कक्षा 10 राजनीति विज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्न

कक्षा 10 राजनीति विज्ञान के महत्वपूर्ण प्रश्न

ये प्रश्न राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (Rajasthan Board of Secondary Education – RBSE) द्वारा आयोजित सामाजिक विज्ञान परीक्षा (Secondary Examination, Social Science) के विभिन्न वर्षों के प्रश्न पत्रों के अंशों से लिए गए हैं।

I. शासन प्रणाली और लोकतंत्र (Governance and Democracy)

प्रश्नवर्षस्रोत संख्या
कौन-सी शासन व्यवस्था अपनी कुछ कमियों के बावजूद पूरे विश्व में स्वीकार्य है?2015
लोकतंत्र में नागरिक गरिमा के महत्व को स्पष्ट कीजिए।2013
व्यक्ति की गरिमा सर्वाधिक सुरक्षित किस शासन प्रणाली में रहती है?2013
क्या लोकतंत्र उत्तरदायी, प्रतिक्रियाशील और वैध शासन है? अपने मत के पक्ष में कारण दीजिए।2015, 2017
लोकतांत्रिक शासन प्रणाली के कार्यों पर प्रकाश डालिए।2013
लोकतंत्र में सुशासन के आधार बताइए।2013 Supp.
लोकतंत्र में आर्थिक समानता की अवधारणा की विवेचना कीजिए।2014
आपके मतानुसार लोकतंत्र को पुनर्परिभाषित करने में किन बातों को जोड़ा जा सकता है?2015
लोकतांत्रिक शासन प्रणाली में तीव्र आर्थिक विकास हेतु सुझाव दीजिए।2013 Supp.
“लोकतांत्रिक शासन किसी अन्य शासन प्रणाली से बेहतर है।” स्पष्ट कीजिए।2020
आधुनिक युग में प्रतिनिधि लोकतंत्र के दो रूप बताइए।2018
वर्तमान समय में प्रत्यक्ष लोकतंत्र कहाँ पाया जाता है?2020
प्रत्यक्ष लोकतंत्र में राज्य की प्रमुख शक्ति का प्रयोग प्रत्यक्षतः कौन करता है?2021
प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लोकतंत्र पर अपने विचार स्पष्ट कीजिए।2020 Supp.
आप ‘राजनीतिक लोकतंत्र’ के समर्थक के रूप में किन आधारभूत मान्यताओं में विश्वास करते हैं?2021
आपके अनुसार सामाजिक लोकतंत्र के लिए कौन-सी दशाएँ आवश्यक हैं?2018
लोकतंत्र की सफलता के लिए आप किन दो परिस्थितियों को आवश्यक मानते हैं?2019
लोकतंत्र में बहुमत से किसका सम्मान करने की अपेक्षा की जाती है?2025
आप लोकतंत्र को सार्वजनिक शिक्षण एवं क्रांति से सुरक्षा की दृष्टि से श्रेष्ठ क्यों मानते हैं?2018 Supp.
‘लोकतंत्र’ शब्द की उत्पत्ति किन दो शब्दों से हुई है?2018 Supp.
समकालीन भारतीय लोकतंत्र के समक्ष मौजूद चुनौतियों में से किन्हीं तीन का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।2016, 2017 Sp. Supp.
नेपाल में ‘लोकतंत्र के लिए दूसरा आंदोलन’ की विवेचना कीजिए।2016, 2017

II. सत्ता की साझेदारी और संघवाद (Power Sharing and Federalism)

प्रश्नवर्षस्रोत संख्या
दबाव समूह का अर्थ बताइए।2013
दबाव समूह एवं आंदोलन, राजनीति पर कैसे प्रभाव डालते हैं? स्पष्ट कीजिए।2017 Sp. Supp.
सत्ता की साझेदारी के किन्हीं तीन रूपों का वर्णन कीजिए।2016
संघ और राज्यों के बीच शक्ति-विभाजन की प्रणाली को संक्षेप में समझाइए।2013 Supp.
संघीय शासन गठित करने के दो विभिन्न तरीकों का वर्णन कीजिए।2014
संघीय व्यवस्था की कोई दो विशेषताएँ स्पष्ट कीजिए।2022, 2024
‘नियंत्रण एवं संतुलन की व्यवस्था’ को संक्षेप में स्पष्ट कीजिए।2022
बेल्जियम मॉडल की कोई दो मुख्य बातें बताइए जिन्होंने उस देश को गृह युद्ध से बचाया।2025 Supp.
संघीय व्यवस्था में संविधान एवं विभिन्न स्तर की सरकारों के अधिकारों की व्याख्या करने का अधिकार किसे प्राप्त होता है?2021
भारतीय संविधान में हिंदी के अलावा कितनी भाषाओं को अनुसूचित भाषा का दर्जा दिया गया है?2022, 2024 Supp.

III. राजनीतिक दल और सुधार (Political Parties and Reforms)

प्रश्नवर्षस्रोत संख्या
दलित वर्ग एसोसिएशन (Depressed Class Association) का गठन कब हुआ?2013
भारत में राष्ट्रीय राजनीतिक दल की मान्यता देने के क्या मापदंड हैं?2013
भारत के किन्हीं दो क्षेत्रीय राजनीतिक दलों के नाम लिखिए।2014
भारत में राजनीतिक दलों के समक्ष किन्हीं चार चुनौतियों की व्याख्या कीजिए।2015
भारत में राजनीतिक दलों में सुधार हेतु किए गए चार प्रमुख प्रयासों का वर्णन कीजिए।2016
भारत में राजनीतिक दलों में सुधार हेतु सुझाव दीजिए।2013 Supp.
भारत में राजनीतिक दलों के नाम, कार्यक्रम और विचारधारा दीजिए।2013 Supp.
राजनीतिक दलों में सुधार हेतु क्या प्रयास किए गए हैं? किन्हीं तीन सुधारों की विवेचना कीजिए।2017 Sp. Supp.
लोकतंत्र में राजनीतिक दलों की आवश्यकता क्यों होती है? किन्हीं तीन कारणों की विवेचना कीजिए।2024
“राजनीतिक दलों के समक्ष वंशवाद एक बड़ी चुनौती है।” इस कथन पर अपना मत स्पष्ट कीजिए।2024
किसी आंदोलन के राजनीतिक दल के रूप में बदलने का कोई एक उदाहरण दीजिए।2022
राजनीतिक दल का अर्थ बताते हुए कोई दो प्रमुख कार्य स्पष्ट कीजिए।2023
राजनीतिक दलों को मान्यता कौन देता है?2025

