कक्षा 9 हिंदी पाठ 1 दो बैलों की कथा

कक्षा 9 हिंदी पाठ 1 दो बैलों की कथा


पाठ 1: दो बैलों की कथा — प्रश्न-उत्तर (Class 9 Hindi)

भाग 1: बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs)

प्रश्न 1. कहानी में हीरा और मोती का आपसी संबंध किस गुण को मुख्य रूप से दर्शाता है? (क) प्रतिस्पर्धा और प्रतिद्वंद्विता
(ख) एकता और सहयोग
(ग) गर्व और दंभ
(घ) विद्रोह और क्रोध
उत्तर: (ख) एकता और सहयोग

प्रश्न 2. हीरा-मोती ने गया के यहाँ नया स्थान स्वीकार क्यों नहीं किया? (क) उन्हें भरपेट भोजन दिया गया।
(ख) उन्हें बहुत मोटी रस्सी से बाँधा गया।
(ग) मालिक ने बेच दिया, यह सोचकर उन्हें अपमान लगा।
(घ) उन्हें अलग-अलग बाँधा गया।
उत्तर: (ग) मालिक ने बेच दिया, यह सोचकर उन्हें अपमान लगा।

प्रश्न 3. बैलों ने रस्सी तोड़कर झूरी के घर लौटने का निर्णय क्यों लिया? (क) कष्टों से बचने के लिए
(ख) स्वतंत्रता प्राप्त करने के लिए
(ग) अभिमान की रक्षा के लिए
(घ) अपनापन पाने के लिए
उत्तर: (घ) अपनापन पाने के लिए

प्रश्न 4. गया द्वारा डंडे से मारने पर मोती का आक्रोश किस मानवीय मनोवृत्ति का द्योतक है? (क) स्वाभिमान
(ख) अहिंसा
(ग) पराधीनता
(घ) अन्याय की रक्षा
उत्तर: (क) स्वाभिमान

प्रश्न 5. कहानी में बैलों की ‘मूक-भाषा’ का प्रयोग लेखक ने किसलिए किया? (क) कहानी को रोचक बनाने के लिए
(ख) मनुष्य जैसी चेतना दिखाने के लिए
(ग) संवादों को छोटा रखने के लिए
(घ) कथा में हास्य उत्पन्न करने के लिए
उत्तर: (ख) मनुष्य जैसी चेतना दिखाने के लिए

प्रश्न 6. ‘दो बैलों की कथा’ को यदि स्वतंत्रता आंदोलन से जोड़ें, तो हीरा और मोती किसके प्रतीक हो सकते हैं? (क) भारत पर अंग्रेजों के क्रूर शासन के
(ख) स्वतंत्रता संग्राम में पशुओं के योगदान के
(ग) सत्याग्रह और अहिंसा के आंदोलन के
(घ) स्वतंत्रता के लिए भारतीय जनता के संघर्ष के
उत्तर: (घ) स्वतंत्रता के लिए भारतीय जनता के संघर्ष के


भाग 2: लघु एवं दीर्घ उत्तरीय प्रश्न-उत्तर

प्रश्न 1. “दूसरे दिन गया ने बैलों को हल में जोता, पर इन दोनों ने जैसे पाँव न उठाने की कसम खा ली थी।” जब बैल नए मालिक के यहाँ गए, तो उन्होंने काम करने से इनकार क्यों कर दिया था?
उत्तर: गया के घर बैलों को आत्मीयता और सम्मान नहीं मिला। उन्हें लगा कि झूरी ने उन्हें बेच दिया है, जिससे उनके स्वाभिमान को गहरी ठेस पहुँची। गया ने उनके साथ क्रूर व्यवहार किया, उन्हें मारा-पीटा और खाने के लिए केवल सूखा भूसा दिया; इसलिए बैलों ने विरोध स्वरूप पाँव उठाने से इनकार कर दिया।

प्रश्न 2. “गाँव के इतिहास में यह घटना अभूतपूर्व न होने पर भी महत्त्वपूर्ण थी।” बैलों का घर लौट आना कोई साधारण घटना नहीं है, कैसे?
उत्तर: बैलों का पराए घर से रस्सियाँ तोड़कर वापस अपने पुराने मालिक के घर लौट आना केवल एक घटना नहीं, बल्कि उनकी स्वामीभक्ति, स्वतंत्रता-प्रियता और अपनापन पाने की तीव्र इच्छा का प्रतीक था। पशुओं में ऐसा भावनात्मक जुड़ाव देखकर गाँव के बाल-सभा ने ताली बजाकर उनका स्वागत किया और उन्हें ‘पशु-वीर’ मानकर सम्मानित किया।

