नगरी सभ्यता (चित्तौड़गढ़) का संपूर्ण इतिहास और महत्वपूर्ण तथ्य | Rajasthan CET 2026

नगरी सभ्यता (चित्तौड़गढ़) का संपूर्ण इतिहास और महत्वपूर्ण तथ्य | Rajasthan CET 2026

राजस्थान CET 2026 परीक्षा के दृष्टिकोण से ‘नगरी सभ्यता’ (Nagari Civilization) का इतिहास बहुत ही गौरवशाली और महत्वपूर्ण है। यह राजस्थान के प्राचीन जनपदों और वैष्णव (भागवत) धर्म के प्रारंभिक साक्ष्यों का प्रमुख केंद्र रहा है। आइए नगरी सभ्यता के उन सभी तथ्यों को विस्तार से समझते हैं जो सीधे परीक्षाओं में पूछे जाते हैं।

नगरी सभ्यता की स्थिति, नदी और प्राचीन नाम:

  • जिला: यह सभ्यता राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में स्थित है।
  • नदी: यह बेड़च नदी (Bedach River) के किनारे विकसित हुई (यह भी आहड़-बनास संस्कृति का ही हिस्सा है)।
  • प्राचीन नाम: नगरी का प्राचीन नाम ‘मध्यमिका’ (Madhyamika) था। महाभारत काल में यह ‘शिवि जनपद’ (Sibi Janapada) की राजधानी हुआ करती थी।

खोज और उत्खनन (Discovery & Excavation):

  • इस स्थल का सर्वप्रथम उत्खनन 1904 ई. में डॉ. डी. आर. भंडारकर (D. R. Bhandarkar) द्वारा किया गया था।
  • बाद में 1962-63 ई. में केंद्रीय पुरातत्व विभाग द्वारा भी यहाँ खुदाई करवाई गई।

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नगरी सभ्यता के प्रमुख साक्ष्य और विशेषताएं (Key Findings – परीक्षा के लिए रट लें!):

  1. घोसुंडी शिलालेख (Ghosundi Inscription): यह नगरी सभ्यता का सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य है। द्वितीय शताब्दी ईसा पूर्व का यह शिलालेख राजस्थान में ‘वैष्णव (भागवत) धर्म’ के प्रचार-प्रसार का सबसे प्राचीन प्रमाण है। (इसे सर्वप्रथम डी. आर. भंडारकर ने ही पढ़ा था)।
  2. शिवि जनपद के सिक्के: यहाँ खुदाई में भारी मात्रा में तांबे के सिक्के मिले हैं जिन पर ब्राह्मी लिपि में “मझिमिकाया शिविजनपदस” लिखा हुआ है, जो यह सिद्ध करता है कि यह शिवि जनपद की राजधानी थी।
  3. हाथीबाड़ा का लेख: यहाँ से हाथीबाड़ा नामक स्थान के अवशेष मिले हैं, जहाँ एक विशाल चारदीवारी (प्राचीर) बनी हुई थी।
  4. पाणिनी और पतंजलि के ग्रंथों में उल्लेख: संस्कृत के महान विद्वान पाणिनी की ‘अष्टाध्यायी’ और पतंजलि के ‘महाभाष्य’ में भी मध्यमिका (नगरी) का स्पष्ट उल्लेख मिलता है।
  5. गुप्तकालीन मंदिर: यहाँ से गुप्त काल और उत्तर-गुप्त काल के मंदिरों के अवशेष भी प्राप्त हुए हैं।

निष्कर्ष:

परीक्षा में नगरी सभ्यता से मुख्य रूप से 3 सवाल बनते हैं: “शिवि जनपद की राजधानी क्या थी?” (मध्यमिका), “राजस्थान में वैष्णव धर्म का सबसे प्राचीन साक्ष्य कहाँ मिला?” (घोसुंडी शिलालेख), और इसका उत्खनन किसने किया (डी. आर. भंडारकर)।

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