संग्रहालयों के प्रकार संग्रहालयों को मुख्य रूप से उनके प्रशासनिक नियंत्रण (संचालन निकाय) या उनके संग्रह की प्रकृति (विषयवस्तु) के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है। इसके अतिरिक्त, उनके विशेष दायरे (Scope) और संस्थागत मॉडल के आधार पर भी उनका वर्गीकरण किया जाता है।
I. प्रशासनिक नियंत्रण के आधार पर वर्गीकरण (Classification based on Administrative Control)
यह वर्गीकरण इस बात पर आधारित है कि संग्रहालय का वित्तपोषण (funding) और प्रबंधन (management) किस निकाय द्वारा किया जाता है:
| संग्रहालय का प्रकार (Type) | विवरण (Description) | उदाहरण (Examples) |
|---|---|---|
| राष्ट्रीय संग्रहालय | राष्ट्र के सांस्कृतिक, तकनीकी, और कलात्मक विकास की अभिव्यक्ति करते हैं। देश की सरकार प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इनके प्रशासन और वित्त के लिए जिम्मेदार होती है। तुलनात्मक अध्ययन के लिए विदेशी वस्तुओं का संग्रह भी किया जाता है। राष्ट्रीय महत्व के संग्रहालय बोर्ड ऑफ ट्रस्टी द्वारा शासित हो सकते हैं, जो केंद्र सरकार के अप्रत्यक्ष शासन के अधीन होते हैं। | राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली, भारतीय संग्रहालय, कोलकाता, सालार जंग संग्रहालय, हैदराबाद। |
| राज्य संग्रहालय | ये सामान्यतः राज्यों की राजधानियों या प्रमुख नगरों में स्थित होते हैं, और संबंधित राज्य सरकार द्वारा शासित तथा वित्त पोषित होते हैं। ये मुख्य रूप से राज्य के सांस्कृतिक एवं कलात्मक महत्व की वस्तुओं का संग्रह करते हैं और अन्य छोटे संग्रहालयों को सहायता प्रदान कर सकते हैं। | ओडिशा राज्य संग्रहालय, भुवनेश्वर; असम राज्य संग्रहालय, गुवाहाटी। |
| जिला संग्रहालय | ये जिला स्तर की सांस्कृतिक धरोहर और इतिहास की झाँकी प्रस्तुत करते हैं। इनका नियंत्रण प्रायः जिला प्रशासन या जिला स्तर की ट्रस्टी संस्था करती है। | धार जिला संग्रहालय। |
| विश्वविद्यालय, कॉलेज और स्कूल संग्रहालय | ये शिक्षण संस्थाओं द्वारा प्रशासित और पोषित होते हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य छात्रों को मूर्त ज्ञान प्रदान करना और शोध कार्यों में सहायता करना होता है। | काशी हिंदू विश्वविद्यालय का भारत कला भवन। |
| स्थानीय प्राधिकरण/नगरपालिका संग्रहालय | ये नगर पालिकाओं या महापालिकाओं द्वारा संचालित और वित्त पोषित होते हैं। ये स्थानीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का कार्य करते हैं। | इलाहाबाद संग्रहालय (पूर्व में निगम संग्रहालय); नगरपालिका संग्रहालय, विशाखापत्तनम। |
| निजी या व्यक्तिगत संग्रहालय | ये किसी व्यक्ति, परिवार या कॉर्पोरेशन द्वारा स्थापित और प्रबंधित होते हैं। संग्रहकर्ता की व्यक्तिगत रुचि के आधार पर संग्रह किया जाता है। | राजा दिनकर केलकर संग्रहालय, पुणे; महाराजा सवाई माधो सिंह संग्रहालय, जयपुर। |
| संस्थागत संग्रहालय | ये विशिष्ट संगठनों (जैसे सरकारी मंत्रालय या व्यापारिक प्रतिष्ठान) द्वारा संचालित होते हैं। | रेल ट्रांसपोर्ट म्यूजियम, नई दिल्ली (रेल मंत्रालय के अंतर्गत); कैलिको म्यूजियम, अहमदाबाद (व्यापारिक प्रतिष्ठान)। |
II. विषयवस्तु या संग्रह के आधार पर वर्गीकरण (Classification based on Subject Matter or Collection)
| संग्रहालय का प्रकार (Type) | संग्रह की प्रकृति और मुख्य विषय (Subject Matter) | उदाहरण (Examples) |
|---|---|---|
| सामान्य/बहुउद्देशीय संग्रहालय | इनमें प्राचीन से लेकर आधुनिक काल तक की विविध वस्तुएँ संग्रहित होती हैं, जिनमें मूर्तिकला, चित्रकला, आभूषण, प्रौद्योगिकी आदि शामिल हैं, जो हर तरह के दर्शकों के लिए कुछ न कुछ प्रस्तुत करते हैं। | राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली; भारतीय संग्रहालय, कोलकाता। |