IV. सामाजिक विभाजन और राजनीति (Social Divisions and Politics)

प्रश्नवर्षस्रोत संख्या
जातीय असमानता के विरुद्ध विरोध किस ओलंपिक खेलों में हुआ था?2013 Supp.
श्रीलंका में हुए जातीय संघर्ष की विवेचना कीजिए।2013
भारत में सामाजिक विभाजनों की राजनीति के परिणामों पर प्रकाश डालिए।2013
भारत में लैंगिक विषमता को स्पष्ट कीजिए।2013
भारत में महिलाओं के साथ अभी भी कई तरह के भेदभाव होते हैं। उदाहरण सहित व्याख्या कीजिए।2017
भारत की राजनीति में ‘जाति’ की भूमिका की विवेचना कीजिए।2013 Supp.
भारत में चुनाव केवल जाति का खेल नहीं है। इस कथन का परीक्षण कीजिए।2017 Sp. Supp.
साम्प्रदायिकता लोकतांत्रिक राजनीति में अनेक रूप धारण कर सकती है। किन्हीं चार रूपों की विवेचना कीजिए।2017
साम्प्रदायिकता के लोकतांत्रिक राजनीति पर प्रभाव को उजागर कीजिए।2014
सामाजिक विभाजन अधिकतर किस पर आधारित होता है?2023
सामाजिक विभाजन के तीन आयामों की विवेचना कीजिए।2022
धार्मिक निरपेक्ष शासन के लिए भारतीय संविधान में कौन-से प्रावधान किए गए हैं?2016, 2022
श्रीलंका स्वतंत्र राष्ट्र कब बना?2022, 2023
श्रीलंका में 1956 में किस भाषा को राजभाषा घोषित किया गया?2024
श्रीलंका में तमिल मुख्यतः किस क्षेत्र में रहते हैं?2024 Supp.
‘समरूप समाज’ किन देशों में पाया जाता है? किन्हीं दो के नाम बताइए।2023
बेल्जियम की राजधानी ब्रूसेल्स में किस भाषा का बहुमत है?2024 Supp.

V. संवैधानिक पद और निकाय (Constitutional Posts and Bodies)

प्रश्नवर्षस्रोत संख्या
भारत के राष्ट्रपति के निर्वाचन और पदच्युति की प्रक्रियाओं का वर्णन कीजिए।2018 Supp., 2020 Supp.
भारत के राष्ट्रपति की आपातकालीन शक्तियों की विवेचना कीजिए।2021
भारत के प्रधानमंत्री के कार्य एवं शक्तियों का वर्णन कीजिए।2019, 2021
राज्यसभा के कार्य एवं शक्तियों का वर्णन कीजिए।2019
लोकसभा के कार्य और शक्तियों की विवेचना कीजिए।2021
राज्य विधान सभा अध्यक्ष के कोई दो कार्य बताइए।2021
एक राज्य के मुख्यमंत्री होने के नाते आप विधानसभा के नेता के रूप में कौन-कौन से कार्य करेंगे?2019
एक राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में मंत्रियों के चयन में आप किन व्यावहारिक बातों का ध्यान रखेंगे?2021
राज्यपाल के रूप में अपनी स्वविवेकी शक्तियों का प्रयोग किन दो परिस्थितियों में कर सकते हैं?2018 Supp.
राज्यपाल द्वारा राज्य में कुलाधिपति के रूप में कौन-सा कार्य किया जाता है?2021
उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को पद से कैसे हटाया जा सकता है?2021
एक जागरूक नागरिक के रूप में आप उच्च न्यायालय के लिए कौन-सी स्वतंत्रताओं की अपेक्षा करते हैं?2018
राज्य विधान परिषद में राज्यपाल किन सदस्यों का मनोनयन करेंगे?2020 Supp.
राज्य सूची के किसी विषय को राष्ट्रीय महत्व का घोषित करने का अधिकार किसे है?2021

VI. अन्य राजनीतिक/संवैधानिक विषय (Other Political/Constitutional Topics)

प्रश्नवर्षस्रोत संख्या
राइट टू इंफॉर्मेशन (सूचना पाने का अधिकार) क्या है? इसके कोई दो लाभ समझाइए।2014
सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत आपको कौन-कौन से अधिकार प्राप्त हैं? किन्हीं चार का उल्लेख कीजिए।2020 Supp.
यदि आप किसी विभाग से कोई सूचना प्राप्त करना चाहते हैं, तो सूचना के अधिकार अधिनियम के अंतर्गत क्या तरीका अपनाएँगे?2018 Supp.
R.T.I. का पूरा नाम लिखिए।2017 Sp. Supp.
भारतीय चुनाव व्यवस्था में सुधार के लिए सुझाव दीजिए।2014
राजनीतिक सुधारों में कानूनों की भूमिका का वर्णन कीजिए।2014
नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों का वर्णन कीजिए।2014
दबाव समूहों का अर्थ लिखिए।2013
बोलीविया के जल युद्ध’ का नेतृत्व किस संस्था ने किया था?2023

