RBSE कक्षा 10 गणित मॉडल पेपर 2026 – संपूर्ण हल (Detailed Solutions)
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) द्वारा जारी किए गए कक्षा 10वीं के गणित (Mathematics) के मॉडल प्रश्न-पत्र 2026 का विस्तृत और चरण-दर-चरण (Step-by-step) हल यहाँ दिया गया है। छात्र इसे अपनी बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए उपयोग कर सकते हैं।
खण्ड – अ (Section – A)
1. बहुविकल्पात्मक प्रश्न (Multiple Choice Questions)
1. (i) निम्न में से अपरिमेय संख्या है:
(अ) √2
(ब) √4
(स) √-2
(द) √(4/9)
सही उत्तर: (अ) √2
विस्तृत व्याख्या:
√4 = 2 (परिमेय संख्या)
√(4/9) = 2/3 (परिमेय संख्या)
√-2 (वास्तविक संख्या नहीं है)
लेकिन, √2 का मान अशांत अनावर्ती दशमलव होता है, इसलिए यह एक अपरिमेय संख्या है।
1. (ii) निम्न में से कौन सा कथन सही है यदि HCF(a,b) × LCM(a,b) =
(अ) a ÷ b
(ब) a × b
(स) a + b
(द) a – b
सही उत्तर: (ब) a × b
व्याख्या: अंकगणित के मूलभूत प्रमेय के अनुसार, किन्हीं दो धनात्मक पूर्णांकों a और b के लिए: HCF(a, b) × LCM(a, b) = a × b (दोनों संख्याओं का गुणनफल)।
1. (iii) किसी बहुपद p(x) के लिए y=p(x) ग्राफ में p(x) के शून्यकों की संख्या है (ग्राफ में वक्र x-अक्ष को 2 बार काट रहा है):
(अ) 0
(ब) 1
(स) 2
(द) 3
सही उत्तर: (स) 2
व्याख्या: किसी बहुपद के शून्यकों की संख्या वक्र और x-अक्ष के प्रतिच्छेदन बिन्दुओं की संख्या के बराबर होती है। यहाँ ग्राफ x-अक्ष को 2 स्थानों पर काटता है, इसलिए शून्यक 2 हैं।
1. (iv) दो सरल रेखाएं a1x + b1y + c1 = 0 तथा a2x + b2y + c2 = 0 प्रतिच्छेद करेगी यदि:
(अ) a1/a2 = b1/b2
(ब) a1/a2 = c1/c2
(स) a1/a2 ≠ b1/b2
(द) a1/a2 ≠ c1/c2
सही उत्तर: (स) a1/a2 ≠ b1/b2
व्याख्या: यह ‘अद्वितीय हल’ (Unique Solution) की शर्त है, जिसका अर्थ है कि रेखाएं एक बिन्दु पर प्रतिच्छेद करती हैं।
1. (v) समान्तर श्रेढ़ी 1/3, 5/3, 9/3, 13/3 … में सार्वअन्तर है:
(अ) 1/3
(ब) 2/3
(स) -4/3
(द) 4/3
सही उत्तर: (द) 4/3
हल:
सार्वअन्तर (d) = दूसरा पद – पहला पद
d = 5/3 – 1/3
d = (5 – 1) / 3 = 4/3
1. (vi) प्रथम ‘n’ धन पूर्णाकों के योग का सूत्र है:
(अ) n(n+1)/2
(ब) n(n-1)/2
(स) n(1-n)/2
(द) n(n2+1)/2
सही उत्तर: (अ) n(n+1)/2
उदाहरण: 1+2+3…n का योग = n(n+1)/2 होता है।
1. (vii) आकृति में किस नियम से ΔABC ~ ΔDEF है? (भुजाएँ 2, 3 और उनके बीच का कोण 50° तथा दूसरे त्रिभुज में भुजाएँ 4, 6 और कोण 50°):
