राजस्थान की प्रमुख फसलें बाजरा, गेहूँ, मक्का, कपास, सरसों, गन्ना के प्रकार और विशेषताएँ, उत्पादन और वितरण
प्रश्न 1: राजस्थान में बाजरे (Millet) की क्या विशेषताएँ और प्रमुख उत्पादक क्षेत्र कौन से हैं? उत्तर: बाजरा राजस्थान की एक प्रमुख खरीफ फसल है। इसकी खेती के लिए शुष्क जलवायु और 35-40 डिग्री सेल्सियस तापमान उपयुक्त होता है। यह फसल रेतीली मिट्टी में अच्छी तरह उगती है। बाजरा राज्य में सबसे अधिक बोया जाने वाला खाद्यान्न है। उत्पादन में राजस्थान देश में प्रथम स्थान पर है, जो भारत के कुल बाजरा उत्पादन में लगभग 38.98% का योगदान देता है। बाजरे की उन्नत किस्मों में राज 171, मोती, और माही कंचन शामिल हैं। इसके प्रमुख उत्पादक जिलों में अलवर (प्रथम), जयपुर (द्वितीय), बाड़मेर (सर्वाधिक बोया गया क्षेत्र), भरतपुर, नागौर, और जोधपुर शामिल हैं। बाजरा को अब “श्री अन्न” के रूप में भी जाना जाता है।
प्रश्न 2: राजस्थान में गेहूँ की कृषि के लिए आवश्यक दशाएँ और इसके प्रमुख उत्पादक जिले कौन से हैं? उत्तर: गेहूँ एक प्रमुख रबी फसल है। इसकी बुवाई के समय 10 डिग्री सेल्सियस और कटाई के समय 20-28 डिग्री सेल्सियस तापमान की आवश्यकता होती है। गेहूँ के लिए दोमट जलोढ़ मिट्टी सर्वोत्तम होती है। देश के कुल उत्पादन में राजस्थान का 5वाँ स्थान है। गेहूँ के प्रमुख उत्पादक जिलों में श्री गंगानगर (प्रथम), हनुमानगढ़ (द्वितीय), बूंदी, चित्तौड़गढ़, कोटा, और अलवर शामिल हैं। गेहूँ की उन्नत किस्मों में कल्याण सोना, सोनालिका, और राज-3077 प्रमुख हैं।
प्रश्न 3: राजस्थान में मक्का (Maize) की खेती का प्रकार और वितरण स्पष्ट कीजिए। उत्तर: मक्का खरीफ की फसल है जो मुख्य रूप से लाल पहाड़ी मिट्टी और शुष्क-अर्धशुष्क जलवायु में उगाई जाती है। मक्का का उपयोग दक्षिणी राजस्थान में खाद्यान्न के रूप में किया जाता है। राजस्थान भारत में मक्का उत्पादन में 9वें स्थान पर है। इसके प्रमुख उत्पादक जिले चित्तौड़गढ़, बांसवाड़ा, उदयपुर, डूंगरपुर, बूंदी और भीलवाड़ा हैं। माही कंचन और माही धवल इसकी उन्नत किस्में हैं, जिन्हें कृषि अनुसंधान केंद्र बांसवाड़ा द्वारा विकसित किया गया है। भीलवाड़ा में मक्का आधारित उत्पादों के उत्पादन क्लस्टर भी मौजूद हैं।
प्रश्न 4: राजस्थान में कपास (Cotton) की खेती की विशेषताएँ और उत्पादन की स्थिति क्या है? उत्तर: कपास खरीफ की एक व्यावसायिक फसल है। इसके लिए उष्णकटिबंधीय जलवायु और 20-30 डिग्री सेल्सियस तापमान चाहिए। इसकी खेती के लिए हल्की काली मिट्टी, दोमट या बलुई दोमट मिट्टी सबसे उपयुक्त मानी जाती है। कपास उत्पादन में भारत में राजस्थान चौथे स्थान पर है। 2022-23 में इसका अनुमानित उत्पादन 25.53 लाख गांठें (प्रत्येक 170 किलोग्राम) था। प्रमुख उत्पादक जिलों में हनुमानगढ़ (प्रथम) और श्री गंगानगर (द्वितीय) हैं। बीटी कपास अब राज्य के किसानों में लोकप्रिय हो रही है।
प्रश्न 5: राजस्थान में सरसों (Mustard) के उत्पादन और वितरण की मुख्य बातें क्या हैं? उत्तर: सरसों एक प्रमुख रबी फसल है। राजस्थान सरसों उत्पादन में भारत में प्रथम स्थान पर है, जो देश के कुल उत्पादन का 46.63% योगदान देता है। यह तिलहन उत्पादन में राज्य के प्रथम स्थान का मुख्य कारण है। सरसों की खेती के लिए 25 से 30 डिग्री सेल्सियस तापमान और दोमट मिट्टी उपयुक्त होती है। प्रमुख उत्पादक जिले श्री गंगानगर (प्रथम) और अलवर (द्वितीय) हैं। भरतपुर, धौलपुर, और सवाई माधोपुर भी शीर्ष उत्पादक जिलों में शामिल हैं। राष्ट्रीय सरसों अनुसंधान केंद्र सेवर, भरतपुर में स्थित है।
प्रश्न 6: राजस्थान में गन्ना (Sugarcane) के लिए आवश्यक जलवायु और इसके वितरण क्षेत्र बताइए। उत्तर: गन्ना भी खरीफ की फसल है। इसकी खेती के लिए उष्णकटिबंधीय जलवायु और 20-35 डिग्री सेल्सियस तापमान आवश्यक है। इसके लिए दोमट लावा मिट्टी सर्वोत्तम मानी जाती है। राजस्थान में जहाँ वर्षा कम होती है, वहाँ सिंचाई की आवश्यकता होती है। गन्ने के प्रमुख उत्पादक जिले श्री गंगानगर (प्रथम) और चित्तौड़गढ़ (द्वितीय) हैं। अन्य उत्पादक क्षेत्रों में उदयपुर और बूंदी शामिल हैं। 2022-23 में गन्ने का उत्पादन 2.18 लाख मीट्रिक टन रहने की संभावना थी।