I. शासन प्रणाली और लोकतंत्र (Governance and Democracy)

  1. कौन-सी शासन व्यवस्था अपनी कुछ कमियों के बावजूद पूरे विश्व में स्वीकार्य है? अधिकांश लोग तानाशाही और अन्य व्यवस्थाओं की तुलना में लोकतंत्र को पसंद करते हैं। पूरी दुनिया में लोकतंत्र के विचार के प्रति जबरदस्त समर्थन का भाव है।
  2. लोकतंत्र में नागरिक गरिमा के महत्व को स्पष्ट कीजिए। लोकतंत्र में व्यक्ति की गरिमा और आजादी के मामले में किसी भी अन्य शासन प्रणाली से काफी आगे होती है। गरिमा और आजादी की चाह ही लोकतंत्र का आधार है। लोकतांत्रिक व्यवस्थाएँ कम से कम सिद्धांत के तौर पर तो यह मानती ही हैं कि प्रत्येक व्यक्ति सम्मान पाना चाहता है। लोकतांत्रिक व्यवस्था ने कमजोर और भेदभाव का शिकार हुई जातियों के लोगों के समान दर्जे और समान अवसर के दावे को बल दिया है।
  3. व्यक्ति की गरिमा सर्वाधिक सुरक्षित किस शासन प्रणाली में रहती है? व्यक्ति की गरिमा और आजादी के मामले में लोकतांत्रिक व्यवस्था किसी भी अन्य शासन प्रणाली से काफी आगे है।
  4. क्या लोकतंत्र उत्तरदायी, प्रतिक्रियाशील और वैध शासन है? अपने मत के पक्ष में कारण दीजिए। लोकतंत्र को उत्तरदायी और जिम्मेवार शासन माना जाता है: लोकतंत्र में यह सबसे बड़ी चिंता होती है कि लोगों का अपना शासन चुनने का अधिकार और शासकों पर नियंत्रण बरकरार रहे। यह उम्मीद करना उचित है कि लोकतांत्रिक सरकार कायदे-कानून को मानेगी और लोगों के प्रति जवाबदेह होगी। लोकतांत्रिक सरकार नागरिकों को निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी करने में सक्षम बनाती है और खुद को उनके प्रति जवाबदेह बनाने वाली कार्यविधि विकसित कर लेती है। लोकतंत्र को वैध शासन माना जाता है: यह वैध शासन व्यवस्था है क्योंकि लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था लोगों की अपनी शासन व्यवस्था है।
  5. लोकतांत्रिक शासन प्रणाली के कार्यों पर प्रकाश डालिए। लोकतंत्र निम्नलिखित कार्य करता है:
    • नागरिकों में समानता को बढ़ावा देता है।
    • व्यक्ति की गरिमा को बढ़ाता है।
    • इससे फैसलों में बेहतरी आती है।
    • टकरावों को टालने-सँभालने का तरीका देता है।
    • इसमें गलतियों को सुधारने की गुंजाइश होती है।
    • यह अपने अंदर की प्रतिद्वंद्विताओं को संभालने की प्रक्रिया विकसित कर लेता है, जिससे सामाजिक टकरावों के हिंसक रूप लेने का अंदेशा कम हो जाता है.
  6. लोकतंत्र में सुशासन के आधार बताइए। लोकतंत्र में सुशासन (या अच्छे परिणाम) के लिए निम्नलिखित चीजों पर गौर करना आवश्यक है:
    • कनयमित और कनष्पक् चनुाव
    • प्रमखु नीकतयों और नए िाननूों पर िलुी सावचाजकनि चचाचा
    • पारदकिचाता: नागरिकों को सरकार तथा इसके कामकाज के बारे में जानकारी पाने का सचूना िा अकधिार
    • सरकार कायदे-कानून को मानेगी और लोगों के प्रति जवाबदेह होगी.
  7. लोकतंत्र में आर्थिक समानता की अवधारणा की विवेचना कीजिए। लोकतांत्रिक व्यवस्था राजनीतिक समानता पर आधारित होती है (हर व्यक्ति के वोट का वजन बराबर होता है), लेकिन इसके साथ-साथ हम आर्थिक असमानता को भी बढ़ता हुआ पाते हैं
    • मुट्ठी भर धनी लोग आय और संपत्ति में अपने अनुपात से बहुत ज्यादा हिस्सा पाते हैं, और देश की कुल आय में उनका हिस्सा भी बढ़ता गया है।
    • सबसे निचले हिस्से के लोगों को जीवन बसर करने के लिए काफी कम साधन मिलते हैं; उन्हें भोजन, कपड़ा, मकान, शिक्षा और इलाज जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी करने में मुश्किल आती है.
    • वास्तविक जीवन में लोकतांत्रिक व्यवस्थाएँ आर्थिक असमानता को कम करने में ज्यादा सफल नहीं हो पाई हैं.
  8. आपके मतानुसार लोकतंत्र को पुनर्परिभाषित करने में किन बातों को जोड़ा जा सकता है? पुनर्परिभाषित करते समय उन चीजों पर जोर दिया जा सकता है जिनकी अपेक्षा लोकतांत्रिक व्यवस्था से की जाती है:
    • सरकार को कायदे-कानूनों को मानना चाहिए और लोगों के प्रति जवाबदेह होना चाहिए.
    • लोगों को निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी करने में सक्षम होना चाहिए.
    • पारदर्शिता बनाए रखना (नागरिकों को सूचना का अधिकार प्रदान करना).
    • सामाजिक विविधता और बहुलता का सम्मान करना और सामंजस्य बैठाना.
    • बहुमत के शासन में अल्पमत का हमेशा ध्यान रखा जाना चाहिए.