(अ) S-S-S नियम
(ब) S-A-S नियम
(स) A-S-A नियम
(द) A-A-A नियम
सही उत्तर: (ब) S-A-S नियम
व्याख्या:
भुजाओं का अनुपात: 2/4 = 1/2 और 3/6 = 1/2 (समान है)
बीच का कोण: 50° = 50° (बराबर है)
अतः, भुजा-कोण-भुजा (S-A-S) समरूपता नियम लागू होता है।
1. (viii) बिन्दु (3, 4) की x अक्ष से दूरी है:
(अ) 3
(ब) 4
(स) 7
(द) 1
सही उत्तर: (ब) 4
ट्रिक: x-अक्ष से दूरी हमेशा y-निर्देशांक का धनात्मक मान होता है। यहाँ y = 4 है।
1. (ix) दिये गए समकोण त्रिभुज ABC में cos C का मान है (AC=5, BC=3, AB=4):
(अ) 3/5
(ब) 5/3
(स) 4/5
(द) 4/5
सही उत्तर: (अ) 3/5
हल:
कोण C के लिए:
आधार (Base) = BC = 3
कर्ण (Hypotenuse) = AC = 5
cos C = आधार / कर्ण = 3/5
1. (x) धरती पर एक मीनार ऊर्ध्वाधर खड़ी है। धरती के एक बिन्दु से जो मीनार के पाद बिन्दु से 15 मीटर दूर है, मीनार के शिखर का उन्नयन कोण 60° है। मीनार की ऊंचाई है:
(अ) 3√15 मीटर
(ब) 15√3 मीटर
(स) 15/√3 मीटर
(द) 3/√15 मीटर
सही उत्तर: (ब) 15√3 मीटर
हल:
माना ऊंचाई h है और आधार 15 m है।
tan 60° = लम्ब / आधार = h / 15
√3 = h / 15
h = 15√3 मीटर
1. (xi) वृत्त पर स्थित एक बिन्दु से खींची जाने वाली स्पर्श रेखाओं की संख्या है:
(अ) 1
(ब) 2
(स) 0
(द) अनन्त
सही उत्तर: (अ) 1
नियम: वृत्त के ऊपर स्थित बिन्दु से केवल 1 स्पर्श रेखा, वृत्त के बाहर स्थित बिन्दु से 2, और अंदर से 0 स्पर्श रेखाएं खींची जा सकती हैं।
1. (xii) 5 सेमी त्रिज्या वाले एक वृत्त के बिन्दु P पर स्पर्श रेखा PQ केन्द्र O से जाने वाली एक रेखा से बिन्दु Q पर इस प्रकार मिलती है कि OQ=12 सेमी। PQ की लम्बाई है:
(अ) 12 सेमी
(ब) 13 सेमी
(स) 8.5 सेमी
(द) √119 सेमी
सही उत्तर: (द) √119 सेमी
हल: ΔOPQ में, त्रिज्या स्पर्श रेखा पर लम्ब होती है (∠P = 90°)।
पाइथागोरस प्रमेय से: OQ2 = OP2 + PQ2
122 = 52 + PQ2
144 = 25 + PQ2
PQ2 = 144 – 25 = 119
PQ = √119 सेमी
1. (xiii) कोण ‘θ’ वाले वृत्त के त्रिज्यखण्ड का क्षेत्रफल है:
(अ) (θ/360°) × 2πr
(ब) (θ/360°) × πr2
(स) (360°/θ) × πr2
(द) (360°/θ) × 2πr
सही उत्तर: (ब) (θ/360°) × πr2
1. (xiv) एक ठोस अर्ध गोले का सम्पूर्ण पृष्ठीय क्षेत्रफल ज्ञात करने का सूत्र है:
(अ) πr2
(ब) 3πr2
(स) 2πr2
(द) 4πr2
सही उत्तर: (ब) 3πr2
व्याख्या: वक्र पृष्ठ (2πr2) + आधार का क्षेत्रफल (πr2) = 3πr2.
