राजस्थान के आभूषण

राजस्थान के प्रमुख आभूषण – RBSE Board Special

राजस्थान के प्रमुख आभूषण

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) की पुस्तकों पर आधारित सम्पूर्ण संकलन

👑 सिर एवं कान के आभूषण

सिर व मस्तक:

बोर, बोरला, शीशफूल, राखड़ी, मेमन्द, टिकड़ा, फिणी, टिड्डी भलको, सांकली, गोफण, सिरमांग, मोलि, झेला, कुमकुम, बिंदी, तिलक, ताबित, थूँथी, पत्री, सणगार, काचर, थिंवणो।

कान:

झुमका, टोटी, अंगोट्या, ओगणिया, सुरलिया, कुण्डल, लूंग, पीपलपत्रा, झेला, लटकन, बाली, कर्णफूल, मोरपवर, एरंगपत्तो, कोकरू, भँवरिया, जेला, खूँगाली, टोंटी, कडुक, झटको, पत्ती, झूमर।

👃 नाक एवं दाँत के आभूषण

नाक:

नथ, बेसरी RBSE, बारी, कांटा, चूनी, चोप, भंवरा, लटकन, फीणी, लौंग, नथनी, वेण, खींवन, कड़क, बुलाक, नकेसर, नथ-बिजली।

दाँत:

चूँप, मेख, धांस, धोंस, कील, रखन।

📿 गले के आभूषण (RBSE विशेष)

तमनियां, कंठी, झालर, हांसली, तिमणिया, चम्पाकली, पंचलड़ी, मंदलिया, ठुस्सी, हमेल, मादलिया, मंगलसूत्र, निबोरी, तांती, चन्दनहार, हांस, तुलसी, पोत, सरी, बजट्टी, खाटली, मादलिया, तेवटो, मुक्तमाला, खुंगाली, हालरो, हँसहार।

✋ हाथ एवं बाजू

बाजू/हाथ बाजूबंद, नवरत्न, भुजबंध, टड्डा, अनत, हारपान, बट्टा, आरत, चुड़ला, हारपान, चूड़ला।

कलाई चूड़ियाँ, कंगन, गोखरू, गजरा, बंगड़ी, पूंचिया, हथफूल, कातरिया, बलैया, नौकरी, पाटला, छड़ा, आंवला, मूठिया।

अंगुली बींठी, दामणा, छड़ा, अरसी, हत्थपान, मूंदड़ी, पवित्रि, अंगुथलो, नथड़ी, भंवकड़ी।

👣 कमर एवं पैर

कमर:

कणकती, कंदोरा, तगड़ी, करधनी, सटका, जंजीर, कमरबंध, कसन, कन्दोरा, वसन।

पैर:

कड़ा, लंगर, पायल, पायजेब, नूपुर, घुंघरू, झांझर, नेवरी, फौलरी, बिछिया, गुलो, तोड़िया, छड़ा, हिरनामैन, टणका, अनोटपोल, मसूरिया, जोधपुरी जोड़, लछने, तेधड़।

💡 बोर्ड पुस्तक के महत्वपूर्ण “Key Points”:

बेसरी: यह नाक का आभूषण है जिसे किशनगढ़ की “बणी-ठणी” चित्र में दिखाया गया है।
कूँवा: काँच की चूड़ियों को ‘कतरिया’ और लाख की चूड़ियों को ‘कूँवा’ कहते हैं।
आंवला: पैर में पहने जाने वाला कड़े जैसा आभूषण (अक्सर कन्फ्यूज करता है)।
तिंगुली: यह पैर की अंगुली का आभूषण है।

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड – विशेष संकलन

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