  9. लोकतांत्रिक शासन प्रणाली में तीव्र आर्थिक विकास हेतु सुझाव दीजिए। लोकतांत्रिक शासन में उच्चतर आर्थिक संवृद्धि हासिल करने में तानाशाहियों का रिकॉर्ड थोड़ा बेहतर रहा है। हालांकि, अकेले इसी कारण से लोकतंत्र को खारिज नहीं किया जा सकता। तीव्र आर्थिक विकास देश की जनसंख्या के आकार, वैश्विक स्थिति, अन्य देशों से सहयोग, और देश द्वारा तय की गई आर्थिक प्राथमिकताओं पर निर्भर करता है। यह उम्मीद की जाती है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था इस मामले में तानाशाही से नहीं पिछड़ेगी।
  10. “लोकतांत्रिक शासन किसी अन्य शासन प्रणाली से बेहतर है।” स्पष्ट कीजिए। हाँ, लोकतांत्रिक शासन किसी अन्य शासन प्रणाली से बेहतर है क्योंकि:
    • यह नागरिकों में समानता को बढ़ावा देता है, व्यक्ति की गरिमा को बढ़ाता है, फैसलों में बेहतरी लाता है।
    • यह टकरावों को टालने-संभालने का तरीका देता है और इसमें गलतियों को सुधारने की गुंजाइश होती है.
    • यह लोगों की अपनी शासन व्यवस्था होती है, इसलिए यह वैध शासन व्यवस्था है।
    • व्यक्ति की गरिमा और आजादी के मामले में लोकतांत्रिक व्यवस्था किसी भी अन्य शासन प्रणाली से काफी आगे है.
  11. आधुनिक युग में प्रतिनिधि लोकतंत्र के दो रूप बताइए। आधुनिक लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में सत्ता की साझेदारी के जो रूप प्रचलित हैं, वे प्रतिनिधि लोकतंत्र को आधार देते हैं:
    1. सत्ता का क्षैतिज वितरण: शासन के विभिन्न अंग, जैसे विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच सत्ता का बँटवारा।
    2. सत्ता का ऊर्ध्वाधर वितरण: सरकार के विभिन्न स्तरों (जैसे केंद्र सरकार और राज्य सरकारों) के बीच सत्ता का बँटवारा।
  12. वर्तमान समय में प्रत्यक्ष लोकतंत्र कहाँ पाया जाता है? स्रोत में कोई जानकारी नहीं दी गई है।
  13. प्रत्यक्ष लोकतंत्र में राज्य की प्रमुख शक्ति का प्रयोग प्रत्यक्षतः कौन करता है? स्रोत में कोई जानकारी नहीं दी गई है।
  14. प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष लोकतंत्र पर अपने विचार स्पष्ट कीजिए। स्रोत मुख्य रूप से प्रतिनिधि लोकतंत्र (अप्रत्यक्ष लोकतंत्र) पर जोर देते हैं। राजनीतिक दलों का उदय प्रतिनिधित्व पर आधारित लोकतांत्रिक व्यवस्था के उभार के साथ जुड़ा है। जब समाज बड़े और जटिल हो जाते हैं, तब उन्हें विभिन्न मुद्दों पर अलग-अलग विचारों को समेटने और सरकार की नज़र में लाने के लिए प्रतिनिधि लोकतंत्र की ज़रूरत होती है।
  15. आप ‘राजनीतिक लोकतंत्र’ के समर्थक के रूप में किन आधारभूत मान्यताओं में विश्वास करते हैं? राजनीतिक लोकतंत्र निम्नलिखित मान्यताओं पर आधारित है:
    • जनता ही सारी राजनीतिक शक्ति का स्रोत है
    • लोग स्व-शासन की संस्थाओं के माध्यम से अपना शासन चलाते हैं।
    • एक अच्छे लोकतांत्रिक शासन में समाज के विभिन्न समूहों और उनके विचारों को उचित सम्मान दिया जाता है.
    • अधिकतम नागरिकों को राजनीतिक सत्ता में हिस्सेदार बनाया जाता है.
    • प्रतिनिधियों के चुनाव में हर व्यक्ति का वजन बराबर होता है (राजनीतिक समानता).
  16. आपके अनुसार सामाजिक लोकतंत्र के लिए कौन-सी दशाएँ आवश्यक हैं? सामाजिक लोकतंत्र के लिए निम्नलिखित दशाएँ आवश्यक हैं:
    • नागरिकों में समानता को बढ़ावा दिया जाना चाहिए.
    • सामाजिक विविधता (जाति, धर्म, भाषा) का आदर करना.
    • सामाजिक अंतरों, विभाजनों और टकरावों को बातचीत से सँभालने का तरीका विकसित करना.
    • हर नागरिक को किसी न किसी अवसर पर बहुमत का हिस्सा बनने का मौका मिलना चाहिए.
    • व्यक्तिगत गरिमा और आजादी का सम्मान होना चाहिए.
  17. लोकतंत्र की सफलता के लिए आप किन दो परिस्थितियों को आवश्यक मानते हैं? लोकतंत्र की सफलता के लिए आवश्यक परिस्थितियाँ:
    1. सत्ता में साझेदारी: विभिन्न समुदाय और क्षेत्रों की भावनाओं का आदर किया जाना चाहिए और सत्ता में साझेदारी की जानी चाहिए, जिससे देश की एकता संकट में न पड़े।
    2. जवाबदेही और पारदर्शिता: नागरिकों को निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी करने में सक्षम होना चाहिए ताकि ज़िम्मेवार सरकार बन सके, और सरकार के फैसलों में पारदर्शिता होनी चाहिए.
  18. लोकतंत्र में बहुमत से किसका सम्मान करने की अपेक्षा की जाती है? लोकतंत्र में बहुमत को सदा ही अल्पमत का ध्यान रखना होता है। उसके साथ काम करने की जरूरत होती है।

