पाठ 2 सुभागी प्रेमचंद

पाठ 2 सुभागी प्रेमचंद पाठ 2 सुभागी प्रेमचंद * अति लघुत्त्तरात्मक प्रश्न :– प्रश्न 1. सुभागी ने घर का क्या-क्या काम संभाल रखा था? उत्तर सुभागी ने घर का सारा काम संभाल रखा था । वह प्रतिदिन प्रातः जल्दी उठकर कूटने -पीसने में लग जाती, चौका-बर्तन करती, गोबर थापती और खेत में काम करने चली … Read more

कक्षा 8 पाठ 2 लाख की चूड़ियाँ (कामतानाथ)

कक्षा 8 पाठ 2 लाख की चूड़ियाँ (कामतानाथ)प्रश्न – उत्तरप्रश्न 1. बचपन में लेखक अपने मामा के गाँव चाव से क्यों जाता था, और बदलू को ‘बदलू मामा’ न कहकर ‘बदलू काका’ क्यों कहता था?उत्तर बचपन में लेखक अपने मामा के गाँव चाव से इसलिए जाता था, क्योंकि बदलू मनिहार उसे खेलने के लिए रंग … Read more

पाठ 1 समर्पण रामावतार त्यागी

पाठ 1 समर्पण रामावतार त्यागी पाठ 1 समर्पण (रामावतार त्यागी) प्रश्न – उत्तर प्रश्न 1. कविता में किसके चरण की धूल भाल पर मल ने की बात कही है?उत्तर कविता में मातृभूमि के चरणों की धूल भाल पर मलने की बात कही है क्योंकि कवि के द्वारा भारत माता के प्रति अपना सम्मान प्रकट करना … Read more

LESSON 1 A LETTER TO GOD HINDI MEANINGS

LESSON 1 A LETTER TO GOD HINDI MEANINGS LESSON 1 A LETTER TO GOD HINDI MEANINGS LESSON 1 A LETTER TO GOD HINDI MEANINGS Only  one एकमात्र Entire सम्मपूर्ण, पूरी Valley घाटी Crest पहाड की चोटी low hill नीची पहाडी Height ऊँचाई River नदी Field खेत Ripe पका हुआ Corn अनाज Dotted बिखरे हुए Flowers … Read more

LESSON 1 A LETTER TO GOD

LESSON 1 A LETTER TO GOD LESSON 1 A LETTER TO GOD Question 1: What did Lencho hope for? Answer: Lencho hoped for rains; because the crop in his field needed rains. Question 2: Why did Lencho say the raindrops were like ‘new coins’? Answer: As raindrops would have helped in getting a better harvest, … Read more

इस जल प्रलय में फणीश्वरनाथ रेणु

इस जल प्रलय में फणीश्वरनाथ रेणु इस जल प्रलय में फणीश्वरनाथ रेणु।                         1. बाढ़ की खबर सुनकर लोग किस तरह की तैयारी करने लगे? 2. बाढ़ की सही जानकारी लेने और बाढ़ का रूप देखने वेफ लिए लेखक क्यों उत्सुक था? 3. सबकी शबान … Read more

विलोम शब्द

विलोम शब्द शब्द — विलोम शब्द ऐक्य – अनैक्य एकांत – अनेकांत कटु – मधुर कृष्ण – शुक्ल कृपण – उदार घात – प्रतिघात शाश्वत – क्षणिक नैसर्गिक – कृतिम हित – अहित होनी – अनहोनी ममत्व – परत्व द्वैत – अद्वैत ईश्वर – अनीश्वर उष्ण – शीत तीक्ष्ण –  सरल त्याग – भोग थाह … Read more

वृक्षों का महत्व

वृक्षों का महत्व वृक्षों का महत्व वृक्ष भगवान का मनुष्य के लिए बहुमूल्य उपहार हैं। वृक्ष मनुष्यो एवं पशुओं को जीवन देते हैं। हम वनों से अनेक पदार्थ प्राप्त करते हैं। हम लकड़ी प्राप्त करते हैं यह फर्नीचर तथा अन्य वस्तु को बनाने में काम आती हैं। यह जलाने के लिए ईधन प्राप्त कराती हैं। … Read more

अर्थशास्त्र एक परिचय

अर्थशास्त्र एक परिचय अर्थशास्त्र एक परिचय    प्रश्न 1अर्थशास्त्र में उपभोग से क्या तात्पर्य हैं ? उत्तर अर्थशास्त्र में उपभोग से तात्पर्य मानवीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए वस्तुओं एवं सेवाओं के प्रयोग करने से हैं। प्रश्न 2 मिश्रित अर्थव्यवस्था क्या कहलाती हैं ? उत्तर वह अर्थव्यवस्था जिसमे निजी एवं सार्वजनिक उद्यम, दोनों एक साथ … Read more

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