प्रश्न 3. ‘कभी-कभी संघर्ष करना आवश्यक हो जाता है’— इस कथन को कहानी के उदाहरणों से सिद्ध कीजिए।
उत्तर: कहानी में जब गया बैलों पर अत्याचार करता है, तो मोती हल तोड़कर भाग निकलता है। सांड के सामने आने पर दोनों बैलों ने योजनाबद्ध तरीके से मिलकर मुकाबला किया और सांड को हरा दिया। कांजीहौस में बंद होने पर बाड़े की दीवार तोड़कर अन्य बेज़ुबान पशुओं की जान बचाना यह सिद्ध करता है कि अपने अधिकारों और स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करना अनिवार्य है।

प्रश्न 4. हीरा एवं मोती ‘स्वतंत्रता’ और ‘अपनापन’ दोनों में से किस भावना से अधिक प्रेरित थे? कारण सहित लिखिए।
उत्तर: हीरा और मोती ‘स्वतंत्रता’ और ‘अपनापन’ दोनों से प्रेरित थे, परंतु वे ‘अपनापन’ और आत्मसम्मान से सर्वाधिक जुड़े थे। वे झूरी के पास इसलिए बार-बार लौटना चाहते थे क्योंकि वहाँ उन्हें सच्चा प्रेम, आत्मीयता और आज़ादी मिलती थी, जबकि गया के यहाँ केवल अपमान और पराधीनता थी।

प्रश्न 5. “बैलों ने जैसे पाँव न उठाने की कसम खा ली थी।” ‘अत्याचार सहना भी अन्याय में भागीदारी है’— क्या आप इस कथन से सहमत हैं?
उत्तर: हाँ, हम इस कथन से पूर्णतः सहमत हैं। अत्याचार को चुपचाप सहने से अत्याचारी का मनोबल बढ़ता है। कहानी में जब गया और कांजीहौस के कर्मचारियों ने बैलों पर अत्याचार किया, तो बैलों द्वारा किया गया विरोध (काम न करना, दीवार तोड़ना) यह दर्शाता है कि अन्याय के विरुद्ध आवाज़ उठाना ही स्वाभिमान की रक्षा का एकमात्र मार्ग है।

प्रश्न 6. हीरा और मोती अभिन्न मित्र थे। कहानी की किन-किन घटनाओं के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है? (कम से कम तीन बिंदु)
उत्तर:

  1. साथ काम करना: हल या गाड़ी में जुतते समय दोनों की यही कोशिश होती थी कि ज़्यादा भार स्वयं की गर्दन पर रहे।
  2. सांड से मुकाबला: संकट के समय दोनों ने एक-दूसरे का साथ न छोड़कर मिलकर सांड को परास्त किया।
  3. कांजीहौस में वफ़ादारी: जब हीरा मोटी रस्सी से बाँध दिया गया, तो मोती अवसर मिलने पर भी अकेले भागने के बजाय अपने मित्र के साथ ही रुका रहा।

प्रश्न 7. कहानी में मालकिन और छोटी लड़की, दोनों के व्यवहार की तुलना कीजिए।
उत्तर: झूरी की पत्नी (मालकिन) प्रारंभ में बैलों के भाग आने पर उन्हें ‘नमकहराम’ मानकर क्रोधित होती है और उन्हें सूखा भूसा देती है, हालांकि अंत में बैलों की वफ़ादारी देखकर उनका माथा चूम लेती है। इसके विपरीत, भैरव की छोटी लड़की (जिसकी सौतेली माँ उसे मारती थी) पहले दिन से ही बैलों के दुख को समझती थी और प्रतिदिन चुपके से उन्हें रोटियाँ खिलाकर आत्मीयता प्रकट करती थी।


भाग 3: मूल्य-आधारित प्रश्न एवं व्याकरण

प्रश्न 1. हीरा के कथन “गिरे हुए बैरी पर सींग न चलाना चाहिए” और “औरत जात पर सींग चलाना मना है” किन भारतीय मूल्यों को दर्शाते हैं?
उत्तर: हीरा के ये कथन भारतीय संस्कृति के उच्च नैतिक मूल्यों— जैसे नारी का सम्मान, क्षमाशीलता, दया, शरणागत की रक्षा तथा युद्ध के नीति-नियमों का पालन करने की भावना को दर्शाते हैं।

प्रश्न 2. पाठ में प्रयुक्त मुख्य मुहावरे और उनके अर्थ:

  • दाँतों पसीना आना: अत्यधिक कठिन परिश्रम होना या परेशानी में पड़ना।
  • दिल काँप उठना: बहुत अधिक डर जाना।
  • जल उठना: अत्यधिक ईर्ष्या या क्रोध होना।
  • नौ-दो ग्यारह होना: तुरंत भाग जाना।
  • ईंट का जवाब पत्थर से देना: कड़ा मुकाबला करना या मुँहतोड़ जवाब देना।

error: Content is protected !!