II. सत्ता की साझेदारी और संघवाद (Power Sharing and Federalism)

  1. दबाव समूह का अर्थ बताइए। लोकतंत्र में व्यापारी, उद्योगपति, किसान और औद्योगिक मजदूर जैसे कई संगठित हित-समूहों को सक्रिय देखा जाता है। ये हित समूह (दबाव समूह) सरकार की नीतियों पर दबाव बनाकर सत्ता में भागीदारी करते हैं।
  2. दबाव समूह एवं आंदोलन, राजनीति पर कैसे प्रभाव डालते हैं? स्पष्ट कीजिए। दबाव समूह और आंदोलन निम्नलिखित तरीकों से राजनीति पर प्रभाव डालते हैं:
    • वे शासन को प्रभावित और नियंत्रित करते हैं.
    • वे सरकार की विभिन्न समितियों में सीधी भागीदारी करते हैं.
    • वे नीतियों पर अपने सदस्य-वर्ग के लाभ के लिए दबाव बनाकर सत्ता में भागीदारी करते हैं.
    • राजनीतिक दल (जो जनता की समस्याओं को उठाते हैं) कई दफे़ लोगों की समस्याओं को लेकर आंदोलन भी करते हैं.
  3. सत्ता की साझेदारी के किन्हीं तीन रूपों का वर्णन कीजिए। सत्ता की साझेदारी के तीन रूप:
    1. शासन के विभिन्न अंगों के बीच सत्ता का बँटवारा (क्षैतिज वितरण): इसमें विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका एक ही स्तर पर रहकर अपनी-अपनी शक्ति का उपयोग करते हैं।
    2. सरकार के विभिन्न स्तरों पर सत्ता का बँटवारा (ऊर्ध्वाधर वितरण): जैसे केंद्र सरकार, राज्य सरकारें और स्थानीय सरकारें (नगरपालिका और पंचायतें).
    3. विभिन्न सामाजिक समूहों के बीच सत्ता की साझेदारी: मसलन, भाषागत और धार्मिक समूहों के बीच, जैसे बेल्जियम में सामुदायिक सरकार.
  4. संघ और राज्यों के बीच शक्ति-विभाजन की प्रणाली को संक्षेप में समझाइए। भारतीय संविधान में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच विधायी अधिकारों को स्पष्ट रूप से तीन सूचियों में बाँटा गया है:
    • संघ सूची: इसमें राष्ट्रीय महत्व के विषय होते हैं (जैसे, प्रतिरक्षा, विदेशी मामले, बैंकिंग, मुद्रा)। इन पर कानून बनाने का अधिकार केवल केंद्र सरकार को है।
    • राज्य सूची: इसमें स्थानीय महत्व के विषय होते हैं (जैसे, पुलिस, व्यापार, कृषि)। इन पर सिर्फ राज्य सरकार ही कानून बना सकती है।
    • समवर्ती सूची: इसमें साझा दिलचस्पी के विषय होते हैं (जैसे, शिक्षा, वन, विवाह)। इन पर कानून बनाने का अधिकार राज्य सरकारों और केंद्र सरकार दोनों को है, लेकिन टकराव होने पर केंद्र सरकार द्वारा बनाया गया कानून मान्य होता है।
    • अवशिष्ट विषय: जो विषय इन तीनों सूचियों में नहीं आते, उन पर कानून बनाने का अधिकार केंद्र सरकार के पास होता है.
  5. संघीय शासन गठित करने के दो विभिन्न तरीकों का वर्णन कीजिए। संघीय शासन व्यवस्थाएँ आमतौर पर दो तरीकों से गठित होती हैं:
    1. साथ आकर संघ बनाना: इसमें दो या अधिक स्वतंत्र राष्ट्र साथ आकर एक बड़ी इकाई गठित करते हैं। ये राष्ट्र अपनी संप्रभुता साथ करते हैं और अपनी अलग पहचान बनाए रखते हैं (जैसे, संयुक्त राज्य अमेरिका, स्विट्जरलैंड, ऑस्ट्रेलिया)।
    2. साथ लेकर संघ बनाना: इसमें एक बड़े देश द्वारा अपनी आंतरिक विविधता को ध्यान में रखते हुए राज्यों का गठन करना और फिर राष्ट्रीय सरकार और राज्य सरकार के बीच सत्ता का बँटवारा कर देना (जैसे, भारत, बेल्जियम, स्पेन)।
  6. संघीय व्यवस्था की कोई दो विशेषताएँ स्पष्ट कीजिए। संघीय व्यवस्था की महत्वपूर्ण विशेषताएँ (कोई दो):
    1. यहाँ सरकार दो या अधिक स्तरों वाली होती है।
    2. अलग-अलग स्तर की सरकारें एक ही नागरिक समूह पर शासन करती हैं, लेकिन कानून बनाने, कर वसूलने और प्रशासन का उनका अपना-अपना अधिकार-क्षेत्र होता है।
    3. विभिन्न स्तरों की सरकारों के अधिकार-क्षेत्र संविधान में स्पष्ट रूप से वर्णित होते हैं।
    4. संविधान के मौलिक प्रावधानों को किसी एक स्तर की सरकार अकेले नहीं बदल सकती।
  7. ‘नियंत्रण एवं संतुलन की व्यवस्था’ को संक्षेप में स्पष्ट कीजिए। नियंत्रण एवं संतुलन की व्यवस्था (चेक्स एंड बैलेंसेज़) सत्ता के क्षैतिज वितरण को कहा जाता है। इसमें सरकार के विभिन्न अंग (जैसे विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका) एक ही स्तर पर रहकर अपनी-अपनी शक्ति का उपयोग करते हैं। इस व्यवस्था से यह सुनिश्चित हो जाता है कि कोई भी एक अंग सत्ता का असीमित उपयोग नहीं कर सकता, और हर अंग दूसरे पर अंकुश रखता है, जिससे संस्थाओं के बीच सत्ता का संतुलन बनता है.
  8. बेल्जियम मॉडल की कोई दो मुख्य बातें बताइए जिन्होंने उस देश को गृह युद्ध से बचाया। बेल्जियम मॉडल की मुख्य बातें (कोई दो):
    1. केंद्रीय सरकार में समान प्रतिनिधित्व: केंद्रीय सरकार में डच और फ़्रेंच-भाषी मंत्रियों की संख्या समान रहेगी। कुछ विशेष कानून तभी बन सकते हैं जब दोनों भाषाई समूहों के सांसदों का बहुमत उसके पक्ष में हो।
    2. क्षेत्रीय सरकारों को शक्ति: केंद्र सरकार की अनेक शक्तियाँ देश के दो इलाकों की क्षेत्रीय सरकारों को सुपुर्द कर दी गईं, यानी राज्य सरकारें केंद्रीय सरकार के अधीन नहीं हैं।
    3. सामुदायिक सरकार: एक तीसरे स्तर की सरकार (सामुदायिक सरकार) भी काम करती है, जिसका चुनाव एक ही भाषा बोलने वाले लोग करते हैं। इसे संस्कृति, शिक्षा और भाषा जैसे मसलों पर फैसले लेने का अधिकार है।
  9. संघीय व्यवस्था में संविधान एवं विभिन्न स्तर की सरकारों के अधिकारों की व्याख्या करने का अधिकार किसे प्राप्त होता है? अदालतों को संविधान और विभिन्न स्तर की सरकारों के अधिकारों की व्याख्या करने का अधिकार है। विभिन्न स्तर की सरकारों के बीच अधिकारों के विवाद की स्थिति में सर्वोच्च न्यायालय निर्णायक की भूमिका निभाता है.
  10. भारतीय संविधान में हिंदी के अलावा कितनी भाषाओं को अनुसूचित भाषा का दर्जा दिया गया है? संविधान में हिंदी के अलावा अन्य 22 भाषाओं को अनुसूचित भाषा का दर्जा दिया गया है।
  11. श्रीलंका स्वतंत्र राष्ट्र कब बना? सन 1948 में श्रीलंका स्वतंत्र राष्ट्र बना।
  12. श्रीलंका में 1956 में किस भाषा को राजभाषा घोषित किया गया? 1956 में एक कानून बनाकर सिंहली को एकमात्र राजभाषा घोषित कर दिया गया।
  13. श्रीलंका में तमिल मुख्यतः किस क्षेत्र में रहते हैं? तमिल मुख्य रूप से उत्तर और पूर्वी प्रांतों में आबाद हैं।
  14. बेल्जियम की राजधानी ब्रूसेल्स में किस भाषा का बहुमत है? राजधानी ब्रूसेल्स में 80 फीसदी लोग फ़्रेंच बोलते हैं, जबकि 20 फीसदी लोग डच भाषा। अतः, फ़्रेंच भाषा का बहुमत है।

