राष्ट्रीय आय (National Income): अवधारणाएँ और मापन की विधियाँ

यहाँ राष्ट्रीय आय (National Income) की अवधारणाएँ और मापन की विधियों पर विस्तृत नोट्स दिए गए हैं

राष्ट्रीय आय: एक परिचय

अर्थ और परिभाषा: राष्ट्रीय आय से अभिप्राय एक राष्ट्र की एक वर्ष में आर्थिक क्रियाओं के फलस्वरूप उत्पादित अंतिम वस्तुओं एवं सेवाओं के मौद्रिक मूल्य के योग से होता है।

  • यह किसी देश के सामान्य निवासियों द्वारा अर्जित आय का कुल जोड़ है, चाहे वह देश की घरेलू सीमा के भीतर हो या बाहर,,।
  • मार्शल (Marshall) के अनुसार: देश का श्रम व पूँजी वहां के प्राकृतिक संसाधनों पर कार्य करते हुए प्रतिवर्ष भौतिक तथा अभौतिक वस्तुओं एवं सेवाओं का जो विशुद्ध योग उत्पन्न करते हैं, वही देश की वास्तविक राष्ट्रीय आय है,।
  • साइनम कुजनेट्स के अनुसार: यह वस्तुओं एवं सेवाओं की वह विशुद्ध उत्पत्ति है जो एक वर्ष की अवधि में देश की उत्पादन प्रणाली से अंतिम उपभोक्ताओं के हाथों में पहुँचती है,।

राष्ट्रीय आय से संबंधित प्रमुख अवधारणाएँ (Basic Concepts)

राष्ट्रीय आय को समझने के लिए इसके विभिन्न समुच्चयों (Aggregates) को समझना आवश्यक है। यहाँ प्रमुख अवधारणाएँ दी गई हैं:

1. सकल घरेलू उत्पाद (Gross Domestic Product – GDP):

  • बाजार कीमत पर (GDP MP): एक लेखा वर्ष में देश की घरेलू सीमा के अंदर उत्पादित सभी अंतिम वस्तुओं एवं सेवाओं के बाजार मूल्य का जोड़ है। इसमें मूल्यह्रास (Depreciation) शामिल होता है,,।
    • सूत्र: $GDP_{MP} = C + I + G + (X – M)$ (जहाँ C=उपभोग, I=निवेश, G=सरकारी व्यय, X-M=शुद्ध निर्यात),,।
  • साधन लागत पर (GDP FC): इसे ‘घरेलू आय’ भी कहते हैं। यह बाजार कीमत पर GDP में से शुद्ध अप्रत्यक्ष कर (अप्रत्यक्ष कर – सब्सिडी) घटाने पर प्राप्त होता है,।

2. सकल राष्ट्रीय उत्पाद (Gross National Product – GNP): यह GDP और विदेशों से प्राप्त शुद्ध कारक आय (Net Factor Income from Abroad – NFIA) का योग है। यह देश के नागरिकों द्वारा उत्पादित वस्तुओं और सेवाओं का माप है, चाहे वे कहीं भी स्थित हों,,।

  • सूत्र: $GNP = GDP + NFIA$

3. शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद (Net National Product – NNP): जब GNP में से ‘मूल्यह्रास’ (Depreciation) या स्थिर पूँजी के उपभोग को घटा दिया जाता है, तो शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद प्राप्त होता है,,।

4. राष्ट्रीय आय (National Income – NI): वास्तविक अर्थों में साधन लागत पर शुद्ध राष्ट्रीय उत्पाद ($NNP_{FC}$) को ही ‘राष्ट्रीय आय’ कहा जाता है। यह उत्पादन के साधनों (भूमि, श्रम, पूँजी, उद्यम) को प्राप्त होने वाली आय (लगान, मजदूरी, ब्याज, लाभ) का योग है,,।

  • सूत्र: $NI = NNP_{MP} – \text{अप्रत्यक्ष कर} + \text{सब्सिडी}$

5. अन्य महत्वपूर्ण अवधारणाएँ:

  • वैयक्तिक आय (Personal Income): यह वह आय है जो देश के व्यक्तियों या परिवारों को सभी स्रोतों से प्राप्त होती है (इसमें हस्तांतरण भुगतान शामिल होते हैं, लेकिन अवितरित निगम लाभ और निगम कर घट जाते हैं),,।
  • प्रयोज्य आय (Disposable Income): यह वह आय है जो व्यक्तियों के पास प्रत्यक्ष कर (जैसे आयकर) चुकाने के बाद बचती है और जिसे वे खर्च या बचत कर सकते हैं,,।
  • हरित राष्ट्रीय आय (Green National Income): यह वह राष्ट्रीय आय है जो शुद्ध राष्ट्रीय आय में से प्राकृतिक संसाधनों के शोषण और पर्यावरण प्रदूषण की लागत को घटाकर निकाली जाती है,,।

राष्ट्रीय आय मापन की विधियाँ (Methods of Measurement)

