RBSE कक्षा 10 हिंदी मॉडल पेपर 2026 – संपूर्ण हल (Detailed Solutions)
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) द्वारा जारी कक्षा 10वीं के हिंदी विषय के मॉडल प्रश्न-पत्र 2026 का विस्तृत हल यहाँ दिया गया है। छात्र इसका उपयोग अपनी बोर्ड परीक्षा की तैयारी और पुनरावृत्ति (Revision) के लिए कर सकते हैं।
खण्ड – अ (Section – A)
1. बहुविकल्पात्मक प्रश्न (Multiple Choice Questions)
(i) ‘भौगोलिक’ शब्द में कौनसा प्रत्यय है?
(अ) इत
(ब) इक
(स) अक
(द) आक
सही उत्तर: (ब) इक
व्याख्या: भूगोल + इक = भौगोलिक। (मूल शब्द के पहले स्वर में वृद्धि हो जाती है: उ -> औ)।
(ii) ‘निराकर’ (निराकार) शब्द किस उपसर्ग से बना है?
(अ) निः
(ब) निर्
(स) निस्
(द) निर
सही उत्तर: (द) निर (या ब – निर्)
व्याख्या: निर् + आकार = निराकार। (यहाँ ‘निर्’ उपसर्ग है)।
(iii) व्यक्ति जो पेट भरा और तन ढका होने पर भी सो नहीं पाता, होता है-
(अ) असन्तुष्ट व्यक्ति
(ब) साधु
(स) सभ्य व्यक्ति
(द) संस्कृत व्यक्ति
सही उत्तर: (द) संस्कृत व्यक्ति
व्याख्या: ‘संस्कृति’ पाठ के अनुसार, जो व्यक्ति अपनी बुद्धि से कुछ नया सृजन करता है और केवल भौतिक सुखों से संतुष्ट नहीं होता, वह ‘संस्कृत’ व्यक्ति है।
(iv) निम्नलिखित में से कौनसी रचना मन्नू भण्डारी की नहीं है?
(अ) झूठा सच
(ब) त्रिशंकु
(स) मैं हार गई
(द) एक प्लेट सैलाब
सही उत्तर: (अ) झूठा सच
व्याख्या: ‘झूठा सच’ यशपाल जी का प्रसिद्ध उपन्यास है। अन्य सभी मन्नू भण्डारी की रचनाएँ हैं।
(v) लेखक ने बालगोबिन भगत की संगीत साधना का चरमोत्कर्ष किस दिन देखा?
(अ) आषाढ़ की रिमझिम में
(ब) सन्त समागम में
(स) गर्मियों की साँझ में
(द) पुत्र की मृत्यु पर
सही उत्तर: (द) पुत्र की मृत्यु पर
व्याख्या: पुत्र की मृत्यु पर भी वे रोने के बजाय कबीर के पद गा रहे थे और इसे आत्मा का परमात्मा से मिलन बता रहे थे।
(vi) गोपियों द्वारा उद्धव को अन्त में कौनसा धर्म याद दिलाया जाना प्रदर्शित है?
(अ) राजधर्म
(ब) प्रेम धर्म
(स) मित्र धर्म
(द) ज्ञान धर्म
सही उत्तर: (अ) राजधर्म
व्याख्या: गोपियों ने कहा कि राजा का धर्म (राजधर्म) प्रजा को सताना नहीं, बल्कि उनकी रक्षा करना है।
(vii) ‘अट नहीं रही है’ कविता में किस मास की मादकता का वर्णन किया गया है?
(अ) फागुन
(ब) चैत्र
(स) श्रावण
(द) आषाढ़
सही उत्तर: (अ) फागुन
(viii) संगतकार का कार्य होता है-
(अ) मुख्य गायक के साथ स्वर मिलाकर उसके स्वर को बल प्रदान करना
(ब) मुख्य गायक से संगीत सीखना
(स) मुख्य गायक की अनुपस्थिति में गायन करना
(द) मुख्य गायक की सेवा करना
सही उत्तर: (अ) मुख्य गायक के साथ स्वर मिलाकर उसके स्वर को बल प्रदान करना
(ix) भोलानाथ एवं उसके दोस्तों को कौनसी शरारत महँगी पड़ी?