III. राजनीतिक दल और सुधार (Political Parties and Reforms)

  1. दलित वर्ग एसोसिएशन (Depressed Class Association) का गठन कब हुआ? स्रोत में कोई जानकारी नहीं दी गई है।
  2. भारत में राष्ट्रीय राजनीतिक दल की मान्यता देने के क्या मापदंड हैं? राष्ट्रीय दल की मान्यता के लिए मापदंड:
    • कोई दल लोकसभा-चुनाव में पड़े कुल वोट का अथवा चार राज्यों के विधान सभाई चुनाव में पड़े कुल वोटों का 6 प्रतिशत हासिल करता है। और
    • लोकसभा के चुनाव में कम से कम चार सीटों पर जीत दर्ज करता है।
  3. भारत के किन्हीं दो क्षेत्रीय राजनीतिक दलों के नाम लिखिए।
    1. बीजू जनता दल
    2. राष्ट्रीय जनता दल (अन्य क्षेत्रीय दल: समाजवादी पार्टी, सिक्किम लोकतांत्रिक मोर्चा, मिज़ो नेशनल फ़्रंट, तेलंगाना राष्ट्र समिति).
  4. भारत में राजनीतिक दलों के समक्ष किन्हीं चार चुनौतियों की व्याख्या कीजिए।
    1. आंतरिक लोकतंत्र का अभाव: सारी ताकत एक या कुछेक नेताओं के हाथ में सिमट जाती है, और सामान्य कार्यकर्ता को फैसले प्रभावित करने की ताकत नहीं होती।
    2. वंशवाद की चुनौती: नेता अपने नजदीकी लोगों और परिवार के लोगों को आगे बढ़ाते हैं, जिससे अनुभवहीन लोग ताकत वाले पदों पर पहुँच जाते हैं।
    3. पैसा और अपराधी तत्वों की बढ़ती घुसपैठ: पार्टियाँ चुनाव जीतने के लिए ऐसे उम्मीदवार उतारती हैं जिनके पास काफी पैसा हो या जो पैसे जुटा सकें, और कई बार अपराधियों का समर्थन करती हैं।
    4. सार्थक विकल्प का अभाव: दलों की नीतियों और कार्यक्रमों में वैचारिक अंतर कम हो गया है, जिससे मतदाताओं को कोई सार्थक विकल्प नहीं मिल पाता।
  5. भारत में राजनीतिक दलों में सुधार हेतु किए गए चार प्रमुख प्रयासों का वर्णन कीजिए।
    1. दल-बदल को रोकना: विधायकों और सांसदों को दल-बदल करने से रोकने के लिए संविधान में संशोधन किया गया। दल-बदलने वाले सांसद या विधायक को अपनी सीट गँवानी होगी।
    2. संपत्ति और आपराधिक मामलों का ब्यौरा: उच्चतम न्यायालय ने आदेश जारी किया कि चुनाव लड़ने वाले हर उम्मीदवार को अपनी संपत्ति और अपने खिलाफ चल रहे आपराधिक मामलों का ब्यौरा एक शपथपत्र के माध्यम से देना अनिवार्य है।
    3. सांगठनिक चुनाव और आयकर रिटर्न: चुनाव आयोग ने सभी दलों के लिए सांगठनिक चुनाव कराना और आयकर का रिटर्न भरना ज़रूरी बना दिया है।
    4. महिला आरक्षण (सुझाव): राजनीतिक दल महिलाओं को एक खास न्यूनतम अनुपात में (करीब एक तिहाई) टिकट दें और दल के प्रमुख पदों पर औरतों के लिए आरक्षण होना चाहिए।
  6. भारत में राजनीतिक दलों में सुधार हेतु सुझाव दीजिए। सुधार के लिए सुझाए गए कदम:
    • दलों के आंतरिक कामकाज को व्यवस्थित करने के लिए कानून बनाया जाए (जैसे सदस्यों की सूची रखना और सांगठनिक चुनाव कराना).
    • राजनीतिक दल महिलाओं को एक खास न्यूनतम अनुपात में टिकट दें.
    • चुनाव का खर्च सरकार उठाए (पेट्रोल, कागज, फ़ोन या नकद पैसा के रूप में).
    • राजनीतिक दलों पर लोगों द्वारा दबाव बनाया जाए (चिट्ठियाँ लिखने, प्रचार करने या आंदोलनों के ज़रिए).
    • सुधार की इच्छा रखने वालों को खुद राजनीतिक दलों में शामिल होना चाहिए.
  7. भारत में राजनीतिक दलों के नाम, कार्यक्रम और विचारधारा दीजिए। (कृपया किन्हीं तीन राष्ट्रीय दलों को देखें): | दल का नाम | गठन वर्ष | विचारधारा/कार्यक्रम | | :— | :— | :— | | भारतीय जनता पार्टी (BJP) | 1980 | मजबूत और आधुनिक भारत; सांस्कृतिक राष्ट्रवाद (या हिंदुत्व); समग्र मानवतावाद; समान नागरिक संहिता बनाने और धर्मांतरण पर रोक लगाने के पक्ष में। | | इंडियन नेशनल कांग्रेस (INC) | 1885 | मध्यमार्गी (न वामपंथी न दक्षिणपंथी); धर्मनिरपेक्षता और कमज़ोर वर्गों तथा अल्पसंख्यक समुदायों के हितों को एजेंडा बनाना; नई आर्थिक नीतियों का समर्थक। | | बहुजन समाज पार्टी (BSP) | 1984 | बहुजन समाज (दलित, आदिवासी, पिछड़ी जातियाँ, धार्मिक अल्पसंख्यक) का प्रतिनिधित्व; साहू महाराज, महात्मा फुले, पेरियार और अंबेडकर के विचारों से प्रेरणा; दलितों और कमज़ोर वर्ग के हितों की रक्षा। | | कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया-मार्क्ससिस्ट (CPI-M) | 1964 | मार्क्ससवाद-लेनिनवाद में आस्था; समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र की समर्थक; साम्राज्यवाद और सांप्रदायिकता की विरोधी; सामाजिक-आर्थिक न्याय। | | आम आदमी पार्टी (AAP) | 2012 | जवाबदेही, स्वच्छ प्रशासन, पारदर्शिता और सुशासन। | | नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) | 2013 | देश की विविधता में विश्वास; सभी को शिक्षा और रोजगार के साथ-साथ समाज के सभी वर्गों का सशक्तीकरण। |
  8. राजनीतिक दलों में सुधार हेतु क्या प्रयास किए गए हैं? किन्हीं तीन सुधारों की विवेचना कीजिए। (उत्तर III. 5 के समान, कानूनी प्रयास): 1. दल-बदल पर रोक लगाने हेतु संविधान संशोधन। 2. उच्चतम न्यायालय द्वारा उम्मीदवारों के लिए संपत्ति और आपराधिक मामलों का शपथपत्र देना अनिवार्य करना। 3. चुनाव आयोग द्वारा दलों के लिए सांगठनिक चुनाव और आयकर रिटर्न भरना ज़रूरी करना।
  9. लोकतंत्र में राजनीतिक दलों की आवश्यकता क्यों होती है? किन्हीं तीन कारणों की विवेचना कीजिए। राजनीतिक दलों की आवश्यकता निम्नलिखित कारणों से होती है:
    1. चुनाव लड़ना: दल चुनाव लड़ते हैं और राजनीतिक सत्ता हासिल करने के उद्देश्य से काम करते हैं।
    2. नीतियों का निर्धारण: वे नीतियों और कार्यक्रमों को मतदाताओं के सामने रखते हैं, और सरकार शासक दल की राय के अनुरूप अपनी नीतियाँ तय करती है।
    3. सरकार का गठन और संचालन: दल ही नेता चुनते हैं, उन्हें प्रशिक्षित करते हैं, और सरकार बनाते तथा चलाते हैं।
    4. विपक्ष की भूमिका: चुनाव हारने वाले दल विरोधी पक्ष की भूमिका निभाते हैं और सरकार की गलत नीतियों की आलोचना करते हैं।
    5. पहुँच बनाना: दल ही सरकारी मशीनरी और कल्याण कार्यक्रमों तक लोगों की पहुँच बनाते हैं.
  10. “राजनीतिक दलों के समक्ष वंशवाद एक बड़ी चुनौती है।” इस कथन पर अपना मत स्पष्ट कीजिए। वंशवाद एक बड़ी चुनौती है क्योंकि:
    • सामान्य कार्यकर्ता के नेता बनने की गुंजाइश कम होती है।
    • नेता अनुचित लाभ लेते हुए अपने नजदीकी लोगों और परिवार के लोगों को ही आगे बढ़ाते हैं।
    • यह लोकतंत्र के लिए अच्छी नहीं है, क्योंकि इससे अनुभवहीन और बिना जनाधार वाले लोग भी ताकत वाले पदों पर पहुँच जाते हैं।
    • यह दल के अन्य सदस्यों के साथ अन्याय है।
  11. किसी आंदोलन के राजनीतिक दल के रूप में बदलने का कोई एक उदाहरण दीजिए। आम आदमी पार्टी (आप): यह पार्टी 2011 के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के बाद 26 नवंबर 2012 को गठित हुई।
  12. राजनीतिक दल का अर्थ बताते हुए कोई दो प्रमुख कार्य स्पष्ट कीजिए।अर्थ: राजनीतिक दल लोगों के एक ऐसे संगठित समूह के रूप में समझा जा सकता है जो चुनाव लड़ने और सरकार में राजनीतिक सत्ता हासिल करने के उद्देश्य से काम करता है। कोई दो प्रमुख कार्य:
    1. दल चुनाव लड़ते हैं और उम्मीदवार खड़े करते हैं.
    2. दल अलग-अलग नीतियों और कार्यक्रमों को मतदाताओं के सामने रखते हैं.
  13. राजनीतिक दलों को मान्यता कौन देता है? देश की हर पार्टी को निर्वाचन आयोग में अपना पंजीकरण कराना पड़ता है। निर्वाचन आयोग ही बड़े और स्थापित दलों को कुछ विशेष सुविधाएँ देकर उन्हें ‘मान्यता प्राप्त’ दल कहता है।

