भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि और विकास की स्थिति का मूल्यांकन

भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि और विकास की स्थिति का मूल्यांकन (Evaluation of Growth and Development Status) भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति का मूल्यांकन करने के लिए, संवृद्धि (Growth) और विकास (Development) के बीच के अंतर को समझना आवश्यक है। आर्थिक संवृद्धि एक मात्रात्मक संकल्पना है जो वास्तविक राष्ट्रीय आय में वृद्धि पर ध्यान केंद्रित करती है, … Read more

व्यापार संतुलन Balance of Trade

व्यापार संतुलन Balance of Trade पर विस्तृत नोट्स यद्यपि दिए गए स्रोतों में “व्यापार संतुलन” की औपचारिक परिभाषा कम दी गई है, यह अवधारणा विदेशी व्यापार (Foreign Trade) और भुगतान शेष (Balance of Payments) के संदर्भ में प्रमुखता से दिखाई देती है, जो किसी देश के निर्यात (Exports) और आयात (Imports) के बीच के अंतर … Read more

National Debt राष्ट्रीय ऋण

National Debt राष्ट्रीय ऋण भारतीय अर्थव्यवस्था के संदर्भ में, ‘राष्ट्रीय ऋण’ को मुख्य रूप से विदेशी ऋण (External Debt) और आंतरिक/घरेलू उधार (Domestic Borrowing) के माध्यम से समझा जाता है, जो सरकार की वित्तीय देनदारियाँ होती हैं। I. विदेशी ऋण (External Debt) का विस्तार और भार विदेशी सहायता और ऋण ने भारत के आर्थिक विकास … Read more

आर्थिक संवृद्धि (Economic Growth)

आर्थिक संवृद्धि (Economic Growth) की दर किसी अर्थव्यवस्था के निष्पादन को दर्शाने वाला एक मूलभूत संकेतक है। दिए गए स्रोतों में, जीडीपी/राष्ट्रीय आय की संवृद्धि दरें, विभिन्न क्षेत्रों की संवृद्धि दरें, और जनसंख्या वृद्धि दर के लक्ष्य तथा वास्तविक उपलब्धियाँ विस्तृत रूप से शामिल हैं। यहाँ वृद्धि दर (Growth Rate) से संबंधित प्रमुख जानकारी दी … Read more

Basic economic indicators: GDP (सकल घरेलू उत्पाद)

Basic economic indicators: GDP (सकल घरेलू उत्पाद) जीडीपी (GDP) और उससे संबंधित संकेतक (जैसे GNP, NDP, बचत दरें) भारतीय अर्थव्यवस्था के प्रदर्शन और संरचनात्मक परिवर्तनों को दर्शाने वाले प्राथमिक माप रहे हैं। I. राष्ट्रीय आय और प्रति व्यक्ति आय (National Income and Per Capita Income) आर्थिक विकास को मापने का एक पारंपरिक तरीका सकल राष्ट्रीय … Read more

भारतीय अर्थव्यवस्था में सकल घरेलू उत्पाद Gross Domestic Product-GDP

भारतीय अर्थव्यवस्था में सकल घरेलू उत्पाद (Gross Domestic Product-GDP) या शुद्ध घरेलू उत्पाद (Net Domestic Product-NDP) में विभिन्न क्षेत्रों का योगदान, विशेष रूप से 1950-51 से 1995-96 की अवधि के दौरान, महत्वपूर्ण संरचनात्मक परिवर्तनों को दर्शाता है। I. राष्ट्रीय आय और प्रति व्यक्ति आय के संदर्भ में II. प्रमुख क्षेत्रों का शुद्ध घरेलू उत्पाद (NDP) … Read more

पूर्ण प्रतियोगिता बाजार से संबंधित अति लघुत्तरात्मक प्रश्न-उत्तर

purnpratiyogita-bazar पूर्ण प्रतियोगिता बाजार से संबंधित अति लघुत्तरात्मक प्रश्न-उत्तर प्रश्न 1: पूर्ण प्रतियोगिता बाजार क्या होता है? उत्तर: पूर्ण प्रतियोगिता बाजार वह बाजार होता है जहाँ बहुत सारे विक्रेता और क्रेता होते हैं, तथा किसी एक विक्रेता या क्रेता का बाजार मूल्य पर कोई नियंत्रण नहीं होता। प्रश्न 2: पूर्ण प्रतियोगिता बाजार की प्रमुख विशेषताएँ … Read more

Consumer Protection

Consumer Protection ★ Consumer Protection: – ● The guidelines for consumer protection were approved by the United Nations General Assembly on 9 April 1985. The consumer movement first started in Maharashtra in 1904. ● The credit for starting the consumer movement in independent India goes to the then Chief Minister of Madras State (Shri Chakravarti … Read more

arthashaastr adhyaay 1 parichay कक्षा 11 अर्थशास्त्र अध्याय 1 परिचय

एनसीईआरटी  कक्षा 11 अर्थशास्त्र अध्याय 1 परिचय kaksha 11 arthashaastr adhyaay 1 parichay kaksha 11 arthashaastr adhyaay 1 parichay प्रश्न अर्थशास्त्र में उपभोग से क्या तात्पर्य है ? उत्तर उपभोग से तात्पर्य मानवीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए वस्तुओं एवं सेवाओं के प्रयोग करने से है । प्रश्न मिश्रित अर्थव्यवस्था क्या कहलाती है? उत्तर वह … Read more

Upabhokta ke Vyavahaar ka Siddhaant उपभोक्ता के व्यवहार का सिद्धांत

Upabhokta ke Vyavahaar ka Siddhaant उपभोक्ता के व्यवहार का सिद्धांत अध्याय 2: उपभोक्ता के व्यवहार का सिद्धांत  Theory of Consumer Behavior प्रश्न 1. बजट सेट किसे कहते हैं ? उत्तर बजट से दो वस्तुओं के उन सभी संयोगों का समूह है, जिन्हें उपभोक्ता उनकी दी हुई कीमत पर अपनी सीमित आय से खरीद सकता है … Read more

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