कक्षा 11 अर्थशास्त्र अध्याय 8 भारत और इसके पड़ोसी देशों के तुलनात्मक विकास अनुभव

कक्षा 11 अर्थशास्त्र अध्याय 8 भारत और इसके पड़ोसी देशों के तुलनात्मक विकास अनुभव


📚 अध्याय 8: भारत और इसके पड़ोसी देशों के तुलनात्मक विकास अनुभव (Quick Revision Notes)


1. परिचय एवं पृष्ठभूमि (Introduction & Background)

  • क्षेत्रीय समूहों का गठन: वैश्वीकरण के दौर में विकासशील देशों के लिए अपने पड़ोसी देशों की विकास रणनीतियों को समझना आवश्यक हो गया है। इसके लिए SAARC, EU, BRICS, ASEAN, G-8, G-20 जैसे क्षेत्रीय व वैश्विक समूहों का निर्माण हुआ है।
  • राजनीतिक संरचना में भिन्नता:
    • भारत: विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्ष ढांचा।
    • पाकिस्तान: सत्तावादी एवं सैन्यवादी राजनीतिक संरचना।
    • चीन: एकदलीय (Command Economy/निर्देशित अर्थव्यवस्था) व्यवस्था।

2. विकास पथ और नीतियाँ (Development Paths & Policies)

देशस्वतंत्रता/स्थापना वर्षप्रथम पंचवर्षीय योजनाआर्थिक सुधारों की शुरुआत
भारत19471951–561991
पाकिस्तान194719561988
चीन194919531978

(क) चीन की प्रमुख विकास रणनीतियाँ:

  • ग्रेट लीप फॉरवर्ड (GLF – Great Leap Forward, 1958): इसका मुख्य उद्देश्य बड़े पैमाने पर देश का औद्योगिकीकरण करना था। लोगों को अपने घरों के पिछवाड़े में उद्योग लगाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
  • कम्यून पद्धति (Commune System): ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों द्वारा सामूहिक रूप से खेती करने की प्रणाली लागू की गई (1958 में लगभग 26,000 कम्यून थे)।
  • महान सर्वहारा सांस्कृतिक क्रांति (1966–76): माओ द्वारा शुरू की गई क्रांति, जिसके तहत छात्रों और विशेषज्ञों को ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने व सीखने भेजा गया।
  • 1978 के आर्थिक सुधार:
    • कृषि में कम्यून भूमि को छोटे-छोटे भूखंडों में आवंटित किया गया।
    • दोहरी कीमत निर्धारण पद्धति (Dual Pricing): सरकार द्वारा निर्धारित कीमतों पर तय मात्रा की खरीद-बिक्री तथा शेष वस्तुओं का बाजार मूल्य पर व्यापार।
    • विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ): विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने के लिए SEZ की स्थापना की गई।

(ख) पाकिस्तान की प्रमुख विकास नीतियाँ:

  • मिश्रित अर्थव्यवस्था: सार्वजनिक और निजी क्षेत्र का सह-अस्तित्व।
  • आयात प्रतिस्थापन एवं हरित क्रांति: 1950-60 के दशक में उपभोक्ता वस्तुओं के निर्माण हेतु आयात नियंत्रण और कृषि में यंत्रीकरण।
  • राष्ट्रीयकरण एवं निजीकरण: 1970 के दशक में पूंजीगत उद्योगों का राष्ट्रीयकरण, जिसके बाद 1970-80 के दशक के अंत में वि-राष्ट्रीयकरण (निजीकरण) पर बल दिया गया।

3. जनांकिकीय संकेतक (Demographic Indicators – 2021–23)

संकेतकभारतचीनपाकिस्तान
अनुमानित जनसंख्या (मिलियन में)1,4281,411240
वार्षिक जनसंख्या वृद्धि दर (%)0.81%-0.10%1.96%
जनसंख्या घनत्व (प्रति वर्ग किमी)473150300
लिंग अनुपात (प्रति 1,000 पुरुष)930898948
प्रजनन दर (Fertility Rate)2.01.23.4
नगरीकरण (%)36%65%38%
  • चीन की ‘एक संतान नीति’ (One-Child Policy): 1970 के दशक के अंत में लागू की गई, जिससे जनसंख्या वृद्धि पर रोक लगी | परंतु इसके कारण वृद्धों का अनुपात बढ़ा और लिंगानुपात में गिरावट आई।