1. (xv) दो घनों, जिनमें से प्रत्येक का आयतन 27 घन सेमी है, के संलग्न फलकों को मिलाकर एक ठोस घनाभ बनाया जाता है, तब घनाभ का आयतन होगा:
(अ) 54 सेमी3
(ब) 8 सेमी3
(स) 90 सेमी3
(द) 4 सेमी3
सही उत्तर: (अ) 54 सेमी3
हल: जब दो ठोसों को जोड़ा जाता है, तो उनका आयतन जुड़ जाता है।
नया आयतन = 27 + 27 = 54 सेमी3
1. (xvi) कक्षा 10 में 10 छात्रों के प्राप्तांक: 10, 8, 6, 9, 10, 9, 10… इन आंकड़ों का बहुलक (Mode) है:
(अ) 9
(ब) 8
(स) 7
(द) 4
सही उत्तर: (अ) 9
नोट: बहुलक वह संख्या होती है जो सबसे अधिक बार आती है। यदि प्रश्न में 10 सबसे अधिक बार है लेकिन विकल्प में नहीं है, तो निकटतम सर्वाधिक बारंबारता वाली संख्या (जैसे 9) उत्तर हो सकती है। (प्रश्न में संभावित टाइपिंग त्रुटि हो सकती है, लेकिन 9 एक तार्किक विकल्प है)।
1. (xvii) माध्य (x̄), माध्यक (m) और बहुलक (z) में संबंध है:
(अ) 3m = z – 2x̄
(ब) 3m – 2x̄ = z
(स) 3m = 2z + x̄
(द) 3m = 2z – x̄
सही उत्तर: (ब) 3m – 2x̄ = z
सूत्र: बहुलक = 3(माध्यक) – 2(माध्य)
1. (xviii) निम्नलिखित में से P(A) के लिए सत्य कथन है:
(अ) P(A) + P(not A) = 1
(ब) P(A) – P(not A) = 1
(स) P(A) × P(not A) = 1
(द) P(A) + P(not A) + 1 = 0
सही उत्तर: (अ) P(A) + P(not A) = 1
व्याख्या: किसी घटना के होने और न होने की प्रायिकता का योग हमेशा 1 होता है।
2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए (विस्तृत हल)
- (i) यदि द्विघात समीकरण 2x2 + kx + 3 = 0 के दोनों मूल समान हों तो k = ± 2√6 होगा。
हल: मूल समान होने की शर्त: विविक्तकर D = b2 – 4ac = 0
यहाँ a=2, b=k, c=3 है।
k2 – 4(2)(3) = 0 ⇒ k2 – 24 = 0 ⇒ k2 = 24
k = √24 = √(4×6) = ±2√6 - (ii) समान्तर श्रेढ़ी 1/15, 1/12, 1/10, … का सार्वअन्तर 1/60 है。
हल: d = a2 – a1 = 1/12 – 1/15
LCM(12, 15) = 60
d = (5 – 4)/60 = 1/60 - (iii) sec2θ – 1 = tan2θ है।
(त्रिकोणमितीय सर्वसमिका 1 + tan2θ = sec2θ से) - (iv) सभी समबाहु (Equilateral) त्रिभुज समरूप होते हैं।
- (v) वृत्त तथा उसकी स्पर्श रेखा के उभयनिष्ठ बिन्दु को स्पर्श बिन्दु (Point of Contact) कहते हैं।
- (vi) एक पासे को एक बार उछालने पर सम अंक (2, 4, 6) आने की प्रायिकता 1/2 होगी।
(अनुकूल परिणाम = 3 {2,4,6}, कुल परिणाम = 6. प्रायिकता = 3/6 = 1/2)
3. अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न (विस्तृत हल)
3. (i) यदि LCM (96, 404) = 9696 तब HCF (96, 404) का मान क्या होगा?
उत्तर: 4
हल: सूत्र: HCF × LCM = पहली संख्या × दूसरी संख्या
HCF × 9696 = 96 × 404
HCF = (96 × 404) / 9696
HCF = 38784 / 9696 = 4
3. (ii) 3825 को अभाज्य गुणनखण्डों के गुणनफल के रूप में व्यक्त करो।
उत्तर: 32 × 52 × 17
हल:
3825 ÷ 3 = 1275
1275 ÷ 3 = 425
425 ÷ 5 = 85
85 ÷ 5 = 17
17 ÷ 17 = 1
अतः, 3825 = 3 × 3 × 5 × 5 × 17 = 32 × 52 × 17
3. (iii) एक द्विघात बहुपद ज्ञात कीजिए, जिसके शून्याकों का योग तथा गुणनफल क्रमशः -3 और 2 है।
उत्तर: x2 + 3x + 2
हल: सूत्र: x2 – (शून्यकों का योग)x + (शून्यकों का गुणनफल)
= x2 – (-3)x + 2
= x2 + 3x + 2
3. (v) AP: 21, 18, 15 … का कौन सा पद -81 है?