(अ) दोस्तों के साथ स्कूल से बंक मारना
(ब) चूहों के बिल में पानी डालना
(स) बरातियों को चिढ़ाना
(द) मूसन तिवाड़ी के साथ बद्तमीजी करना
सही उत्तर: (ब) चूहों के बिल में पानी डालना
व्याख्या: चूहों के बिल में पानी डालने पर वहाँ से साँप निकल आया, जिससे डरकर भागते समय भोलानाथ लहुलुहान हो गया। यह सबसे ‘महँगी’ (खतरनाक) शरारत साबित हुई।
(x) ‘मैं क्यों लिखता हूँ’ पाठ के आधार पर बताइए कि आलसी लोग किस दबाव के बिना नहीं लिख पाते?
(अ) माता-पिता का दबाव
(ब) आन्तरिक दबाव
(स) बाहरी दबाव
(द) सरकारी दबाव
सही उत्तर: (स) बाहरी दबाव
व्याख्या: लेखक अज्ञेय के अनुसार, कुछ लोग बाहरी दबाव (जैसे संपादकों का आग्रह या आर्थिक आवश्यकता) के बिना नहीं लिख पाते।
(xi) ‘साना-साना हाथ जोड़ि…’ पाठ की लेखिका गंतोक में सुबह आँख खुलते ही बालकनी की ओर क्यों दौड़ी?
(अ) चिड़िया को पकड़ने के लिए
(ब) कंचनजंघा देखने के लिए
(स) सेवन सिस्टर्स वॉटर फॉल देखने के लिए
(द) तीस्ता नदी को देखने के लिए
सही उत्तर: (ब) कंचनजंघा देखने के लिए
(xii) ‘तिम्रो माया सैंधे मलाई सताऊँछ’ पंक्ति का तात्पर्य है:
(अ) माया से ही मलाई मिलती है
(ब) तीन मोड़ के बाद सात पर्वत हैं
(स) तुम्हारा प्यार मुझे सदैव रुलाता है (सताता है)
(द) मलाई के लिए मुझे सताओ मत
सही उत्तर: (स) तुम्हारा प्यार मुझे सदैव रुलाता है (या सताता है)
2. रिक्त स्थानों की पूर्ति कीजिए
- (i) जिस क्रिया का फल कर्त्ता को छोड़कर कर्म पर पड़े वह सकर्मक क्रिया कहलाती है।
- (ii) वे विशेषण, जो किसी पदार्थ के गुण, दोष, रूप, रंग, आकार आदि का बोध कराते है, उन्हें गुणवाचक विशेषण कहते है।
- (iii) वे शब्द जिनके स्वरूप में लिंग, वचन, काल आदि से कोई परिवर्तन नहीं होता, उन्हें अविकारी (या अव्यय) शब्द कहते है।
- (iv) सर्वनाम के छः (6) भेद होते है।
- (v) ‘स्वागत’ शब्द में यण संधि है। (सु + आगत)
- (vi) रात-दिन शब्द में द्वंद्व समास है।
3. अपठित गद्यांश (Unseen Passage)
(i) भारत के राष्ट्रीय आदर्श हैं:
उत्तर: त्याग और सेवा।
(ii) दूसरों के लिए सोचने से हृदय में किस प्रकार का बल आ जाता है?
उत्तर: सिंह-सा (Lion-like)।
(iii) ‘स्वार्थी’ शब्द का विपरीतार्थक शब्द गद्यांश में से छाँटकर बताइए।
उत्तर: निःस्वार्थ।
(iv) उपर्युक्त गद्यांश का उचित शीर्षक लिखिए।
उत्तर: ‘भारत के राष्ट्रीय आदर्श’ या ‘त्याग और सेवा का महत्त्व’ ।
(v) लेखक को क्या देखकर प्रसन्नता होगी?
उत्तर: लेखक को यह देखकर प्रसन्नता होगी कि लोग दूसरों के लिए परिश्रम करते-करते अपने प्राण भी न्योछावर कर दें।
(vi) कौनसा व्यक्ति उत्तम रूप से कार्य करता है?
उत्तर: जो व्यक्ति पूर्णतया निःस्वार्थ होता है।
4. अपठित पद्यांश (Unseen Poem)
(i) पद्यांश का उचित शीर्षक लिखिए?
उत्तर: ‘उषा की आभा’ या ‘प्रात:कालीन सौंदर्य’।
(ii) पद्यांश में किस समय का वर्णन हुआ है?
उत्तर: सूर्योदय (उषा काल) का।
(iii) कवि को क्या डर लग रहा था?
उत्तर: कवि को डर था कि यह जादुई आभा (सुंदरता) कहीं बिखर न जाए (नष्ट न हो जाए)।
(iv) कविता में कवि ने हिमगिरी किसे कहा है?
उत्तर: (अ) हिमालय
(v) हिमगिरी के शिखर किससे निखर गए है?
