कक्षा 9 हिंदी पाठ 11 ‘झाँसी की रानी’ (लेखिका: सुभद्रा कुमारी चौहान)

कक्षा 9 हिंदी पाठ 11 ‘झाँसी की रानी’ (लेखिका: सुभद्रा कुमारी चौहान) के सभी अभ्यास प्रश्न


कक्षा 9 हिंदी – पाठ 11: ‘झाँसी की रानी’ (प्रश्न और उत्तर)

1. मेरे उत्तर मेरे तर्क (बहुविकल्पीय प्रश्न)

प्रश्न 1: ‘झाँसी की रानी’ कविता की पंक्ति “बूढ़े भारत में भी आई फिर से नई जवानी थी” में ‘नई जवानी’ शब्द किस भाव को व्यक्त करता है? (क) देश का स्वाभिमान
(ख) विद्रोह की चिंगारी
(ग) स्वाधीनता का भय
(घ) भारत की युवावस्था

  • उत्तर: (ख) विद्रोह की चिंगारी
  • तर्क: अंग्रेजों की गुलामी के बाद भारतीयों में स्वतंत्रता प्राप्त करने और क्रांति की जो नई चेतना व उत्साह जागा, ‘नई जवानी’ शब्द उसी विद्रोह की चिंगारी को व्यक्त करता है।

प्रश्न 2: लक्ष्मीबाई को ‘छबीली’ कहना उनके व्यक्तित्व की किस विशेषता को दर्शाता है? (क) विनम्रता
(ख) शोभायुक्त
(ग) सहिष्णुता
(घ) कठोरता

  • उत्तर: (ख) शोभायुक्त
  • तर्क: ‘छबीली’ का अर्थ तेजस्वी, सुंदर, सजीली और छविवाली (शोभायुक्त) होता है।

प्रश्न 3: “बुझा दीप झाँसी का” पंक्ति का भावार्थ है— (क) अंग्रेजों का झाँसी पर अधिकार हो जाना
(ख) झाँसी राज्य की उम्मीदों का नष्ट हो जाना
(ग) राजा की आकस्मिक मृत्यु होना
(घ) रानी के जीवन में उदासी होना

  • उत्तर: (ग) राजा की आकस्मिक मृत्यु होना
  • तर्क: झाँसी के राजा गंगाधर राव के निःसंतान निधन होने से झाँसी के भावी वंश और शासन का दीप बुझ गया था।

प्रश्न 4: “इस स्वतंत्रता-महायज्ञ में कई वीरवर आए काम” पंक्ति में स्वतंत्रता आंदोलन की किस ऐतिहासिक घटना की ओर संकेत किया गया है? (क) असहयोग आंदोलन
(ख) भारत छोड़ो आंदोलन
(ग) 1857 की क्रांति
(घ) सविनय अवज्ञा आंदोलन

  • उत्तर: (ग) 1857 की क्रांति
  • तर्क: यह कविता 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जिसमें अनेक वीरों ने अपना बलिदान दिया था।

प्रश्न 5: “व्यापारी बन दया चाहता था जब यह भारत आया” पंक्ति में ‘यह’ शब्द किसके लिए कहा गया है? (क) नवाबों के लिए
(ख) जनरल डलहौजी के लिए
(ग) लेफ्टिनेंट वॉकर के लिए
(घ) ब्रिटिश राज के लिए

  • उत्तर: (घ) ब्रिटिश राज के लिए
  • तर्क: ब्रिटिश राज (ईस्ट इंडिया कंपनी) शुरुआत में भारत में व्यापार करने और दया माँगने आया था, जिसने बाद में पूरे देश पर अधिकार कर लिया।

2. मेरी समझ मेरे विचार (प्रश्न-उत्तर)

प्रश्न 1: ‘झाँसी की रानी’ कविता के आधार पर बताइए कि लक्ष्मीबाई के प्रिय खेल कौन-कौन से थे? उनका बचपन दूसरों से किस प्रकार भिन्न था?
उत्तर: रानी लक्ष्मीबाई के प्रिय खेल थे— नकली युद्ध करना, व्यूह की रचना करना, शिकार खेलना, सैन्य घेरना और दुर्ग तोड़ना। उनका बचपन सामान्य बालिकाओं से भिन्न था क्योंकि वे गुड़ियों या खिलौनों के स्थान पर बरछी, ढाल, कृपाण और कटारी जैसे शस्त्रों को अपनी सहेली मानती थीं और बचपन से ही अस्त्र-शस्त्र चलाने की कला सीखती थीं।


प्रश्न 2: “किंतु कालगति चुपके-चुपके काली घटा घेर लाई” पंक्ति के माध्यम से किस घटना की ओर संकेत किया गया है?
उत्तर: इस पंक्ति के माध्यम से झाँसी के राजा गंगाधर राव की आकस्मिक मृत्यु और रानी लक्ष्मीबाई के विधवा होने की दुखद घटना की ओर संकेत किया गया है। राजा की निःसंतान मृत्यु से झाँसी पर संकट के बादल मँडराने लगे और अंग्रेजों को राज्य हड़पने का अवसर मिल गया।