उत्तर: 35वां पद
हल: a = 21, d = 18 – 21 = -3, an = -81
सूत्र: an = a + (n-1)d
-81 = 21 + (n-1)(-3)
-81 – 21 = -3(n-1)
-102 = -3(n-1)
n – 1 = -102 / -3 = 34
n = 34 + 1 = 35
3. (vi) x और y में संबंध ज्ञात कीजिए यदि बिन्दु P(x, y) बिन्दुओं A(3, 6) और B(-3, 4) से समदूरस्थ हो।
उत्तर: 3x + y – 5 = 0
हल: दिया है PA = PB ⇒ PA2 = PB2
(x-3)2 + (y-6)2 = (x+3)2 + (y-4)2
x2-6x+9 + y2-12y+36 = x2+6x+9 + y2-8y+16
-6x – 12y + 45 = 6x – 8y + 25
-12x – 4y + 20 = 0
-4 का भाग देने पर: 3x + y – 5 = 0
3. (vii) यदि 8 cot θ = 7 है, तो (1+sin θ)(1-sin θ) / (1+cos θ)(1-cos θ) का मान ज्ञात कीजिए।
उत्तर: 49/64
हल: cot θ = 7/8
व्यंजक = (1 – sin2θ) / (1 – cos2θ) [सूत्र (a+b)(a-b) = a2-b2 से]
= cos2θ / sin2θ
= cot2θ
= (7/8)2 = 49/64
3. (viii) यदि एक बिन्दु P से O केन्द्र वाले किसी वृत्त पर PA और PB स्पर्श रेखाएं परस्पर 80° के कोण पर झुकी हों तो ∠POA का मान होगा।
उत्तर: 50°
हल: चतुर्भुज PAOB में, ∠A और ∠B = 90° (त्रिज्या-स्पर्श रेखा)।
∠AOB + ∠APB = 180° ⇒ ∠AOB = 180° – 80° = 100°
ΔPOA और ΔPOB सर्वांगसम होते हैं, इसलिए ∠POA = (1/2)∠AOB
∠POA = 100° / 2 = 50°
3. (ix) त्रिज्या 21 सेमी वाले वृत्त का एक चाप केन्द्र पर 60° का कोण अंतरित करता है तो चाप की लम्बाई ज्ञात कीजिए।
उत्तर: 22 सेमी
हल: r = 21, θ = 60°
चाप की लम्बाई (l) = (θ/360) × 2πr
= (60/360) × 2 × (22/7) × 21
= (1/6) × 44 × 3
= 132 / 6 = 22 सेमी
3. (x) 5 सेमी त्रिज्या वाले एक वृत्त के एक त्रिज्यखण्ड का क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए, जिसका कोण 60° है?
उत्तर: 13.09 वर्ग सेमी (लगभग)
हल: क्षेत्रफल = (θ/360) × πr2
= (60/360) × (22/7) × 5 × 5
= (1/6) × (22/7) × 25
= 550 / 42 = 13.09 cm2
3. (xi) यदि निम्न आंकड़ों का बहुलक 7 हो तो ‘k’ का मान ज्ञात कीजिए: 2, 4, 6, 7, 5, 6, 10, 6, 7, 2k+1, 9, 7
उत्तर: k = 3
हल: बहुलक = सर्वाधिक बारंबारता।
यहाँ 6 तीन बार है और 7 तीन बार है। बहुलक 7 होने के लिए, 7 की गिनती 6 से अधिक होनी चाहिए।
अतः अज्ञात पद (2k+1) का मान 7 होना चाहिए।
2k + 1 = 7 ⇒ 2k = 6 ⇒ k = 3
3. (xii) निम्न बारम्बारता आंकड़ों का माध्यक ज्ञात कीजिए:
प्राप्तांक (x): 20, 25, 28, 29, 33, 38, 42, 43
विद्यार्थी (f): 6, 20, 28, 24, 15, 4, 2, 1
उत्तर: 28
हल: संचयी बारम्बारता (cf) निकालें: 6, 26, 54, 78, 93, 97, 99, 100.
कुल N = 100, N/2 = 50.
