Sadaiv Purato Nidhehi Charnam सदैव पुरतो निधेहि चरणं
Sadaiv Purato Nidhehi Charnam सदैव पुरतो निधेहि चरणं चल चल पुरतो निधेहि चरणम्। सदैव पुरतो निधेहि चरणम्॥ संदर्भ – प्रस्तुत पंक्तियाँ हमारी पाठ्य पुस्तक ‘रुचिरा’ के “सदैव पुरतो निधेहि चरणम्” नामक अध्याय से ली गई है। इन पंक्तियों के माध्यम से कवि वर्णेकर जी हमें यह बताना चाहते हैं कि हमें सदैव आगे की ओर … Read more