Gangaur गणगौर

Gangaur गणगौर Gangaur गणगौर गण- अर्थात शिव गौर अर्थात गौरी पार्वती शिव-पार्वती के रूप में ईसरजी और गणगौर की प्रतिमाओं का पूजन किया जाता है। (होली के अगले दिन से) चैत्र कृष्ण प्रतिपदा से चैत्र शुक्ल तृतीया तक अविवाहित लड़कियां अपने लिए योग्य वर की कामना करती है। विवाहित स्त्रियां अपने अखंड सुहाग की कामना … Read more

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TEEJ तीज

TEEJ तीज TEEJ तीज तीज का त्योहार श्रावण शुक्ल तृतीया को मनाया जाता है। विवाह के पश्चात पहली तीज महिलाएं अपने पीहर में मनाती है। स्त्रियां पेड़ों पर झूले डालकर झूलती है। विवाह के पश्चात पहले श्रावण मास में सास बहू को एक साथ नहीं रहना चाहिए नहीं तो अनिष्ट की आशंका रहती है ऐसी … Read more

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Paryatan Sambandhi Andolan पर्यावरण संबंधी प्रमुख आंदोलन

Paryatan Sambandhi Andolan पर्यावरण संबंधी प्रमुख आंदोलन खेजडली आंदोलन :- पश्चिम राजस्थान मरुस्थल क्षेत्र राजस्थान – जोधपुर जिला खेजडली गांव अमृता देवी विश्नोई के नेतृत्व में 1730 में 363 स्त्री पुरुष ने वनों के लिए बलिदान दिया था। उनकी स्मृति में ‘एक मृग उपवन’ स्थापित किया गया है प्रतिवर्ष भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की … Read more

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Ghas Sthal घास स्थल

Ghas Sthal घास स्थल Ghas Sthal घास स्थल उष्णकटिबंधीय घास के मैदान (भूमध्य रेखा के दोनों और उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों तक) निम्न से मध्यम वर्षा वाले क्षेत्रों में 2 से 4 मीटर की ऊंचाई तक बढ़ना प्रमुख अफ्रीका ‘सवाना’ घास के मैदान (विश्व में सबसे बड़े) ब्राजील में ‘कंपोज’ वेनेजुएला में ‘लानोस’ [प्रमुख जानवर- हिरण, तेंदुआ, … Read more

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Kondhari Van कोणधारी वन

Kondhari Van कोणधारी वन Kondhari Van कोणधारी वन उत्तरी गोलाद्ध के उच्च अक्षांशो (50°-70°) में उत्तरी अमेरिका तथा यूरेशिया के विस्तृत भाग पर शंकुधारी वन मिलते हैं सर्वाधिक विस्तार रूस में है। ( दक्षिण‌ गोलार्ध में यह वन नहीं मिलते ) इन्हें कनाडा में ‘टैगा वन’ भी कहा जाता है ठंडी जलवायु व बर्फबारी के … Read more

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vishv vano ke prakar विश्व में पाए जाने वाले वनों के प्रकार

vishv vano ke prakar विश्व में पाए जाने वाले वनों के प्रकार सदाबहार वन :- उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन :- अत्यधिक गर्म व अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में विषुवत रेखा के दोनों ओर 10° उत्तरी व 10° दक्षिणी अक्षांशों तक वर्षभर हरा-भरा रहने वाले विश्व की सर्वाधिक लताएं विश्व मैं सर्वाधिक जैव विविधता इन वनों में … Read more

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sant ramcharan संत रामचरण जी

sant ramcharan संत रामचरण जी sant ramcharan संत रामचरण जी जन्म 1719 में माघ शुक्ल चतुर्दशी को सोडा गांव में मूल नाम :- रामकिशन दीक्षा 1751 दांतड़ा ग्राम में (रामकिशन से रामचरण बने) गुरु कृपा राम जी वैरागी 1798 बैरागी हो गए निर्गुण भक्ति में उपदेश दिए शाहपुरा नरेश रण सिंह ने इनके लिए छतरी … Read more

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Sant Rana Bai संत रानाबाई

Sant Rana Bai संत रानाबाई Sant Rana Bai संत रानाबाई पिता – राम गोपाल जाट माता – गंगाबाई जन्म – मारवाड़ के हरनावा गांव में 1504 में वैशाख शुक्ल तृतीया को गुरु – पालड़ी के संत चतुरदास भक्ति – यह कृष्ण भक्ति थी जीवित समाधि – 66 वर्ष की आयु में हरनावा में फाल्गुन शुक्ल … Read more

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Sant Mavji संत मावजी

Sant Mavji संत मावजी Sant Mavji संत मावजी जन्म – 1714 में साबला गांव में प्रवर्तक – निष्कलंक संप्रदाय तपस्या –  माही सोम के संगम पर एक गुफा में ज्ञान प्राप्ति – 1784 में माघ शुक्ल एकादशी को (गुरुवार) इसी दिन वहां पर माव जी ने बेणेश्वर (वृंदावन) धाम की स्थापना की ग्रंथ :- पांच … Read more

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Sant Dadu Dayal संत दादू दयाल

Sant Dadu Dayal संत दादू दयाल Sant Dadu Dayal संत दादू दयाल जन्म – अमदाबाद गुजरात 1544 में फाल्गुन शुल्क अष्टमी को दीक्षा – बुडढन वृद्धानंद नामक संत से 1568 में सांभर धुनिया का कार्य किया 25 शिक्षकों के साथ आमेर आए [14 वर्ष रहे] 1585 में फतेहपुर सीकरी की यात्रा की (अकबर से भेंट … Read more

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