कक्षा 11 अर्थशास्त्र अध्याय 1 – विकास नीतियाँ और अनुभव

कक्षा 11 अर्थशास्त्र अध्याय 1 – विकास नीतियाँ और अनुभव


🔷 1.1 भूमिका (परिचय)

भारत ने 1947 में जब स्वतंत्रता प्राप्त की, तब उसे एक अत्यंत पिछड़ा हुआ आर्थिक ढांचा प्राप्त हुआ। देश की अधिकांश जनसंख्या गरीबी, बेरोजगारी और अशिक्षा से पीड़ित थी। इस स्थिति से उबरने के लिए भारत सरकार ने योजनाबद्ध आर्थिक विकास को अपनाया।

🔹 स्वतंत्रता प्राप्ति के समय की आर्थिक चुनौतियाँ:

  • भारी गरीबी और असमानता
  • उद्योग व कृषि दोनों का पिछड़ापन
  • जनसंख्या विस्फोट और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी
  • विदेशी व्यापार में घाटा

इन सब कारणों से भारत ने पाँच वर्षीय योजनाओं और विभिन्न नीतियों के माध्यम से विकास का मार्ग अपनाया।


🔷 1.2 औपनिवेशिक शासन की आर्थिक नीति

ब्रिटिश शासन का मूल उद्देश्य भारत के संसाधनों का शोषण करना था, जिससे ब्रिटेन को अधिकतम लाभ मिल सके। इसके लिए भारत को एक कच्चा माल उत्पादक और तैयार माल का उपभोक्ता बना दिया गया।

🔹 मुख्य विशेषताएँ:

  • भारत का विकास नहीं, ब्रिटिश हित प्राथमिक
  • स्वदेशी उद्योगों को दबाया गया
  • भारत के बाजारों को इंग्लैंड के माल से भर दिया गया
  • अंग्रेजों की नीतियाँ भारतीय अर्थव्यवस्था को कमजोर करती रहीं

🔷 1.3 कृषि क्षेत्र की स्थिति

भारत एक कृषि प्रधान देश था, परंतु कृषि की स्थिति अत्यंत दयनीय थी। खेती पारंपरिक थी और तकनीकी साधनों का अभाव था।

🔹 समस्याएँ:

  • 85% जनसंख्या कृषि पर आश्रित
  • जमींदारी प्रथा और अत्यधिक कर प्रणाली
  • उन्नत बीज, सिंचाई, खाद और औजारों की भारी कमी
  • किसान कर्ज और शोषण में फंसे रहते थे

अतः कृषि उत्पादन की मात्रा तो थी, परंतु उत्पादकता बहुत कम थी।


🔷 1.4 औद्योगिक क्षेत्र

ब्रिटिश शासन के अंतर्गत भारत में कुछ आधुनिक उद्योग जैसे – सूती वस्त्र, जूट, लोहा-इस्पात आदि विकसित हुए, लेकिन उनका नियंत्रण विदेशी कंपनियों के हाथों में था।

🔹 सीमाएँ:

  • तकनीकी पिछड़ापन
  • स्थानीय उद्यमियों को अवसर नहीं
  • उद्योगों का प्रसार सीमित और असमान
  • भारतीय उद्योगों का शोषण

इससे भारतीय औद्योगिक ढांचे का स्वतंत्र विकास नहीं हो सका।


🔷 1.5 विदेशी व्यापार

भारत का विदेशी व्यापार पूरी तरह इंग्लैंड पर आधारित था। यहाँ से कच्चा माल निर्यात होता और तैयार माल आयात होता।

🔹 प्रमुख पहलू:

  • व्यापार संतुलन में लगातार घाटा
  • भारत को विदेशी मुद्रा की हानि
  • व्यापार का नियंत्रण पूरी तरह अंग्रेजों के पास
  • भारत का आर्थिक आत्मनिर्भरता से दूर होना

🔷 1.6 जनसंख्या की स्थिति

स्वतंत्रता से पूर्व भारत में जनसंख्या तेजी से बढ़ रही थी लेकिन जीवन स्तर अत्यंत निम्न था।

🔹 तथ्य:

  • जीवन प्रत्याशा मात्र 32 वर्ष
  • शिशु मृत्यु दर बहुत अधिक (218 प्रति 1000)
  • साक्षरता दर अत्यंत कम (महिलाओं में केवल 7%)
  • स्वास्थ्य सेवाओं की भारी कमी

यह स्थिति देश के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए गंभीर बाधा बनी रही।


🔷 1.7 व्यावसायिक संरचना

व्यावसायिक संरचना यह दर्शाती है कि जनसंख्या किन-किन क्षेत्रों में कार्यरत है। उस समय की संरचना अत्यंत असंतुलित थी।

🔹 संरचना:

  • 70–75% जनसंख्या कृषि में कार्यरत
  • केवल 10–20% लोग उद्योग और सेवाओं में
  • ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की भारी कमी
  • शहरी क्षेत्रों में सीमित औद्योगिक अवसर

🔷 1.8 अधोसंरचना

ब्रिटिश सरकार ने अपने व्यापारिक हितों के लिए कुछ अधोसंरचना विकसित की, जैसे रेल, डाक, सड़कें आदि, परंतु आम जनता को इनसे विशेष लाभ नहीं मिला।

🔹 अधोसंरचना की स्थिति:

  • रेलवे का विकास केवल व्यापारिक दृष्टिकोण से
  • गाँवों तक परिवहन की सुविधा नहीं
  • सड़कें मानसून में खराब हो जाती थीं
  • डाक और संचार सीमित और शहरी क्षेत्रों तक केंद्रित

🔷 1.9 निष्कर्ष

200 वर्षों के ब्रिटिश शासन ने भारत की आर्थिक नींव को कमजोर कर दिया था। कृषि और उद्योग दोनों पिछड़े हुए थे, व्यापार घाटे में था और संसाधनों का असमान वितरण था। स्वतंत्रता प्राप्त भारत को एक मजबूत अर्थव्यवस्था बनाने के लिए बहुत मेहनत और योजनाबद्ध प्रयासों की आवश्यकता थी।


Quick Recap

✔ भारत की अर्थव्यवस्था स्वतंत्रता के समय कई मोर्चों पर पिछड़ी थी।
✔ ब्रिटिश शासन ने भारतीय आर्थिक प्रणाली को अपने स्वार्थ के लिए ढाला।
✔ कृषि और उद्योग दोनों में विकास की संभावनाएँ दबा दी गईं।
✔ जनसंख्या, स्वास्थ्य, शिक्षा और अधोसंरचना की स्थिति चिंताजनक थी।
✔ भारत को शून्य से विकास शुरू करना पड़ा।


📚 प्रश्नोत्तर

A. एक शब्द/वाक्य में उत्तर दीजिए

  1. भारत में पहली जनगणना कब हुई थी?
    ➤ 1881 में
  2. स्वतंत्र भारत में किस वर्ष पहली बार योजना शुरू की गई?
    ➤ 1951 में
  3. ब्रिटिश शासन में भारत का मुख्य व्यापारिक भागीदार कौन था?
    ➤ इंग्लैंड
  4. स्वतंत्रता के समय भारत की जीवन प्रत्याशा कितनी थी?
    ➤ लगभग 32 वर्ष
  5. औपनिवेशिक काल में भारत का प्रमुख उद्योग कौन-सा था?
    ➤ वस्त्र उद्योग

B. लघु उत्तरात्मक प्रश्न

  1. ब्रिटिश शासन की आर्थिक नीति का उद्देश्य क्या था?
    ➤ ब्रिटिश शासन का उद्देश्य भारत को केवल कच्चा माल देने वाला उपनिवेश बनाना और ब्रिटेन के तैयार माल के लिए एक बड़ा बाजार उपलब्ध कराना था। भारत के संसाधनों का शोषण कर ब्रिटेन की समृद्धि बढ़ाना ही उनका मुख्य लक्ष्य था।
  2. स्वतंत्रता के समय भारत की कृषि व्यवस्था की दो प्रमुख समस्याएँ लिखिए।