| पुरातत्व संग्रहालय | ये मुख्य रूप से उत्खनन और सर्वेक्षण से प्राप्त पुरावशेषों—मूर्तियाँ, मुद्राएँ, मिट्टी के ठीकरे, अभिलेख, आदि—को संग्रहित और प्रदर्शित करते हैं। | सारनाथ संग्रहालय; नालंदा; साँची; खजुराहो। |
| कला संग्रहालय | इनमें चित्रकला, मूर्तिकला और हस्तशिल्प जैसी कला और सौंदर्यशास्त्र (visual arts and aesthetics) से संबंधित कृतियों का प्रदर्शन होता है। | नेशनल गैलरी ऑफ मॉडर्न आर्ट, नई दिल्ली; आशुतोष म्यूजियम ऑफ आर्ट, कलकत्ता। |
| प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय | ये जीव-जंतु, पेड़-पौधे, खनिज, जीवाश्म और पृथ्वी के विकास से संबंधित वस्तुओं को संग्रहित करते हैं। | राष्ट्रीय प्राकृतिक इतिहास संग्रहालय, नई दिल्ली; फॉरेस्ट म्यूजियम। |
| विज्ञान और प्रौद्योगिकी संग्रहालय | इनमें विज्ञान के सिद्धांतों, औद्योगिक उपलब्धियों, और तकनीकी आविष्कारों को प्रायः इंटरैक्टिव (working models) मॉडलों के माध्यम से प्रदर्शित किया जाता है। | विश्वेश्वरैया औद्योगिक और तकनीकी संग्रहालय, बैंगलोर; नेहरू साइंस सेंटर। |
| शिल्प संग्रहालय | ये भारत की जीवित शिल्प परंपराओं (live crafts traditions) को बढ़ावा देते हैं और कारीगरों को अपने कौशल का प्रदर्शन करने का अवसर देते हैं। | राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय, नई दिल्ली। |
| मानव/नृवंशविज्ञान संग्रहालय | ये जनजातियों की संस्कृति, सामाजिक जीवन, रीति-रिवाजों, और लोक परंपराओं को संरक्षित करते हैं। | इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय, भोपाल। |
| व्यक्ति-विशेष संग्रहालय | ये किसी प्रसिद्ध व्यक्ति के जीवन, उपलब्धियों और व्यक्तिगत वस्तुओं को प्रदर्शित करते हैं। | नेहरू संग्रहालय; महात्मा गांधी स्मारक संग्रहालय। |
| विशेषीकृत संग्रहालय | ये किसी विशिष्ट विषय या संकीर्ण क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करते हैं, जैसे डाक टिकट, सिक्के, या वस्त्र। | कैलिको म्यूजियम (वस्त्र); रेल ट्रांसपोर्ट म्यूजियम (परिवहन); राष्ट्रीय मुद्रा संग्रहालय (Philatelic)। |
III. दायरे, मॉडल और अन्य प्रकार (Classification based on Scope and Model)
- स्थल संग्रहालय (Site Museums): ये वे संग्रहालय हैं जो किसी विशिष्ट स्थल के उत्खनन या सर्वेक्षण से प्राप्त पुरावशेषों को उसी स्थल के पास संग्रह और प्रदर्शित करते हैं, ताकि उनका अध्ययन उनके स्वाभाविक वातावरण में किया जा सके। ये भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा संचालित होते हैं।
- उदाहरण: सारनाथ संग्रहालय (1904 में स्थापित प्रथम स्थल संग्रहालय), साँची, नालंदा।
- खुले आकाश के संग्रहालय (Open-Air Museums): इनमें पुनर्निर्मित इमारतों और कलाकृतियों को बाहरी स्थानों (outdoor settings) में प्रदर्शित किया जाता है, जो अतीत की जीवन शैलियों को जीवंत करते हैं।
- जीवित ऐतिहासिक संग्रहालय (Living History Museums): ये कलाकार या अभिनेता (re-enactment) का उपयोग करके अतीत को जीवंत करते हैं, जो दर्शकों को इंटरैक्टिव अनुभव प्रदान करता है।
- ग्राम संग्रहालय (Village Museums): ये ग्रामीण जनजीवन और कलाओं को प्रदर्शित करते हैं। इनका उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याओं के प्रति जागरूकता लाने में किया जाता है।
- इको म्यूजियम (Ecomuseums): यह एक नई अवधारणा है, जिसमें संग्रहालय एक भौगोलिक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता, बल्कि स्थानीय पारिस्थितिकी, विरासत और सामुदायिक भागीदारी पर जोर देता है।
- पड़ोस संग्रहालय (Neighborhood Museums): ये किसी विशेष समुदाय की सेवा के लिए स्थापित होते हैं और भौगोलिक क्षेत्र के आसपास की समस्याओं के समाधान में सहायता करते हैं।
- सचल/यात्रा प्रदर्शनी (Mobile/Itinerant Exhibition): ये प्रदर्शनी एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के लिए बनाई जाती हैं (जैसे बसों या वैन में), ताकि संग्रहालय कम सुलभ स्थानों और समुदायों तक पहुँच सके और सांस्कृतिक प्रचार कर सके।