Basic economic indicators: GDP (सकल घरेलू उत्पाद)

Basic economic indicators: GDP (सकल घरेलू उत्पाद)

जीडीपी (GDP) और उससे संबंधित संकेतक (जैसे GNP, NDP, बचत दरें) भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन और संरचनात्मक परिवर्तनों को दर्शाने वाले प्राथमिक माप रहे हैं।

I. राष्ट्रीय आय और प्रति व्यक्ति आय (National Income and Per Capita Income)

आर्थिक विकास को मापने का एक पारंपरिक तरीका सकल राष्ट्रीय उत्पाद (GNP) है।

  1. प्रति व्यक्ति GNP (1995): 1995 में, भारत का प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय उत्पाद (GNP) केवल $340 था। यह आंकड़ा 1960 में भारत की प्रति व्यक्ति आय $90 की तुलना में वृद्धि को दर्शाता है।
  2. तुलनात्मक परिदृश्य: 1995 में, संयुक्त राज्य अमेरिका का प्रति व्यक्ति GNP $24,990 था।
  3. विकास का लक्ष्य: नियोजन (planning) के माध्यम से आर्थिक विकास का उद्देश्य न केवल राष्ट्रीय आय में वृद्धि करना था, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना था कि प्रति व्यक्ति आय में भी वृद्धि हो।

II. सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि दर (Growth Rates)

पंचवर्षीय योजनाओं के दौरान सकल राष्ट्रीय उत्पाद (GNP) या शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद (NNP/NDP) की वृद्धि दरें नियोजन की सफलता को दर्शाती हैं:

अवधिसूचकवार्षिक वृद्धि दर (लगभग)स्रोत
द्वितीय योजना (1956-61)राष्ट्रीय आय19.5% की कुल वृद्धि (या 3.6% वार्षिक)
1960-61 से 1970-71शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद3.4 प्रतिशत
1970-71 से 1980-81शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद4.2 प्रतिशत
सातवीं योजना (1985-90)सकल घरेलू उत्पाद5.5 प्रतिशत
आठवीं योजना (1992-97) लक्ष्यसकल घरेलू उत्पाद5.6 प्रतिशत
आठवीं योजना (1991-92 से 1996-97) वास्तविकसकल घरेलू उत्पाद6.5 प्रतिशत
1997-98आर्थिक संवृद्धि दर5 प्रतिशत

आठवीं योजना के दौरान, सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वार्षिक वृद्धि दर 6.5 प्रतिशत तक पहुँच गई, जो निर्धारित लक्ष्य (5.6 प्रतिशत) से अधिक थी।

III. शुद्ध घरेलू उत्पाद (NDP) की संरचना में परिवर्तन (Sectoral Contribution)

कारक लागत पर शुद्ध घरेलू उत्पाद (Net Domestic Product – NDP) की संरचना में 1950-51 से 1995-96 के बीच महत्वपूर्ण संरचनात्मक परिवर्तन देखे गए:

क्षेत्र1950-51 में NDP में हिस्सा (%)1995-96 में NDP में हिस्सा (%)
(क) प्राथमिक क्षेत्र (कृषि एवं संबद्ध क्रियाएं)55.3%26.8%
(ख) द्वितीयक क्षेत्र (विनिर्माण, निर्माण, आदि)16.1%24.2%
(ग) तृतीयक/सेवा क्षेत्र28.5%49.0%

मुख्य निष्कर्ष:

  • सेवा क्षेत्र का प्रभुत्व: तृतीयक क्षेत्र (सेवा क्षेत्र) का हिस्सा 1950-51 में 28.5% से बढ़कर 1995-96 में लगभग आधा, यानी 49.0% हो गया।
  • कृषि का सिकुड़ना: प्राथमिक क्षेत्र का योगदान 1950-51 के 55.3% से गिरकर 1995-96 में 26.8% हो गया।
  • सार्वजनिक क्षेत्र का विस्तार: कारक लागत पर शुद्ध घरेलू उत्पाद (NDP) में सार्वजनिक क्षेत्र का योगदान 1950-51 के 7.5% से बढ़कर 1995-96 में 21.6% हो गया।

IV. बचत और पूँजी निर्माण से संबंधित संकेतक

सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के संबंध में बचत (Saving) और निवेश (Investment) के प्रमुख संकेतक इस प्रकार हैं:

  1. सकल घरेलू बचत (Gross Domestic Saving – GDS):
    • आठवीं पंचवर्षीय योजना (1992-97) के दौरान, सकल घरेलू बचत दर 24.1 प्रतिशत वास्तविक रही, जबकि लक्ष्य 21.6 प्रतिशत था।
    • 1992-93 में सकल बचत दर 23.2% थी। 1994-95 में, GDS का GDP में प्रतिशत 24.9% था।
  2. पूँजी निर्माण (Capital Formation):
    • 1950-51 में सकल घरेलू उत्पाद में सकल घरेलू पूँजी निर्माण (Gross Domestic Capital Formation) का प्रतिशत 10.4 प्रतिशत था, जो बढ़कर 1990-91 में 27.3 प्रतिशत हो गया।
    • आठवीं योजना के लिए सकल घरेलू पूँजी निर्माण दर का लक्ष्य 25.8 प्रतिशत था, लेकिन वास्तविक दर 25.0 प्रतिशत रही।
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