प्रश्न 3: “महलों ने दी आग, झोंपड़ी ने ज्वाला सुलगाई थी” पंक्ति समाज के विभिन्न वर्गों की एकता को दर्शाती है, इस एकता का स्वतंत्रता संग्राम के संदर्भ में क्या महत्व है?
उत्तर: इस पंक्ति का अर्थ है कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में शासकों (महलों) से लेकर आम जनता व गरीबों (झोंपड़ियों) तक समाज के सभी वर्गों ने मिलकर भाग लिया। इस व्यापक जन-एकता का महत्व यह था कि इसने क्रांति को एक वर्ग तक सीमित न रखकर पूरे देश का पहला संगठित स्वतंत्रता संग्राम बना दिया।


प्रश्न 4: “सरे-आम नीलाम छापते थे अंग्रेजों के अखबार” पंक्ति में ‘नीलाम छापते’ शब्द किसकी ओर संकेत करता है? यह भी बताइए कि किसकी नीलामी की जाती थी और क्यों?
उत्तर: ‘नीलाम छापते’ शब्द अंग्रेजों द्वारा भारतीय देशी रियासतों की संपत्ति व गहनों को खुलेआम अखबारों में विज्ञापन छापकर बेचने की ओर संकेत करता है। अंग्रेजों द्वारा नागपुर के ज़ेवर और लखनऊ के नौलखा हार आदि की नीलामी की जाती थी। इसका मुख्य उद्देश्य भारतीय शासकों को अपमानित करना और भारत की धन-संपदा को लूटना था।


प्रश्न 5: “अभी उम्र कुल तेइस की थी, मनुज नहीं अवतारी थी” पंक्ति में ‘अवतारी’ शब्द व्यक्ति के विशेष गुणों की ओर इंगित कर रहा है। कविता के आधार पर बताइए कि लक्ष्मीबाई के किन गुणों के कारण उनको ‘अवतारी’ कहा गया है?
उत्तर: रानी लक्ष्मीबाई को मात्र 23 वर्ष की अल्पायु में अदम्य साहस, असाधारण वीरता, युद्ध-कौशल और देशप्रेम जैसे अलौकिक गुणों का प्रदर्शन करने के कारण ‘अवतारी’ कहा गया है। उन्होंने अकेले अंग्रेजों की विशाल सेना का डटकर मुकाबला किया और स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।


3. भाषा से संवाद (व्याकरण और शब्दावली)

(क) अनेकार्थी शब्द

कविता की पंक्तियों में प्रयुक्त रेखांकित शब्दों के संदर्भानुसार अर्थ:

  1. कर (“तीर चलाने वाले कर में…”): हाथ
  2. विधि (“विधि को भी नहीं दया आई…”): विधाता / भाग्य
  3. द्वंद्व (“हुआ द्वंद्व असमानों में…”): युद्ध
  4. गोले (“मिटा दे गोलों से चाहे झाँसी…”): तोप से दागने वाले गोले
  5. तेज (“मिला तेज से तेज…”): कांति / ज्योति / आभा

(ख) मुहावरे और वाक्य प्रयोग

  1. मुहावरा: मुँह की खाना (उसने मुँह की खाई थी)
    • अर्थ: पराजित होना / बुरी तरह हारना
    • वाक्य प्रयोग: युद्ध के मैदान में रानी लक्ष्मीबाई की वीरता के आगे जनरल स्मिथ को मुँह की खानी पड़ी।
  2. मुहावरा: पैर पसारना (डलहौजी ने पैर पसारे)
    • अर्थ: साम्राज्य या अधिकार का विस्तार करना
    • वाक्य प्रयोग: ईस्ट इंडिया कंपनी ने व्यापार के बहाने पूरे भारत में अपने पैर पसार लिए।
  3. मुहावरा: पैरों ठुकराना (राजाओं नवाबों को भी उसने पैरों ठुकराया)
    • अर्थ: अनादर करना या नीचा दिखाना
    • वाक्य प्रयोग: अंग्रेजों ने भारतीय राजाओं-नवाबों की दया याचिकाओं को अपने पैरों से ठुकरा दिया।
  4. मुहावरा: सोई ज्योति जगाना (सोई ज्योति जगानी थी)
    • अर्थ: चेतना या स्वतंत्रता की भावना उत्पन्न करना
    • वाक्य प्रयोग: रानी लक्ष्मीबाई के शौर्य ने देशवासियों के मन में स्वाधीनता की सोई ज्योति जगा दी।
  5. मुहावरा: धूम मचाना (भारी धूम मचाई थी)
    • अर्थ: व्यापक प्रभाव छोड़ना / प्रसिद्धि पाना
    • वाक्य प्रयोग: 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम ने मेरठ, कानपुर और पटना में भारी धूम मचाई थी।
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