चट्टानों के प्रकार (Types of Rocks)

चट्टानों के प्रकार (Types of Rocks)

चट्टानें पृथ्वी की बाहरी परत (भूपटल) पर पाए जाने वाले प्राकृतिक ठोस खनिजों के समूह होती हैं। ये चट्टानें समय, तापमान, दबाव और अन्य प्राकृतिक प्रक्रियाओं के प्रभाव से बनती और बदलती रहती हैं।

चट्टानों को उनके निर्माण की प्रक्रिया के आधार पर तीन मुख्य प्रकारों में बाँटा गया है:


1. अग्नेय चट्टानें (Igneous Rocks)

🌋 निर्माण प्रक्रिया:

जब पृथ्वी के भीतर मौजूद पिघला हुआ पदार्थ (मैग्मा) या ज्वालामुखी से निकला हुआ लावा ठंडा होकर ठोस बन जाता है, तब अग्नेय चट्टानों का निर्माण होता है।

🔹 प्रकार:

  1. अंतर्वेधी चट्टानें (Intrusive Igneous Rocks):
    • ये चट्टानें धरती के अंदर ही धीरे-धीरे ठंडी होती हैं।
    • इनका ठंडा होने का समय अधिक होता है, जिससे इनमें बड़े-बड़े क्रिस्टल बन जाते हैं।
    • उदाहरण: ग्रेनाइट (Granite)
  2. बहिर्वेधी चट्टानें (Extrusive Igneous Rocks):
    • ये चट्टानें ज्वालामुखी विस्फोट के बाद धरती की सतह पर लावा के जल्दी ठंडा होने से बनती हैं।
    • इनमें क्रिस्टल छोटे और महीन होते हैं।
    • उदाहरण: बेसाल्ट (Basalt)

🌟 विशेषताएँ:

  • कठोर और मजबूत होती हैं।
  • चमकदार और क्रिस्टलीय बनावट होती है।
  • मुख्य रूप से ज्वालामुखी क्षेत्रों में पाई जाती हैं।

2. अवसादी चट्टानें (Sedimentary Rocks)

🏞️ निर्माण प्रक्रिया:

  • ये चट्टानें नदियों, हवाओं, बर्फ या समुद्र द्वारा लाए गए रेत, मिट्टी, कंकड़, जीवाश्म आदि के धीरे-धीरे जमा होने और दबने से बनती हैं।
  • समय के साथ ये परतें दबाव से चट्टानों में बदल जाती हैं।

🔹 उदाहरण:

  • बलुआ पत्थर (Sandstone): रेत के कणों से बनी।
  • चूना पत्थर (Limestone): समुद्री जीवों के अवशेषों से बनी।
  • शेल (Shale): बारीक मिट्टी से बनी।

🌟 विशेषताएँ:

  • परतदार संरचना होती है (लेयर जैसी)।
  • इनमें जीवाश्म (Fossils) पाए जा सकते हैं।
  • ये अपेक्षाकृत नरम होती हैं।

3. कायांतरित चट्टानें (Metamorphic Rocks)

🔥 निर्माण प्रक्रिया:

जब पहले से बनी हुई अग्नेय या अवसादी चट्टानें अत्यधिक ताप (Heat) और दबाव (Pressure) के कारण अपनी संरचना और खनिज गुणों को बदल लेती हैं, तो वे कायांतरित चट्टानों में बदल जाती हैं।

🔹 उदाहरण:

  • संगमरमर (Marble): चूना पत्थर के रूपांतरण से बनती है।
  • स्लेट (Slate): शेल के रूपांतरण से बनती है।
  • हीरा (Diamond): कोयले के रूपांतरण से बनता है।

🌟 विशेषताएँ:

  • ये चट्टानें बहुत कठोर और टिकाऊ होती हैं।
  • इनमें चमक और धारियाँ या परतें हो सकती हैं।
  • इनका उपयोग भवन निर्माण और मूर्तिकला में होता है।

🌀 चट्टान चक्र (Rock Cycle)

चट्टानों का एक चक्र होता है, जिसमें एक प्रकार की चट्टान दूसरी में बदल सकती है। यह प्रक्रिया लाखों वर्षों में होती है और पृथ्वी की गतिशीलता को दर्शाती है।

👉 उदाहरण:

  • अग्नेय चट्टान → अपक्षय व अपरदन → अवसादी चट्टान
  • अवसादी चट्टान → ताप व दबाव → कायांतरित चट्टान
  • कायांतरित चट्टान → पिघलना → अग्नेय चट्टान

📝 निष्कर्ष (Conclusion):

चट्टानें पृथ्वी की उत्पत्ति और संरचना को समझने में मदद करती हैं। इनका अध्ययन भूगोल और भूविज्ञान में अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रत्येक प्रकार की चट्टान की अपनी विशेषताएँ, निर्माण प्रक्रिया और उपयोग होते हैं।


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