IV. सामाजिक विभाजन और राजनीति (Social Divisions and Politics)

  1. जातीय असमानता के विरुद्ध विरोध किस ओलंपिक खेलों में हुआ था? स्रोत में कोई जानकारी नहीं दी गई है।
  2. श्रीलंका में हुए जातीय संघर्ष की विवेचना कीजिए।
    • श्रीलंका 1948 में स्वतंत्र हुआ, और सिंहली समुदाय के नेताओं ने बहुसंख्यकवाद के तहत शासन पर प्रभुत्व जमाना चाहा।
    • 1956 में, सिंहली को एकमात्र राजभाषा घोषित किया गया और तमिलों को दरकिनार कर दिया गया। सरकार ने बौद्ध मत को संरक्षण दिया।
    • इन फैसलों से श्रीलंकाई तमिलों में नाराजगी और बेगानापन बढ़ा, क्योंकि उन्हें लगा कि उन्हें समान राजनीतिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है और उनके हितों की अनदेखी हो रही है।
    • संबंध बिगड़ने पर तमिलों ने स्वायत्तता और समान अवसरों की माँग को लेकर संघर्ष किया।
    • आपसी अविश्वास ने बड़े टकराव का रूप ले लिया, जो गृहयुद्ध में बदल गया (जो 2009 में समाप्त हुआ).
  3. भारत में सामाजिक विभाजनों की राजनीति के परिणामों पर प्रकाश डालिए।
    • सकारात्मक परिणाम: सामाजिक विभाजनों (विशेषकर लैंगिक और जातिगत) को राजनीतिक रूप देने से वंचित और कमजोर समुदायों को सत्ता तक पहुँचने और निर्णय प्रक्रिया को प्रभावित करने का अवसर मिला है।
    • नकारात्मक परिणाम (सांप्रदायिकता): धार्मिक विभाजन (सांप्रदायिकता) के राजनीतिकरण से हिंसा, दंगा और नरसंहार होता है, जो लोकतंत्र के लिए खतरा है।
    • नकारात्मक परिणाम (जातिवाद): केवल जाति पर आधारित राजनीति अक्सर गरीबी, विकास, भ्रष्टाचार जैसे बड़े मुद्दों से लोगों का ध्यान भटकाती है और तनाव, टकराव तथा हिंसा को बढ़ावा देती है।
  4. भारत में लैंगिक विषमता को स्पष्ट कीजिए। लैंगिक विषमता श्रम के लैंगिक विभाजन से झलकती है, जहाँ औरतें घर के अंदर का काम करती हैं और उनके काम को मूल्यवान नहीं माना जाता।
    • साक्षरता दर: महिलाओं में साक्षरता दर मात्र 54% है, जबकि पुरुषों में 76%।
    • शिक्षा पर खर्च: माता-पिता लड़कों पर ज़्यादा खर्च करना पसंद करते हैं।
    • कम मज़दूरी: समान काम के लिए भी महिलाओं को पुरुषों की तुलना में कम मज़दूरी मिलती है।
    • लिंग अनुपात: लड़के की चाह के कारण देश का लिंग अनुपात गिरकर 919 रह गया है (कई जगह 850 से नीचे)।
    • राजनीतिक प्रतिनिधित्व: लोकसभा में महिला सांसदों की संख्या बहुत कम है (2019 में 14.36%)।
  5. भारत में महिलाओं के साथ अभी भी कई तरह के भेदभाव होते हैं। उदाहरण सहित व्याख्या कीजिए। (उत्तर IV. 4 के समान, उदाहरण सहित): 1. शिक्षा में भेदभाव। 2. समान काम के लिए कम मजदूरी। 3. कम लिंग अनुपात। 4. उत्पीड़न और घरेलू हिंसा।
  6. भारत की राजनीति में ‘जाति’ की भूमिका की विवेचना कीजिए। राजनीति में जाति की भूमिका कई रूपों में अभिव्यक्त होती है:
    • उम्मीदवार चयन: पार्टियाँ चुनाव जीतने के लिए उम्मीदवारों के नाम तय करते समय चुनाव क्षेत्र के मतदाताओं की जातियों का हिसाब रखती हैं।
    • जातिगत गोलबंदी: राजनीतिक पार्टियाँ समर्थन हासिल करने के लिए जातिगत भावनाओं को उकसाती हैं।
    • सकारात्मक बदलाव: जातिगत राजनीति ने दलितों और पिछड़ी जातियों के लोगों के लिए सत्ता तक पहुँचने और निर्णय प्रक्रिया को प्रभावित करने की स्थिति पैदा की है।
    • बड़ी पहचान बनाना: हर जाति खुद को बड़ा बनाने के लिए उप-जातियों को अपने साथ लाने की कोशिश करती है।
  7. भारत में चुनाव केवल जाति का खेल नहीं है। इस कथन का परीक्षण कीजिए। यह कथन सही है क्योंकि:
    • कोई बहुमत नहीं: देश के किसी भी संसदीय क्षेत्र में किसी एक जाति के लोगों का बहुमत नहीं है, इसलिए पार्टियों को चुनाव जीतने के लिए एक से ज़्यादा जातियों का भरोसा हासिल करना पड़ता है।
    • कोई वोट बैंक नहीं: कोई भी पार्टी किसी एक जाति के सभी लोगों का वोट हासिल नहीं कर सकती।
    • अन्य कारक: मतदाता केवल जाति से ही नहीं, बल्कि राजनीतिक दलों से जुड़ाव, सरकार के कामकाज के बारे में उनकी राय, और नेताओं की लोकप्रियता जैसे दूसरे कारकों से भी प्रभावित होते हैं।
    • आर्थिक हित: एक ही समुदाय के अमीर और गरीब लोग अक्सर अलग-अलग पार्टियों को वोट देते हैं।
  8. साम्प्रदायिकता लोकतांत्रिक राजनीति में अनेक रूप धारण कर सकती है। किन्हीं चार रूपों की विवेचना कीजिए।
    1. दैनिक जीवन में अभिव्यक्ति: धार्मिक पूर्वाग्रह और एक धर्म को दूसरे धर्म से श्रेष्ठ मानने की मान्यताएँ।
    2. राजनीतिक प्रभुत्व की चाह: बहुसंख्यक समुदाय द्वारा बहुसंख्यकवाद का रूप लेना।
    3. साम्प्रदायिक गोलबंदी: धर्म के पवित्र प्रतीकों, धर्मगुरुओं और भावनात्मक अपील का उपयोग करके राजनीतिक गोलबंदी करना।
    4. हिंसा और दंगा: सांप्रदायिकता का सबसे गंदा रूप लेकर संप्रदाय के आधार पर हिंसा, दंगा और नरसंहार कराना।
  9. साम्प्रदायिकता के लोकतांत्रिक राजनीति पर प्रभाव को उजागर कीजिए। सांप्रदायिकता राजनीति में तब समस्या शुरू करती है जब धर्म को राष्ट्र का आधार माना जाता है। यह देश की बुनियादी अवधारणा के लिए एक चुनौती और खतरा है। यह हिंसा, दंगे और नरसंहार का कारण बनती है।
  10. सामाजिक विभाजन अधिकतर किस पर आधारित होता है? सामाजिक विभाजन अधिकतर लिंग, धर्म और जाति पर आधारित होता है।
  11. सामाजिक विभाजन के तीन आयामों की विवेचना कीजिए।
    1. लैंगिक आयाम: श्रम के लैंगिक विभाजन पर आधारित असमानता, जहाँ घर का काम महिलाओं के जिम्मे होता है और सार्वजनिक जीवन पर पुरुषों का कब्जा रहता है।
    2. धार्मिक आयाम: धार्मिक अंतरों पर आधारित विभाजन, जहाँ सांप्रदायिकता की सोच एक धर्म को दूसरे से श्रेष्ठ मानती है.
    3. जातिगत आयाम: पेशे के वंशानुगत विभाजन पर आधारित असमानता, जिसमें छुआछूत जैसी प्रथाएँ शामिल थीं और आज भी आर्थिक स्थिति पर इसका प्रभाव पड़ता है.
  12. धार्मिक निरपेक्ष शासन के लिए भारतीय संविधान में कौन-से प्रावधान किए गए हैं?
    • भारतीय राज्य ने किसी भी धर्म को राजकीय धर्म के रूप में अंगीकार नहीं किया है।
    • संविधान सभी नागरिकों को किसी भी धर्म का पालन करने और प्रचार करने की आजादी देता है।
    • संविधान धर्म के आधार पर किए जाने वाले किसी भी तरह के भेदभाव को अवैध घोषित करता है।
    • संविधान धार्मिक समुदायों में समानता सुनिश्चित करने के लिए शासन को धार्मिक मामलों में दखल देने का अधिकार देता है (जैसे छुआछूत की इजाजत नहीं देना)।
  13. श्रीलंका स्वतंत्र राष्ट्र कब बना? श्रीलंका सन 1948 में स्वतंत्र राष्ट्र बना।
  14. श्रीलंका में 1956 में किस भाषा को राजभाषा घोषित किया गया? 1956 में एक कानून बनाकर सिंहली को एकमात्र राजभाषा घोषित किया गया।
  15. श्रीलंका में तमिल मुख्यतः किस क्षेत्र में रहते हैं? तमिल मुख्य रूप से उत्तर और पूर्वी प्रांतों में आबाद हैं।
  16. ‘समरूप समाज’ किन देशों में पाया जाता है? किन्हीं दो के नाम बताइए। स्रोत में कोई जानकारी नहीं दी गई है।
  17. बेल्जियम की राजधानी ब्रूसेल्स में किस भाषा का बहुमत है? बेल्जियम की राजधानी ब्रूसेल्स में फ़्रेंच भाषा का बहुमत है (80 फीसदी लोग फ़्रेंच बोलते हैं)।