उत्तर: (स) उषा की लाली से।
(vi) कविता में रवि को किस के समान बताया है?
उत्तर: (द) शिशु (बालक) के समान।
5. पठित गद्यांश (Seen Passage – बालगोबिन भगत)
(i) आसाढ़ मास में प्राकृतिक वातावरण कैसा होता है?
उत्तर: आषाढ़ में रिमझिम बारिश होती है, आसमान बादलों से घिरा होता है, धूप नहीं होती और ठंडी पुरवाई हवा चलती है।
(ii) आसाढ़ की रिमझिम में गाँव के लोग क्या करते हैं?
उत्तर: समूचा गाँव खेतों में उमड़ पड़ता है; कहीं हल चल रहे होते हैं तो कहीं धान की रोपनी हो रही होती है।
(iii) किसके संगीत के स्वर की तरंग स्वर्ग की ओर एवं लोगों के कानों की ओर आ रही है?
उत्तर: बालगोबिन भगत के।
(अथवा) पठित गद्यांश (मन्नू भण्डारी):
(i) स्वतंत्रता संग्राम में युवाओं की क्या भूमिका थी?
उत्तर: प्रभात-फेरियाँ निकालना, हड़तालें करना, जुलूस निकालना और भाषण देना।
(ii) शीला अग्रवाल की जोशीली बातों का लेखिका पर क्या प्रभाव पड़ा?
उत्तर: लेखिका की रगों में बहता खून लावे में बदल गया, यानी उनमें देशप्रेम का जबरदस्त जोश भर गया।
(iii) लेखिका ने स्वतंत्रता संग्राम में कैसे सहभागिता निभाई?
उत्तर: हाथ उठा-उठाकर नारे लगाकर, हड़तालें करवाकर और लड़कों के साथ सड़कों पर घूमकर।
6. पठित पद्यांश (फसल)
(i) काव्यांश में किन मानवीय मूल्यों की ओर संकेत किया गया है?
उत्तर: काव्यांश में किसान के कठिन परिश्रम (हाथों के स्पर्श की महिमा) और सहयोग के मूल्यों की ओर संकेत किया गया है।
(ii) खेतों में लहलहाती हुई फसल को देखकर मानव मन में क्या चित्र उभरता है?
उत्तर: यह चित्र उभरता है कि फसल प्रकृति (नदी, मिट्टी, धूप, हवा) और मनुष्य के श्रम के सहयोग का प्रतिफल है।
(iii) ‘रूपान्तर है सूरज की किरणों का’ पंक्ति का आशय लिखिए।
उत्तर: इसका आशय है कि फसल सूरज की धूप (ऊर्जा) को अवशोषित करके ही बढ़ती है और भोजन के रूप में तैयार होती है।
(अथवा) पठित पद्यांश (सूरदास):
(i) गोपियों ने कृष्ण की तुलना किससे और क्यों की है?
उत्तर: गोपियों ने कृष्ण की तुलना ‘हारिल पक्षी की लकड़ी’ से की है, क्योंकि जैसे हारिल पक्षी लकड़ी को कभी नहीं छोड़ता, वैसे ही उन्होंने कृष्ण को मन-वचन-कर्म से जकड़ रखा है।
(ii) गोपियों का उद्धव द्वारा दिया गया योग संदेश कैसा प्रतीत होता है?
उत्तर: कड़वी ककड़ी (करुई ककरी) के समान अरुचिकर।
(iii) काव्यांश में रेखांकित पंक्ति (यह तौ ‘सूर’ तिनहिं लै सौंपौ…) का आशय स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: गोपियाँ उद्धव से कहती हैं कि यह योग का उपदेश उन लोगों को जाकर दो जिनका मन ‘चकरी’ की तरह चंचल है (इधर-उधर भटकता है); हमारा मन तो कृष्ण में स्थिर है।
खण्ड – ब (Section – B)
7. हालदार साहब ने कैप्टन चश्मे वाले को सामने खड़ा देखते ही क्या प्रतिक्रिया व्यक्त की?
उत्तर: हालदार साहब अवाक् रह गए। उन्होंने देखा कि कैप्टन कोई हट्टा-कट्टा फौजी नहीं, बल्कि एक बेहद बूढ़ा, मरियल-सा लंगड़ा आदमी है, जिसके सिर पर गांधी टोपी और आँखों पर काला चश्मा है। उसकी देशभक्ति देखकर वे चकित थे।
8. ‘लखनवी अंदाज’ कहानी में लेखक ने ‘पतनशील सामन्ती वर्ग पर कटाक्ष किया है।’ स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: लेखक ने दिखाया है कि नवाब साहब खीरे जैसी मामूली वस्तु को भी विशिष्ट ढंग से सूंघकर फेंक देते हैं ताकि उनका ‘रईसी’ बड़प्पन बना रहे। यह उनकी बनावटी जीवनशैली और झूठी शान को दर्शाता है जो वास्तविकता से कटी हुई है।
9. बिस्मिल्ला खाँ को शहनाई की मंगल ध्वनि का नायक क्यों कहा गया है?
