राजस्थान में विद्युत संसाधन – कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस

राजस्थान में विद्युत संसाधन – कोयला, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस

1. प्रश्न: राजस्थान में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस संसाधनों की स्थिति क्या है? प्रमुख बेसिनों और उत्पादन के संदर्भ में वर्णन कीजिए।

उत्तर: राजस्थान एक खनिज समृद्ध प्रदेश है जहाँ खनिज तेल और प्राकृतिक गैस (जिसे ‘ब्लैक गोल्ड’ कहा जाता है) के विपुल भंडार हैं। कच्चे तेल के उत्पादन में राजस्थान देश में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यह देश के कुल उत्पादन का लगभग 20 प्रतिशत उत्पादन करता है, जिससे यह बॉम्बे हाई के बाद देश में दूसरे स्थान पर है।

राज्य में चार प्रमुख पेट्रोलियम संभावित बेसिन (लगभग 1,50,000 वर्ग किमी. क्षेत्र में फैले) हैं:

  1. जैसलमेर बेसिन
  2. बाड़मेर-सांचौर बेसिन
  3. बीकानेर-नागौर बेसिन
  4. विंध्यन बेसिन

इनमें से पहले तीन बेसिनों को केंद्र सरकार ने मुंबई हाई, असम और गुजरात के समकक्ष पहली श्रेणी में उन्नत किया है। बाड़मेर-सांचौर बेसिन में मंगल ऑइल फील्ड पिछले तीन दशकों में देश की सबसे बड़ी भू-आधारित (On-land) खोज मानी जाती है। बाड़मेर-सांचौर बेसिन से खनिज तेल का वाणिज्यिक उत्पादन 29 अगस्त, 2009 से शुरू हुआ था। वर्तमान में मंगला, भाग्यम, ऐश्वर्या और कामेश्वरी जैसे 14 खोजे गए क्षेत्रों से तेल/गैस का उत्पादन किया जा रहा है। प्राकृतिक गैस का उत्पादन जैसलमेर बेसिन और बाड़मेर-सांचौर बेसिन दोनों में प्रगति पर है। जैसलमेर में रामगढ़ पावर प्लांट को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति की जा रही है। बाड़मेर के पचपदरा में रिफाइनरी सह पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स परियोजना की स्थापना की जा रही है।

2. प्रश्न: राजस्थान में कोयला (लिग्नाइट) संसाधनों की उपलब्धता और प्रमुख तापीय विद्युत परियोजनाओं पर प्रकाश डालिए।

उत्तर: राजस्थान में कोयले के सुरक्षित भंडार की दृष्टि से कमी है। हालाँकि, राज्य में लिग्नाइट कोयले के भंडार पाए जाते हैं। लिग्नाइट, जो कि एक भूरे रंग का कोयला होता है और जिसमें कार्बन की मात्रा 35% या अधिक होती है, उसके भंडारों की दृष्टि से राजस्थान देश में अब दूसरे स्थान पर आ गया है। लिग्नाइट के भंडार बीकानेर, नागौर और बाड़मेर जिलों में अनुमानित हैं।

राजस्थान में ऊर्जा उत्पादन का सर्वाधिक भाग तापीय ऊर्जा (Thermal Energy) से प्राप्त होता है। नवंबर 2022 तक राज्य की कुल विद्युत उत्पादन क्षमता का लगभग 58% हिस्सा कोयला आधारित विद्युत संयंत्रों से आता है।

प्रमुख कोयला/लिग्नाइट आधारित तापीय विद्युत परियोजनाएँ:

  1. सूरतगढ़ सुपर थर्मल पावर स्टेशन: यह श्रीगंगानगर जिले में स्थित है और राजस्थान का पहला सुपर थर्मल पावर स्टेशन है। यहाँ 1500 मेगावाट की क्षमता है।
  2. छाबड़ा थर्मल पावर प्लांट: यह राजस्थान के बारां जिले में स्थित है और इसकी नियोजित क्षमता 2320 मेगावाट है।
  3. कालीसिंध थर्मल पावर प्रोजेक्ट: यह झालावाड़ जिले के उंडेल में स्थित राज्य का चौथा सुपर थर्मल पावर स्टेशन है।
  4. बरसिंगसर थर्मल पावर परियोजना: बीकानेर में स्थित यह लिग्नाइट आधारित परियोजना नेवेली लिग्नाइट कॉर्पोरेशन द्वारा संचालित है।

3. प्रश्न: रामगढ़ गैस आधारित विद्युत परियोजना कहाँ स्थित है, और इसकी मुख्य विशेषताएँ क्या हैं?

उत्तर: रामगढ़ गैस विद्युत परियोजना जैसलमेर जिले में स्थित है। यह राजस्थान की पहली गैस आधारित विद्युत परियोजना है। इसकी स्थापना 1998 में की गई थी। रामगढ़ परियोजना की कुल उत्पादन क्षमता 113.5 मेगावाट है। इस संयंत्र को गैस की आपूर्ति तनोट क्षेत्र से और भारतीय गैस प्राधिकरण द्वारा की जाती है। वर्तमान में, ऑयल इंडिया लिमिटेड और मैसर्स फोकस एनर्जी द्वारा उत्पादित प्राकृतिक गैस इस संयंत्र को आपूर्ति की जा रही है। मैसर्स फोकस एनर्जी द्वारा उत्पादित उच्च गुणवत्ता वाली गैस भी रामगढ़ पावर प्लांट की 160 मेगावाट की अतिरिक्त इकाई को आपूर्ति की जा रही है।

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