राष्ट्रीय आय को मापने की तीन प्रमुख विधियाँ हैं, जो अर्थव्यवस्था में उत्पादन, आय और व्यय के चक्रीय प्रवाह पर आधारित हैं,,:

1. उत्पादन विधि या मूल्य वृद्धि विधि (Product or Value Added Method)

यह विधि उत्पादन स्तर पर राष्ट्रीय आय को मापती है। इसमें प्रत्येक उत्पादक उद्यम द्वारा की गई ‘मूल्य वृद्धि’ (Value Addition) का योग किया जाता है ताकि दोहरी गणना (Double Counting) से बचा जा सके,,।

  • प्रक्रिया:
    1. अर्थव्यवस्था को प्राथमिक (कृषि), द्वितीयक (उद्योग), और तृतीयक (सेवा) क्षेत्रों में वर्गीकृत किया जाता है,।
    2. प्रत्येक क्षेत्र के सकल उत्पादन मूल्य में से मध्यवर्ती उपभोग (कच्चे माल की लागत) को घटाकर ‘सकल मूल्य वृद्धि’ (GVA) या $GDP_{MP}$ निकाला जाता है,।
    3. अंत में, मूल्यह्रास और शुद्ध अप्रत्यक्ष करों को समायोजित करके राष्ट्रीय आय ($NNP_{FC}$) प्राप्त की जाती है,।
  • सावधानी: पुरानी वस्तुओं की बिक्री और मध्यवर्ती वस्तुओं के मूल्य को इसमें शामिल नहीं किया जाता,।

2. आय विधि (Income Method)

इस विधि में उत्पादन के कारकों (Factors of Production) को मिलने वाले भुगतान के रूप में राष्ट्रीय आय मापी जाती है। इसे ‘कारक भुगतान विधि’ भी कहते हैं,,।

  • घटक:
    1. कर्मचारियों का पारिश्रमिक: नकद मजदूरी, वेतन, और सामाजिक सुरक्षा में मालिकों का योगदान,。
    2. प्रचालन अधिशेष (Operating Surplus): संपत्ति और उद्यमशीलता से प्राप्त आय (लगान, ब्याज और लाभ),。
    3. मिश्रित आय (Mixed Income): स्वरोजगार वाले व्यक्तियों (जैसे डॉक्टर, किसान) की आय,。
  • सूत्र: $NDP_{FC} = \text{कर्मचारियों का पारिश्रमिक} + \text{प्रचालन अधिशेष} + \text{मिश्रित आय}$। इसके बाद इसमें विदेशों से प्राप्त शुद्ध आय जोड़कर राष्ट्रीय आय निकाली जाती है,。
  • सावधानी: हस्तांतरण भुगतान (पेंशन, वजीफा) और गैर-कानूनी आय को शामिल नहीं किया जाता,。

3. व्यय विधि (Expenditure Method)

यह विधि अंतिम वस्तुओं और सेवाओं पर किए गए कुल व्यय को जोड़कर राष्ट्रीय आय मापती है,,।

  • मुख्य घटक:
    1. निजी अंतिम उपभोग व्यय (C): परिवारों द्वारा किया गया खर्च,。
    2. सरकारी अंतिम उपभोग व्यय (G): सरकार द्वारा वस्तुओं/सेवाओं पर खर्च,。
    3. निवेश व्यय (I): पूँजी निर्माण, जैसे मशीनरी, निर्माण कार्य और स्टॉक में निवेश,。
    4. शुद्ध निर्यात (X – M): निर्यात और आयात का अंतर,。
  • सूत्र: $GDP_{MP} = C + I + G + (X – M)$।
  • सावधानी: पुरानी वस्तुओं और शेयर/बॉण्ड्स पर किए गए खर्च को शामिल नहीं किया जाता क्योंकि यह केवल वित्तीय हस्तांतरण है, नया उत्पादन नहीं,。

मापन में कठिनाइयाँ

राष्ट्रीय आय को मापने में दो प्रमुख प्रकार की कठिनाइयाँ आती हैं,,:

  1. धारणात्मक कठिनाइयाँ (Conceptual Problems):
    • ऐसी सेवाएँ जिनका मौद्रिक मूल्य नहीं होता (जैसे गृहिणी का कार्य) को शामिल नहीं किया जाता।
    • स्वयं के उपभोग के लिए रखा गया उत्पादन (जैसे किसान द्वारा खुद के लिए रखा अनाज) का मूल्य आंकना कठिन होता है,。
  2. सांख्यिकीय कठिनाइयाँ (Statistical Problems):
    • आंकड़ों की अनुपलब्धता या अविश्वसनीयता।
    • दोहरी गणना की समस्या (Double Counting)।
    • मूल्य स्तर में परिवर्तन (Inflation) के कारण सही तुलना करने में कठिनाई,。

महत्व

राष्ट्रीय आय के आंकड़े देश के आर्थिक कल्याण, जीवन स्तर, और आर्थिक विकास की दर को समझने में मदद करते हैं। यह सरकार को आर्थिक नीतियां बनाने और विभिन्न क्षेत्रों (कृषि, उद्योग) के योगदान का विश्लेषण करने में सहायक होते हैं,,。

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