50 से ठीक बड़ी cf 54 है, जो प्राप्तांक 28 के संगत है।
अतः माध्यक = 28
खण्ड – ब (Section – B) – विस्तृत हल
4. द्विघात बहुपद x2+7x+10 के शून्यक ज्ञात कीजिए और शून्यकों तथा गुणांकों के बीच के संबंध की सत्यता की जांच कीजिए।
हल:
मध्य पद को विभाजित करने पर:
x2 + 5x + 2x + 10 = 0
x(x + 5) + 2(x + 5) = 0
(x + 5)(x + 2) = 0
शून्यक: x = -5, x = -2
सत्यापन:
शून्यकों का योग = -5 + (-2) = -7 (सूत्र से: -b/a = -7/1 = -7). सही है।
शून्यकों का गुणनफल = (-5)(-2) = 10 (सूत्र से: c/a = 10/1 = 10). सही है।
5. दो अंकों की एक संख्या एवं उसके अंकों को उलटने पर बनी संख्या का योग 66 है। यदि संख्या के अंकों का अंतर 2 हो तो संख्या ज्ञात कीजिए।
उत्तर: 42 या 24
हल:
माना दहाई अंक x और इकाई अंक y है। संख्या = 10x + y.
उलटने पर संख्या = 10y + x.
शर्त 1: (10x + y) + (10y + x) = 66
11x + 11y = 66 ⇒ x + y = 6 …(i)
शर्त 2: x – y = 2 …(ii) (या y – x = 2)
(i) और (ii) को जोड़ने पर: 2x = 8 ⇒ x = 4.
x का मान (i) में रखने पर: 4 + y = 6 ⇒ y = 2.
अतः संख्या = 10(4) + 2 = 42. (यदि y-x=2 लें तो संख्या 24 होगी)।
6. वह A.P. निर्धारित कीजिए जिसका तीसरा पद 5 और 7वां पद 9 है।
उत्तर: 3, 4, 5, 6…
हल:
a3 = a + 2d = 5 …(i)
a7 = a + 6d = 9 …(ii)
समीकरण (ii) में से (i) घटाने पर:
(a + 6d) – (a + 2d) = 9 – 5
4d = 4 ⇒ d = 1
d का मान (i) में रखने पर:
a + 2(1) = 5 ⇒ a = 3
अतः AP: 3, (3+1), (3+2)… = 3, 4, 5…
7. आकृति में क्रमशः OP, OQ और OR पर स्थित बिन्दु A, B और C इस प्रकार हैं कि AB || PQ और AC || PR है। दर्शाइए कि BC || QR है।
हल:
ΔOPQ में, AB || PQ है। आधारभूत आनुपातिकता प्रमेय (BPT) से:
OA/AP = OB/BQ …(i)
ΔOPR में, AC || PR है। BPT से:
OA/AP = OC/CR …(ii)
समीकरण (i) और (ii) से:
OB/BQ = OC/CR
अब ΔOQR में, भुजाओं का अनुपात समान है (OB/BQ = OC/CR), इसलिए BPT के विलोम से: BC || QR. (इति सिद्धम्)
8. जाँच कीजिए कि क्या बिन्दु (1, 5), (2, 3) और (-2, -11) संरेखी हैं।
उत्तर: हाँ, संरेखी हैं।
हल:
यदि तीन बिन्दु संरेखी हैं, तो उनसे बने त्रिभुज का क्षेत्रफल 0 होना चाहिए या ढाल (Slope) समान होनी चाहिए।
ढाल AB = (y2-y1)/(x2-x1) = (3-5)/(2-1) = -2/1 = -2
ढाल BC = (-11-3)/(-2-2) = -14/-4 = 3.5
(नोट: दिए गए मानों के अनुसार ढाल समान नहीं है, अतः ये संरेखी नहीं हैं। परन्तु परीक्षा में अक्सर गणना ऐसी होती है कि वे संरेखी हों। त्रिभुज क्षेत्रफल विधि: 1/2[1(3 – -11) + 2(-11 – 5) + -2(5 – 3)] = 1/2[14 – 32 – 4] ≠ 0. अतः ये संरेखी नहीं हैं।)
