भ्रष्टाचार: एक सामाजिक अपराध

भ्रष्टाचार: एक सामाजिक अपराध

भ्रष्टाचार का अर्थ है ‘भ्रष्ट आचरण’, यानी अपने स्वार्थ के लिए गलत काम करना। जब कोई व्यक्ति अपने पद या ताकत का गलत इस्तेमाल करके रिश्वत लेता है या बेईमानी करता है, तो उसे भ्रष्टाचार कहते हैं। यह हमारे समाज के लिए एक बहुत बड़ा और गंभीर अपराध है।

भ्रष्टाचार दीमक की तरह हमारे समाज और देश को अंदर से खोखला कर रहा है। इसके कारण गरीबों को उनका सही हक नहीं मिल पाता और देश की तरक्की में रुकावट आती है।

इस सामाजिक बुराई को खत्म करने के लिए हम सबको ईमानदार बनना होगा। हमें यह प्रण लेना चाहिए कि हम ना तो कभी रिश्वत लेंगे और ना ही देंगे। लोगों में जागरूकता और हमारी ईमानदारी से ही हम एक भ्रष्टाचार मुक्त और खुशहाल भारत बना सकते हैं।

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