उत्तर: शहनाई का प्रयोग विवाह और मांगलिक अवसरों पर किया जाता है। बिस्मिल्ला खाँ ने इस वाद्य यंत्र को शास्त्रीय ऊंचाइयों तक पहुँचाया और भारत रत्न प्राप्त किया, इसलिए उन्हें मंगल ध्वनि का नायक कहा जाता है।
10. ‘राम-लक्ष्मण-परशुराम संवाद’ के आधार पर वीर योद्धा की विशेषताएँ बताइए।
उत्तर: वीर योद्धा युद्धभूमि में अपनी वीरता का प्रदर्शन करते हैं, अपने मुख से अपनी प्रशंसा नहीं करते। वे धैर्यवान, विनम्र और गाली-गलौज से दूर रहने वाले होते हैं।
11. आत्मकथा सुनाने का अभी समय नहीं है। कवि ने ऐसा क्यों कहा?
उत्तर: कवि (जयशंकर प्रसाद) मानते हैं कि उनका जीवन दुखों और अभावों से भरा रहा है। उन्होंने कोई ऐसी महान उपलब्धि हासिल नहीं की है जिसे दुनिया को बताया जाए। वे अपने सोए हुए दुखों को जगाना नहीं चाहते।
12. ‘दंतुरित मुस्कान’ मृतक में भी जान डालने में समर्थ होती है, भाव समझाइए।
उत्तर: इसका भाव है कि नन्हे बच्चे की मुसकान इतनी निश्छल और मोहक होती है कि उसे देखकर घोर निराश या उदास व्यक्ति (मृतक समान) के मन में भी आशा और जीवन का संचार हो जाता है।
13. लेखक के साथियों ने मूसन तिवारी को क्या कहकर चिढ़ाया और उसका क्या परिणाम हुआ?
उत्तर: बच्चों ने चिढ़ाया- “बुढ़वा बेईमान मांगे करेला का चोखा”। परिणाम यह हुआ कि मूसन तिवारी ने पाठशाला में शिकायत कर दी। गुरुजी ने बच्चों को पकड़वाया और लेखक (भोलानाथ) की जमकर पिटाई हुई।
14. लेखक ने जीव अपव्यय (दुरुपयोग) के बारे में क्या अनुमान लगाया? (‘मैं क्यों लिखता हूँ’)
उत्तर: लेखक ने हिरोशिमा में जले हुए पत्थर पर मानव की छाया देखकर अनुमान लगाया कि कैसे रेडियोधर्मी किरणों ने उस व्यक्ति को भाप बनाकर उड़ा दिया होगा। यह विज्ञान द्वारा जीवन के विनाशकारी दुरुपयोग का प्रमाण था।
15. ‘अपनी खिचड़ी अलग पकाना’ मुहावरे का अर्थ व वाक्य प्रयोग:
अर्थ: सबसे अलग रहना या स्वार्थी होना।
प्रयोग: कक्षा में सब मिलकर पिकनिक की योजना बना रहे थे, लेकिन सुरेश अपनी खिचड़ी अलग ही पका रहा था।
खण्ड – स (Section – C)
16. ‘वो लंगड़ा क्या जाएगा फौज में। पागल है पागल!’ – पान वाले का दृष्टिकोण स्पष्ट कीजिए।
उत्तर: यह कथन पान वाले की संवेदनहीनता और देशभक्ति के प्रति उपेक्षापूर्ण रवैये को दर्शाता है। पान वाले के लिए कैप्टन की देशभक्ति एक मजाक का विषय थी। वह कैप्टन के शारीरिक अपंगता (लंगड़ापन) का मज़ाक उड़ाता है और उसके देशप्रेम को ‘पागलपन’ कहता है। यह समाज के उस वर्ग का प्रतिनिधित्व करता है जो स्वयं देश के लिए कुछ नहीं करता और करने वालों का उपहास करता है।
17. ‘अट नहीं रही है’ कविता में कवि ने प्रकृति की व्यापकता का वर्णन किन रूपों में किया है?