4. सकल घरेलू उत्पाद (GDP) एवं क्षेत्रकीय योगदान (2022)

क्षेत्रकवार योगदान (GVA & Workforce):

  • कृषि क्षेत्र:
    • सकल वर्धित मूल्य (GVA) में योगदान: भारत (18%), चीन (8%), पाकिस्तान (24%)।
    • कार्यबल (Workforce): भारत (43%), चीन (23%), पाकिस्तान (36%)।
  • उद्योग क्षेत्र:
    • GVA में योगदान: भारत (28%), चीन (38%), पाकिस्तान (21%)।
    • कार्यबल: भारत (26%), चीन (32%), पाकिस्तान (26%)।
  • सेवा क्षेत्र:
    • GVA में योगदान: भारत (54%), चीन (54%), पाकिस्तान (55%)।
    • कार्यबल: भारत (31%), चीन (45%), पाकिस्तान (38%)।

संवृद्धि का स्वरूप (Pattern of Growth):

  • चीन: कृषि \(\rightarrow\) विनिर्माण (उद्योग) \(\rightarrow\) सेवा क्षेत्र (पारंपरिक विकास मार्ग)।
  • भारत व पाकिस्तान: कृषि से सीधे सेवा क्षेत्र की ओर स्थानांतरण (विनिर्माण क्षेत्र का अपेक्षाकृत कम विकास)।

5. मानव विकास संकेतक (Human Development Indicators – 2021–23)

संकेतकभारतचीनपाकिस्तान
मानव विकास सूचकांक (HDI Value)0.6850.7970.544
HDI रैंक (विश्व में स्थान)13078168
जन्म के समय जीवन प्रत्याशा (वर्ष)72.078.067.6
शिशु मृत्यु दर (प्रति 1,000 जन्म)25.54.851
मातृत्व मृत्यु दर (प्रति 1 लाख जन्म)10323154
गरीबी रेखा से नीचे जनसंख्या (%)21.9%0.0%21.9%

6. विकास रणनीतियों का मूल्यांकन (Evaluation)

  • चीन की तीव्र संवृद्धि के कारण:
    • 1978 के पूर्व से ही स्वास्थ्य और प्राथमिक शिक्षा के ढांचे में बड़े पैमाने पर निवेश।
    • कम्यून व्यवस्था द्वारा भूमि का समतामूलक वितरण।
    • सुधारों को पहले छोटे स्तर पर आजमाना और सफलता मिलने पर व्यापक रूप से लागू करना।
  • पाकिस्तान में आर्थिक मंदी व गरीबी के कारण:
    • तकनीकी व संस्थागत सुधारों के बजाय अच्छी फसल (मौसम) पर अति-निर्भरता।
    • मध्य-पूर्व में काम करने वाले श्रमिकों से प्राप्त धन (Remittances) तथा विदेशी सहायता/ऋणों पर अत्यधिक निर्भरता।
    • राजनीतिक अस्थिरता।
  • भारत का प्रदर्शन:
    • लोकतांत्रिक व्यवस्था के साथ स्थिर विकास, परंतु मानव विकास सूचकांकों में सुधार की और गुंजाइश।

📝 अर्धवार्षिक परीक्षा हेतु अति-महत्वपूर्ण प्रश्न (Exam Questions)

  1. अतिलघूत्तरात्मक प्रश्न:
    • चीन में ‘ग्रेट लीप फॉरवर्ड’ (GLF) अभियान कब और क्यों शुरू किया गया था?
    • भारत, चीन और पाकिस्तान में आर्थिक सुधार किस-किस वर्ष में शुरू हुए?
  2. लघूत्तरात्मक प्रश्न:
    • चीन की ‘एक संतान नीति’ (One-Child Policy) के क्या प्रभाव पड़े?
    • भारत और चीन के जीडीपी में क्षेत्रकीय योगदान (संवृद्धि के स्वरूप) की तुलना कीजिए।
  3. दीर्घउत्तरात्मक प्रश्न:
    • पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में मंदी और गरीबी पुनः बढ़ने के प्रमुख कारणों की व्याख्या कीजिए।
    • मानव विकास सूचकांक (HDI) के आधार पर भारत, चीन और पाकिस्तान के प्रदर्शन का तुलनात्मक मूल्यांकन कीजिए।

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