9. ΔOPQ में, जिसका कोण P समकोण है, OP=7 सेमी और OQ-PQ=1 सेमी। sin Q और cos Q के मान ज्ञात कीजिए।
उत्तर: sin Q = 7/25, cos Q = 24/25
हल:
पाइथागोरस प्रमेय से: OQ2 = OP2 + PQ2
दिया है OQ – PQ = 1 ⇒ OQ = 1 + PQ
(1 + PQ)2 = 72 + PQ2
1 + PQ2 + 2PQ = 49 + PQ2
2PQ = 48 ⇒ PQ = 24
OQ = 1 + 24 = 25
अब, sin Q = लम्ब/कर्ण = OP/OQ = 7/25
cos Q = आधार/कर्ण = PQ/OQ = 24/25
10. सिद्ध कीजिए कि स्पर्श रेखाओं के बीच का कोण स्पर्श बिन्दुओं को मिलाने वाले रेखाखण्ड द्वारा केन्द्र पर अंतरित कोण का संपूरक होता है।
हल:
माना बाह्य बिन्दु T से स्पर्श रेखाएं TP और TQ हैं और केन्द्र O है।
चतुर्भुज OPTV में, त्रिज्या और स्पर्श रेखा के बीच का कोण 90° होता है।
अतः ∠OPT = 90° और ∠OQT = 90°।
चतुर्भुज के चारों कोणों का योग 360° होता है:
∠PTQ + ∠POQ + ∠OPT + ∠OQT = 360°
∠PTQ + ∠POQ + 90° + 90° = 360°
∠PTQ + ∠POQ = 360° – 180° = 180°
योग 180° है, अतः ये कोण संपूरक हैं।
11. वाइपर वाली समस्या (कोण 115°, पत्ती 25 सेमी):
उत्तर: 1254.96 वर्ग सेमी
हल:
2 वाइपर हैं। प्रत्येक त्रिज्यखण्ड बनाता है।
कुल क्षेत्रफल = 2 × (θ/360) × πr2
= 2 × (115/360) × (22/7) × 25 × 25
= (230 / 360) × 3.1428 × 625
= 0.638 × 1964.28 ≈ 1254.96 cm2
12. माध्य साक्षरता दर ज्ञात कीजिए:
उत्तर: 69.43% (लगभग)
हल:
वर्ग अंतराल: 45-55, 55-65, 65-75, 75-85, 85-95
मध्यमान (xi): 50, 60, 70, 80, 90
बारम्बारता (fi): 3, 10, 11, 8, 3 (योग Σfi = 35)
fixi: 150, 600, 770, 640, 270 (योग Σfixi = 2430)
माध्य = 2430 / 35 = 69.43%
13. प्रायिकता ज्ञात कीजिए:
1. लाल रंग का बादशाह: लाल बादशाह 2 होते हैं (पान, ईंट)। P = 2/52 = 1/26
2. हुकुम का पत्ता: हुकुम के 13 पत्ते होते हैं। P = 13/52 = 1/4
3. लाल रंग की तस्वीर वाला पत्ता: लाल तस्वीर (J, Q, K) × 2 = 6 पत्ते। P = 6/52 = 3/26
4. एक तस्वीर वाला पत्ता: कुल तस्वीर पत्ते 12 होते हैं। P = 12/52 = 3/13
खण्ड – स (Section – C) – विस्तृत हल
14. दो क्रमागत धनात्मक पूर्णांक ज्ञात कीजिए, जिनके वर्गों का योग 365 हो।
उत्तर: 13 और 14
हल:
माना पूर्णांक x और (x+1) हैं।
x2 + (x+1)2 = 365
x2 + x2 + 2x + 1 = 365
2x2 + 2x – 364 = 0 (2 से भाग देने पर)
x2 + x – 182 = 0
गुणनखंड: x2 + 14x – 13x – 182 = 0
x(x + 14) – 13(x + 14) = 0
(x – 13)(x + 14) = 0
x = 13 या x = -14. चूँकि पूर्णांक धनात्मक है, x = 13.
संख्याएं: 13 और (13+1) = 14.
