कक्षा 9 हिंदी स्पर्श पाठ 8 गीत-अगीत
कक्षा 9 हिंदी स्पर्श पाठ 8 गीत-अगीत गीत-अगीत अर्थ और व्याख्या (1) — तट, निर्झरी और गुलाब वाला दृश्य पंक्ति 1:“गाकर गीत विरह के तटिनी वेगवती बहती जाती है,” पंक्ति 2:“दिल हलका कर लेने को उपलों से कुछ कहती जाती है।” पंक्ति 3 (गुलाब का विचार):“तट पर एक गुलाब सोचता, ‘देते स्वर यदि मुझे विधाता, … Read more