स्वामी आनंद

🎯 *लेखक परिचय: स्वामी आनंद *

  • मूल परिचय और जन्म 💡
    • लेखक का नाम स्वामी आनंद (1887–1976) है।
    • उनका जन्म सन् 1887 में हुआ था।
    • उनका जन्म गुजरात के काठियावाड़ जिले के किमड़ी गांव में हुआ था।
    • उनका मूल नाम हिम्मतलाल था।
  • नामकरण और प्रारंभिक जीवन 💡
    • जब वे दस साल के थे, तभी कुछ साधु उन्हें अपने साथ हिमालय की ओर ले गए।
    • साधुओं ने ही उनका नामकरण किया— स्वामी आनंद
  • स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान 🇮🇳
    • सन् 1907 में स्वामी आनंद स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ गए।
    • उन्होंने महाराष्ट्र से कुछ समय तक ‘तरुण हिन्द’ अखबार निकाला।
    • बाद में, वे बाल गंगाधर तिलक के ‘केसरी’ अखबार से भी जुड़ गए।
  • गाँधीजी के साथ कार्य 🤝
    • सन् 1917 में गाँधीजी के संसर्ग (संपर्क) में आने के बाद।
    • उन्होंने गाँधीजी के ही निर्देशन में ‘नवजीवन’ और ‘यंग इंडिया’ की प्रसार व्यवस्था संभाल ली।
    • इस कार्य के दौरान उन्हें गाँधीजी, उनके निजी सहयोगी *महादेव भाई देसाई, और बाद में *प्यारेलाल जी को निकट से जानने का अवसर मिला।
  • साहित्यिक योगदान (प्रस्तुत पाठ के संदर्भ में) ✍️
    • प्रस्तुत पाठ ‘शुक्रतारे के समान’ मूलतः गुजराती भाषा में लिखा गया है।
    • यह पाठ एक रेखाचित्र है।
    • इस रेखाचित्र में लेखक ने गाँधीजी के निजी सचिव महादेव भाई देसाई की बेजोड़ प्रतिभा और व्यस्ततम दिनचर्या का वर्णन किया है।
    • लेखक महादेव भाई की सरलता, सज्जनता, निष्ठा, समर्पण, लगन और निरभिमान से अभिभूत हैं।
    • लेखक का मानना है कि महादेव भाई जैसे सहयोगी ही किसी महान व्यक्ति (जैसे गाँधीजी) को महानतम कार्य करने में सक्षम बनाते हैं, क्योंकि वे उनकी तमाम इतर चिंताओं और उलझनों को अपने सिर ले लेते थे।
    • उनकी लेखनी महादेव के व्यक्तित्व का ऐसा चित्र खींचने में सफल रही है कि पाठक को उन पर अभिमान होता है।
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