V. संवैधानिक पद और निकाय (Constitutional Posts and Bodies) और VI. अन्य राजनीतिक/संवैधानिक विषय (Other Political/Constitutional Topics)

इन वर्गों में पूछे गए अधिकांश प्रश्नों (जैसे राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यसभा, लोकसभा, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की पदच्युति, बोलीविया का जल युद्ध) के उत्तर देने के लिए संलग्न स्रोतों में पर्याप्त या विशिष्ट जानकारी नहीं दी गई है।

  1. राइट टू इंफॉर्मेशन (सूचना पाने का अधिकार) क्या है? इसके कोई दो लाभ समझाइए।सूचना पाने का अधिकार (Right to Information) के तहत नागरिक यह जान सकते हैं कि फैसले लेने में नियमों का पालन हुआ है या नहीं (पारदर्शिता)। लाभ:
    1. यह नागरिकों को सरकार के कामकाज के बारे में जानकारी पाने का अधिकार देता है।
    2. यह लोकतांत्रिक सरकार को नागरिकों के प्रति जवाबदेह बनाता है।
    3. यह लोगों को भ्रष्ट बिचौलियों को खत्म करने का अवसर देता है और प्रशासनिक कुशलता को बढ़ाता है।
  2. R.T.I. का पूरा नाम लिखिए। स्रोत में R.T.I. का पूरा नाम (Right to Information) स्पष्ट रूप से नहीं लिखा गया है।
  3. दबाव समूहों का अर्थ लिखिए। (उत्तर II. 1 के समान): दबाव समूह व्यापारी, उद्योगपति, किसान और औद्योगिक मजदूर जैसे कई संगठित हित-समूह होते हैं जो नीतियों पर दबाव बनाकर सत्ता में भागीदारी करते हैं।
  4. बोलीविया के जल युद्ध’ का नेतृत्व किस संस्था ने किया था? स्रोत में कोई जानकारी नहीं दी गई है।
error: Content is protected !!