Giuseppe Metsini

Giuseppe Metsini Giuseppe Metsini was born in Genoa in 1807 and became a member of the secret organization of the Carbonary. At the age of 24, he was ostracized for revolutionizing Liguria. He then established two more underground organizations. First- Young Italy in Marseille and Second- Young Europe in Bern. The members of which were … Read more

A LETTER TO GOD LESSON 1 Class 10

Class 10 LESSON 1 A LETTER TO GOD Only  one एकमात्र Entire सम्मपूर्ण, पूरी Valley घाटी Crest पहाड की चोटी low hill नीची पहाडी Height ऊँचाई River नदी Field खेत Ripe पका हुआ Corn अनाज Dotted बिखरे हुए Flowers फूल Always हमेषा Promised वादा करना Harvest फसल Earth पृथ्वी Needed आवश्यकता थी Downpour म्ूासलाधार वर्षां … Read more

Chittorgarh ka Kila चित्तौड़गढ़ का किला

Chittorgarh ka Kila चित्तौड़गढ़ का किला प्रश्न :- चित्तौड़ का किला कब बना था? उत्तर:- मौर्यों द्वारा सातवीं सदी में प्रश्न :-  चित्तौड़ के महाराजा कौन थे? उत्तर:-  महाराणा प्रताप सिंह प्रश्न :-  चित्तौड़गढ़ दुर्ग का निर्माण कब हुआ? उत्तर:- 7 वीं शताब्दी में चित्रांगद मौर्य के द्वारा प्रश्न :-  चित्तौड़गढ़ का पुराना नाम क्या … Read more

Marusthaliya Van मरुस्थलीय वन

Marusthaliya Van मरुस्थलीय वन उष्णकटिबंधीय मरुस्थलीय वन महाद्वीपों के पश्चिमी भागों में 20° से 30° अक्षांशो के मध्य रेगिस्तान में पाई जाने वाली वनस्पति मरुद्भिद् कहलाती है अधिक तापमान व कम वर्षा (25cm से कम) होने के कारण ऊंचाई कम, पत्तियां छोटी व मोटी, छाल मोटिवा जड़े गहरी होती है उत्तरी अफ़्रीका सहारा मरुस्थल दक्षिण … Read more

rajasthan ke pramukh mele राजस्थान के प्रमुख मेले

rajasthan ke pramukh mele राजस्थान के प्रमुख मेले पुष्कर जी का मेला– पुष्कर अन्नकूट का मेला- नाथद्वारा शिवरात्रि का मेला- शिवाड क्षेत्र (सवाई माधोपुर) सालासर हनुमान जी का मेला- सांलासर चुरु दधिमती माता का मेला- गोठं मांगलोद (नागौर) चारभुजा का मेला- चारभुजा (जिला राजसमंद) कैलादेवी का मेला- करौली धुलेव का मेला- केसरियाजी भ्रतहरि का मेला– … Read more

Jeenmata Mela जीणमाता मेला

Jeenmata Mela जीणमाता मेला सीकर के रेवाया गांव में। माता की आठ भुजा वाली मूर्ति है। मंदिर का निर्माण 1121 में मोहिल के हठड ने करवाया। यहां घी और तेल की दो अखंड जोत सैकड़ों वर्षो तक प्रज्वलित है। यह मंदिर माता जीण और उनके भाई हर्ष के कथानक के लिए भी जाना जाता है … Read more

Pushkar Mela पुष्कर मेला

Pushkar Mela पुष्कर का मेला Pushkar Mela पुष्कर का मेला कार्तिक माह की पूर्णिमा को लगता है। ब्रह्माजी के मंदिर के पीछे की पहाड़ियों पर सावित्री माता का मंदिर है। मान्यता है कि यहां पर ब्रह्माजी ने कमल के फूल से विर्जनाथ नाम के राक्षस का संहार किया था, और कमल की पंखुड़ियां वहां गिरने … Read more

Bharthari Mela भृतहरि का मेला अलवर

Bharthari Mela भृतहरि मेला Bharthari Mela भृतहरि का मेला भृतहरि में (अलवर जिला) साल में दो बार यह मेला लगता है1. वैशाख में 2. भाद्रपद में।यह मेला संतों के आदित्य के कारण लघु कुंभ के समान लगता है।भृतहरि कि यहां समाधि भी है।संबंधित कथानक- कहा जाता है कि गोपीचंद भृतहरी एक बहुत बड़े राजा थे। … Read more

Khatu Shyam ka Mela खाटूश्याम जी का मेला

Khatu Shyam ka Mela खाटूश्याम जी का मेला Khatu Shyam ka Mela खाटूश्याम जी का मेला यह मेला फाल्गुन शुक्ल दशमी से द्वादशी तक लगता है यह सीकर जिले में स्थित है। खाटू श्याम के श्याम शीश के दानी के रूप में विख्यात हैं। मंदिर के पास श्याम बगीचा और श्याम कुंड भी दर्शनीय स्थान … Read more

KARNI MATA MELA करणी माता का मेला

KARNI MATA  MELA करणी माता का मेला KARNI MATA MELA करणी माता का मेला चैत्र और आश्विन माह की नवरात्रा में मेला लगता है। बीकानेर के नोखा तहसील के देशनोक में यह मंदिर स्थित है। राठौड़ों की कुलदेवी मानी जाती है। यह मंदिर “चूहो के मंदिर” के नाम से जाना जाता है। स्थानीय भाषा में … Read more

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