    (i) भूमि कर और जमींदारी प्रथा ने किसानों का शोषण किया।
    (ii) सिंचाई, खाद, उन्नत बीजों और यंत्रों का अभाव था।
  3. भारत का विदेशी व्यापार घाटे में क्यों था?
    ➤ क्योंकि भारत से कच्चा माल निर्यात होता था और तैयार वस्तुएँ इंग्लैंड से आयात की जाती थीं। इससे व्यापार संतुलन नकारात्मक होता गया और विदेशी मुद्रा की भारी हानि हुई।
  4. व्यावसायिक संरचना से आप क्या समझते हैं?
    ➤ यह दर्शाती है कि जनसंख्या का कितना प्रतिशत भाग कृषि, उद्योग और सेवा क्षेत्रों में कार्यरत है।
  5. जनसंख्या की दृष्टि से भारत की क्या स्थिति थी?
    ➤ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर बहुत अधिक थी, जीवन प्रत्याशा 32 वर्ष और साक्षरता दर बहुत कम (महिलाओं में केवल 7%) थी।

C. दीर्घ उत्तरात्मक प्रश्न

  1. औपनिवेशिक शासन की आर्थिक नीतियों का भारत की अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ा?
    उत्तर:
    औपनिवेशिक शासन के अंतर्गत भारत को आर्थिक रूप से कमजोर और निर्भर बना दिया गया। भारत को एक कच्चा माल उत्पादक और उपभोक्ता बाजार में बदल दिया गया।
    • पारंपरिक उद्योग ध्वस्त हो गए।
    • कृषि में शोषण बढ़ा, तकनीकी प्रगति नहीं हुई।
    • विदेशी व्यापार पूरी तरह इंग्लैंड पर आधारित रहा।
    • उद्योगों में विदेशी पूंजी का नियंत्रण रहा।
    • भारत आत्मनिर्भरता से दूर होता गया।
  2. स्वतंत्र भारत को किन आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा?
    उत्तर:
    • भारी गरीबी और बेरोजगारी
    • जनसंख्या वृद्धि के साथ जीवन प्रत्याशा बेहद कम
    • कृषि व उद्योगों की दयनीय स्थिति
    • विदेशी मुद्रा भंडार की कमी
    • स्वास्थ्य, शिक्षा और अधोसंरचना की बदहाली
      इन सभी समस्याओं को हल करने के लिए योजनाबद्ध विकास आवश्यक था।

D. बहुविकल्पीय प्रश्न

  1. स्वतंत्रता के समय भारत की जनसंख्या की जीवन प्रत्याशा क्या थी?
    A) 52 वर्ष
    B) 45 वर्ष
    C) 32 वर्ष
    D) 28 वर्ष
    उत्तर: C) 32 वर्ष
  2. भारत में पहली जनगणना किस वर्ष हुई थी?
    A) 1857
    B) 1881
    C) 1901
    D) 1875
    उत्तर: B) 1881
  3. ब्रिटिश शासन के दौरान भारत का मुख्य व्यापारिक भागीदार कौन था?
    A) अमेरिका
    B) जर्मनी
    C) फ्रांस
    D) इंग्लैंड
    उत्तर: D) इंग्लैंड
  4. स्वतंत्रता के समय भारत की महिला साक्षरता दर कितनी थी?
    A) 16%
    B) 10%
    C) 7%
    D) 25%
    उत्तर: C) 7%
  5. भारत में रेलमार्गों का विकास मुख्यतः किस उद्देश्य से किया गया?
    A) नागरिक सुविधा के लिए
    B) उद्योगों के विकास के लिए
    C) सैन्य गतिविधियों के लिए
    D) व्यापारिक हितों के लिए
    उत्तर: D) व्यापारिक हितों के लिए

E. रिक्त स्थान भरें

  1. भारत में पहली जनगणना __________ में हुई थी।
    उत्तर: 1881
  2. स्वतंत्रता के समय भारत की औसत जीवन प्रत्याशा __________ वर्ष थी।
    उत्तर: 32
  3. ब्रिटिश शासन में भारत एक __________ उत्पादक उपनिवेश था।
    उत्तर: कच्चा माल
  4. __________ ब्रिटिश शासन का मुख्य व्यापारिक भागीदार था।
    उत्तर: इंग्लैंड
  5. भारत में स्वतंत्रता प्राप्ति के समय __________% लोग कृषि पर निर्भर थे।
    उत्तर: लगभग 75%

error: Content is protected !!