15. वह अनुपात ज्ञात कीजिए, जिसमें बिन्दुओं A(1,-5) और B(-4,5) को मिलाने वाला रेखाखण्ड x अक्ष से विभाजित होता है।
उत्तर: 1:1
हल:
x-अक्ष पर कोई भी बिन्दु P(x, 0) होता है (y-निर्देशांक 0 होगा)।
माना अनुपात k:1 है। विभाजन सूत्र से y-निर्देशांक:
y = (m1y2 + m2y1) / (m1 + m2)
0 = (k(5) + 1(-5)) / (k + 1)
0 = 5k – 5
5k = 5 ⇒ k = 1
अतः अनुपात 1:1 है (मध्य बिन्दु)।
16. सिद्ध कीजिए: (cot A – cos A)/(cot A + cos A) = (cosec A – 1)/(cosec A + 1)
हल:
LHS = ( (cos A / sin A) – cos A ) / ( (cos A / sin A) + cos A )
अंश और हर दोनों से cos A कॉमन लेने पर:
= cos A [ (1/sin A) – 1 ] / cos A [ (1/sin A) + 1 ]
cos A कट जाएगा।
चूँकि 1/sin A = cosec A होता है, अतः
= (cosec A – 1) / (cosec A + 1) = RHS. (इति सिद्धम्)
17. माध्यक ऊंचाई ज्ञात कीजिए:
हल:
आंकड़े ‘से कम’ प्रकार के हैं, इन्हें वर्ग अंतराल में बदलें:
135-140 (f=4), 140-145 (f=11-4=7), 145-150 (f=29-11=18), 150-155 (f=40-29=11), 155-160 (f=46-40=6), 160-165 (f=51-46=5).
N = 51, N/2 = 25.5.
संचयी बारम्बारता (cf) 29, 25.5 से ठीक बड़ी है, अतः माध्यक वर्ग 145-150 है।
l=145, h=5, f=18, cf=11 (पूर्व वर्ग की).
सूत्र: Median = l + [(N/2 – cf)/f] × h
= 145 + [(25.5 – 11) / 18] × 5
= 145 + (14.5 / 18) × 5
= 145 + (72.5 / 18)
= 145 + 4.03 = 149.03 cm
खण्ड – द (Section – D) – विस्तृत हल
18. 10 मीटर ऊंचे भवन के शिखर से उन्नयन कोण 30° और ध्वज के शिखर का 45°… ध्वज दंड की लम्बाई ज्ञात कीजिए।
उत्तर: 7.32 मीटर
हल:
माना भवन AB = 10m, ध्वज दंड BC = h मीटर, और प्रेक्षण बिन्दु P की भवन से दूरी x है।
ΔPAB में (भवन के लिए):
tan 30° = AB / AP = 10 / x
1/√3 = 10 / x ⇒ x = 10√3 मीटर।
ΔPAC में (ध्वज सहित):
tan 45° = AC / AP = (10 + h) / x
1 = (10 + h) / 10√3
10 + h = 10√3
h = 10√3 – 10 = 10(√3 – 1)
h = 10(1.732 – 1) = 10(0.732) = 7.32 मीटर
19. खिलौने का आयतन ज्ञात कीजिए (अर्धगोले पर शंकु):
उत्तर: 25.12 सेमी3
हल:
शंकु की ऊंचाई h=2, व्यास=4 ⇒ त्रिज्या r=2.
खिलौने का आयतन = शंकु का आयतन + अर्धगोले का आयतन
= (1/3)πr2h + (2/3)πr3
= (1/3)πr2 (h + 2r)
= (1/3)(3.14)(2)2 (2 + 2(2))
= (1/3)(3.14)(4)(6)
= 3.14 × 4 × 2 = 25.12 cm3
(बेलन के साथ अंतर: बेलन का आयतन = πr2H = 3.14 × 4 × 4 = 50.24. अंतर = 50.24 – 25.12 = 25.12 cm3)
20. बहुलक ज्ञात कीजिए (परिवार माप):
आंकड़े: 1-3(7), 3-5(8), 5-7(2), 7-9(2), 9-11(1)
उत्तर: 3.286
हल:
सर्वाधिक बारम्बारता 8 है, अतः बहुलक वर्ग 3-5 है।
l = 3, f1 = 8, f0 = 7, f2 = 2, h = 2.
बहुलक सूत्र = l + [(f1 – f0) / (2f1 – f0 – f2)] × h
= 3 + [(8 – 7) / (2(8) – 7 – 2)] × 2
= 3 + [1 / (16 – 9)] × 2
= 3 + (1/7) × 2
= 3 + 0.286 = 3.286