संदर्भ (Reference) |
|---|---|---|
| ICOM 2007 | यह एक गैर-लाभकारी, स्थायी संस्था है जो समाज और उसके विकास की सेवा में है। यह मानवता और उसके पर्यावरण की भौतिक (Tangible) और अमूर्त (Intangible) विरासत का अधिग्रहण, संरक्षण, शोध, संचार और प्रदर्शन शिक्षा, अध्ययन और आनंद के उद्देश्यों के लिए करता है। | ,,, |
| ICOM 2022 (वर्तमान) | यह एक गैर-लाभकारी, स्थायी, खुला, सुलभ और समावेशी संस्था है। यह विविधता और स्थिरता को बढ़ावा देता है, समुदायों की भागीदारी के साथ नैतिक और पेशेवर रूप से संचालित होता है, और शिक्षा, आनंद, चिंतन और ज्ञान साझा करने के लिए विभिन्न अनुभव प्रदान करता है। | , |
III. संग्रहालय-विज्ञान और संबंधित अवधारणाएँ
- संग्रहालय-विज्ञान (Museology): यह संग्रहालयों से संबंधित विज्ञान है,। इसमें संग्रहालयों के इतिहास और पृष्ठभूमि, समाज में उनकी भूमिका, शोध, संरक्षण, शिक्षा और संगठन की विशिष्ट प्रणालियों का अध्ययन शामिल है,।
- संग्रहालय-लेखन (Museography): यह संग्रहालयों के संचालन में प्रयुक्त तरीकों और पद्धतियों (methods and practices) का अध्ययन करता है,।
- संग्रहालय अध्ययन (Museum Studies): यह संग्रहालय-विज्ञान और संग्रहालय-लेखन का संयोजन है।
- आधुनिक दृष्टिकोण: वैश्वीकरण के बाद, संग्रहालयों की भूमिका केवल पुरावशेषों के संग्रह और प्रदर्शन तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह शिक्षा, अनुसंधान, बातचीत और संरक्षण का केंद्र बन गया,।
- नव संग्रहालय-विज्ञान (New Museology): इस नई अवधारणा के तहत, संग्रहालय समावेशी, सुलभ और नैतिक रूप से कार्य करते हुए समुदाय की भागीदारी और सामाजिक न्याय पर ज़ोर देते हैं,।
IV. संग्रहालय के प्रमुख कार्य (Core Functions)
संग्रहालय के मुख्य कार्य संग्रह की लंबी अवधि की उत्तरजीविता और ज्ञान का प्रसार सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य हैं।
- संग्रहण/अधिग्रहण (Collection/Acquisition): संग्रहालय के मिशन के अनुरूप कलात्मक, सांस्कृतिक, या वैज्ञानिक महत्व की वस्तुओं का व्यवस्थित अधिग्रहण करना,,। अधिग्रहण क्षेत्र कार्य (Field Work), उपहार/दान, खरीद, हस्तांतरण, या ऋण के माध्यम से हो सकता है,।
- संरक्षण (Preservation/Conservation): ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों को सुरक्षित रखना तथा संग्रह की अखंडता सुनिश्चित करना,,,। इसमें निवारक संरक्षण (Preventive Conservation) (पर्यावरण नियंत्रण) और उपचार/पुनर्स्थापन (Remedial/Restoration) दोनों शामिल हैं,।
- प्रलेखन (Documentation): वस्तुओं के संग्रह प्रबंधन, शोध और पुनर्प्राप्ति के लिए प्रत्येक वस्तु का व्यापक रिकॉर्ड बनाना,,। इसमें पंजीकरण (Accessioning) और वर्गीकरण (Cataloguing) शामिल है।
- शोध (Research): संग्रह, मानवजाति और पर्यावरण की समझ को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से प्राथमिक सामग्री साक्ष्य का अध्ययन करना,,,। अनुसंधान अब बहु-विषयक (multi-disciplinary) प्रकृति का हो गया है।
- प्रदर्शनी/संचार (Exhibition/Communication): संग्रह, शोध और ज्ञान को जनता के आनंद और शिक्षा के लिए प्रदर्शित करना,,। यह संग्रहालय का सबसे शक्तिशाली माध्यम है।
- शिक्षा (Education): जनता को ज्ञान प्रदान करना, जो अक्सर अनौपचारिक शिक्षा (Informal Education) के रूप में कार्य करता है, क्योंकि यह मुख्य रूप से आगंतुक की स्व-प्रेरणा पर निर्भर करता है,,,।
- सामाजिक-सांस्कृतिक भूमिका: संग्रहालय राष्ट्र के सांस्कृतिक रक्षक के रूप में कार्य करते हैं, लोगों को उनकी प्राकृतिक, सांस्कृतिक, वैज्ञानिक और तकनीकी विरासत से परिचित कराते हैं।