उत्तर: कवि सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ ने फागुन की सुंदरता को सर्वव्यापक दिखाया है। पेड़ों पर नए लाल-हरे पत्ते आ गए हैं, रंग-बिरंगे फूल खिले हैं जिनकी सुगंध वातावरण में भर गई है। यह सुंदरता इतनी अधिक है कि वह प्रकृति में समा (अट) नहीं पा रही है। धरती का कोना-कोना उल्लास और सौंदर्य से भर गया है।
18. “कितना कम लेकर ये समाज को कितना अधिक वापस लौटा देती हैं।” साना-साना हाथ जोड़ि… पाठ के आधार पर समझाइए।
उत्तर: लेखिका सिक्किम की पहाड़ी महिलाओं को सड़कें बनाते और पत्थर तोड़ते देखती हैं। वे जान जोखिम में डालकर, पीठ पर बच्चों को लादकर कठिन परिश्रम करती हैं। उन्हें मजदूरी (पैसा) बहुत कम मिलती है, लेकिन उनके द्वारा बनाई गई सड़कों से ही पर्यटन और यातायात संभव हो पाता है, जिससे देश और समाज को बहुत लाभ होता है। यह पंक्ति उनके महान त्याग और श्रम को नमन करती है।
19. जयशंकर प्रसाद का परिचय:
जयशंकर प्रसाद छायावाद के प्रमुख स्तंभ थे। उनका जन्म 1889 में वाराणसी में हुआ। उनकी प्रमुख रचनाएँ ‘कामायनी’ (महाकाव्य), ‘आँसू’, ‘लहर’, ‘झरना’ हैं। उन्होंने नाटक (‘चन्द्रगुप्त’, ‘स्कन्दगुप्त’) और कहानियाँ भी लिखीं। उनकी भाषा संस्कृतनिष्ठ और भाव गंभीर होते थे।
खण्ड – द (Section – D)
20. निबंध लेखन (Essay Writing)
(संकेत बिंदु आधारित – लगभग 300 शब्द)
1. मोबाइल फोन: छात्र के लिए वरदान या अभिशाप
- प्रस्तावना: विज्ञान की अद्भुत खोज, संचार का मुख्य साधन।
- बढ़ता प्रभाव: हर हाथ में मोबाइल, ऑनलाइन शिक्षा, सूचना का भंडार।
- लाभ (वरदान): पढ़ाई में मदद, दुनिया से जुड़ाव, आपातकाल में उपयोगी।
- हानि (अभिशाप): समय की बर्बादी, गेमिंग की लत, स्वास्थ्य पर बुरा असर (आँखें, नींद)।
- उपसंहार: विवेकपूर्ण उपयोग आवश्यक है। छात्र इसे सेवक बनाएँ, स्वामी नहीं।
21. पत्र लेखन (Letter Writing)
शैक्षणिक भ्रमण हेतु प्रार्थना पत्र
सेवा में,
श्रीमान प्रधानाचार्य महोदय,
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय,
अलवर।
विषय: शैक्षणिक भ्रमण पर जाने की अनुमति बाबत।
महोदय,
सविनय निवेदन है कि हम कक्षा 10वीं के सभी छात्र इतिहास और संस्कृति के व्यावहारिक ज्ञान के लिए जयपुर के ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण करना चाहते हैं। किताबी ज्ञान के साथ-साथ ऐतिहासिक इमारतों (जैसे आमेर किला, जंतर-मंतर) को प्रत्यक्ष देखने से हमारा ज्ञानवर्धन होगा।
हमारे कक्षा अध्यापक भी हमारे साथ जाने को सहमत हैं। अतः आपसे प्रार्थना है कि हमें दो दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण पर जाने की अनुमति प्रदान करें और आवश्यक व्यवस्था करने की कृपा करें।
दिनांक: 25 अक्टूबर 2025
आपका आज्ञाकारी शिष्य,
राकेश कुमार
कक्षा प्रतिनिधि (कक्षा-10)
22. संक्षिप्तीकरण (Summary)
शीर्षक: सच्ची राष्ट्रीयता
संक्षिप्तीकरण: पृथ्वी को माता और स्वयं को उसका पुत्र मानना ही स्वराज्य और सच्ची राष्ट्रीयता का मूल है। जब नागरिक मातृभूमि को देवता मानकर उससे आत्मिक रूप से जुड़ जाते हैं, तो वे कभी देशद्रोह नहीं करते। ऐसी भावना होने पर नागरिक आपस में स्वार्थ या शर्तों की नहीं, बल्कि अपने कर्तव्यों की बात सोचते हैं, जिससे राष्ट्रीय एकता सुदृढ़ होती है।